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एक्टर आर माधवन की तरह आप भी अपने बच्चे को खेल के लिए करें मोटिवेट

अक्सर हम एक्टर के बच्चों को एक्टर, मॉडल, डायरेक्टर या प्रॉड्यूसर बनते हुए देखते हैं। लेकिन बॉलीवुड स्टार आर माधवन ने इस बात को दरकिनार करते हुए अपने बेटे को स्विमिंग चैंपियन बनाना चाहते हैं। एक्टर के बेटे आर माधवन डेनिस ओपन में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं। वेदांत एक बेहतरीन तैराक हैं। स्पॉर्ट्स में अपने बेटे का सपना पूरा करने के लिए आर माधवन हर संभव काम करने की कोशिश कर रहे हैं। जिसके लिए सोशल मीडिया पर उनकी काफी प्रशांसा भी हो रही है। ऐसे में आर माधवन हर माता-पिता के लिए एक उदाहरण बन गए हैं। जहां लोग खेल को करियर न समझते हुए अपने बच्चों को इंजीनियर डॉक्टर बनाना चाहते हैं। वहां आर माधवन अपने बेटे को उसका सपना पूरा करने में मदद कर रहे हैं। ऐसे में हर माता-पिता को अपने बच्चों को उनकी पसंद का करियर चुनने की आजादी देनी चाहिए। लेकिन कैसे आइए आपको बताते हैं।

स्टेट और नेशनल लेवल पर खेलने का दें मौका
हर माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई के साथ बिल्कुल भी समझौत नहीं करना चाहते है। लेकिन अगर आपका बच्चा किसी खेल में बहुत अच्छा है, और उसे स्टेट या नेशनल लेवल पर खेलने का मौका मिल रहा है। तो आप उन्हें रोकने की जगह उनका साथ दें। क्योकिन ये खेल उन्हें काफी आगे तक ले जा सकता है।

बचपन में खेलने से न रोके बच्चों के कदम
बचपन से ही बच्चों का खेल में इंट्रेस्ट देखना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों को अलग-अलग खेल खेलने दें। ताकि वो अपने पसंद का खेल ढूंढ़ पाएं। अपने खुद के नए खेल बनाएं। बच्चे को दूसरे बच्चों के और उनके दोस्तों के साथ खेलने दें। इससे न सिर्फ बच्चे फिजिकली स्ट्रोंग बने रहेंगे, बल्कि दूसरों के बीच रहना भी सीख पाएंगे।

बच्चों के साथ देखें खेल
टीवी देखना हर बच्चे को पसंद होता है। ऐसे में आप अपने बच्चे के साथ बैठकर टीवी पर उनकी पसंद का खेल देखे। जैसे कई बच्चों को क्रिकेट पसंद होता है, तो कई बच्चों को फूटबॉल। टीवी पर खेल देखने से ना सिर्फ उस खेल में उनकी और रूची बढ़ेगी। बल्कि उस खेल के नियम को भी अच्छे से जान पाएंगे। अगर हो सकें तो बच्चों के साथ इन खेलों को घर में खेले। इससे ना सिर्फ आपका बच्चों के साथ बॉन्ड अच्छा होगा। बल्कि खेलों के प्रति उनका रूझान भी बढ़ेगा। टीवी पर खेल देखकर वो खिलाड़ियों को खेलता देखकर खुद को उस खेल के लिए मोटिवेट कर पाएंगे।

कई तरह के सिखाएं खेल
बच्चों को अलग-अलग तरह के खेल खेलना पसंद होता है। देसी से लेकर विदेशी खेलों में भी बच्चों की रूची हो सकती है। खो-खो, कबड्डी जैसे देसी खेल के साथ गोल्फ, क्रिकेट,वॉलीबॉल जैसे विदेशी खेलों को भी बढ़ावा दें। इस तरह बच्चें अपनी पसंद के खेल को पहचना पाएंगे। उस खेल में खुद को सक्षम बना पाएंगे।

स्कूल के खेलों में भी बच्चे लें हिस्सा
स्कूलों में भी स्पोर्ट्स को बहुत बढ़ावा दिए जाने लगा है। हर स्कूल में अलग अलग खेलों की स्पोर्ट्स टीम बनाई जाती है। आप कोशिश करें की आपका बच्चा अपने पसंद के खेल की टीम का स्कूल में हिस्सा बनें। ताकि वो खुद को उस खेल के लिए तैयार हो सकें। कोशिश करें की बच्चे को उनके पसंद के खेल की आप बचपन से ही ट्रेनिंग करवा सकें।



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