ये संकेत बताते हैं आपके बच्चे को है नींद से जुड़ी परेशानी

हर माता-पिता को अपने बच्‍चे को बीमार देखकर बहुत बुरा लगता है। सामान्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्याओं को तो आसानी से पहचाना जा सकता है लेकिन नींद से संबंधित विकारों की पहचान तब तक नहीं हो पाती है जब तक कि आप उस पर बारीकी से ध्‍यान ना दें। नींद से संबंधित विकारों में नींद आने में दिक्‍कत, आधी रात को नींद से जागना, बिस्‍तर गीला करना आदि शामिल है। स्‍टडी के अनुसार 30 फीसदी बच्‍चे इस समस्‍या से ग्रस्‍त हैं। ये बहुत जरूरी है कि आप अपने बच्‍चे में समय र‍हते इसके संकेतों की पहचान कर लें।

दिन में ज्‍यादा सोना (ईडीएस)

दिन में ज्‍यादा सोना (ईडीएस)

नींद संबंधी विकार का सबसे सामान्‍य लक्षण दिन में बहुत ज्‍यादा सोना है। कभी-कभी बच्‍चा थकान की वजह से दिन में सो सकता है लेकिन अगर आपके बच्‍चे को रोज दिन में ही नींद आती है तो ये खतरे की घंटी हो सकती है। दिन में बार-बार सोना भी ठीक नहीं है।

बुरे सपने आना

बुरे सपने आना

बड़ों की तरह बच्‍चों को भी बुरे सपने आते हैं। कई बार बच्‍चे नींद से अचानक उठ जाते हैं और इसकी वजह कोई डर हो सकता है। अगर आपके बच्‍चे को बार-बार बुरे सपने आ रहे हैं तो ये नींद संबंधी विकार की वजह से हो सकता है। इससे बच्‍चे की नींद भी प्रभावित होती है और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं भी हो सकती हैं।

इनसोमनिया

इनसोमनिया

अगर बच्‍चे को सोने में दिक्‍कत आ रही है तो उसमें इनसोमनिया की शिकायत हो सकती है। किसी तनाव की वजह से भी नींद आने में परेशानी हो सकती है। अगर आपका बच्‍चा रात को देर तक जागता रहता है तो ये आपके लिए चिंता का सबब बन सकता है।

खर्राटे लेना

खर्राटे लेना

खर्राटे लेना नुकसानदायक नहीं होता है लेकिन फेफड़ों में ब्‍लॉकेज के कारण खर्राटे आ सकते हैं। इससे नींद संबंधी विकार पैदा हो सकते हैं। नाक में कफ जमने, श्‍वसन संक्रमण, टॉन्सिल बढ़ने की वजह से बच्‍चों को खर्राटे आ सकते हैं। हालांकि, कुछ गंभीर मामलों में ऑब्‍स्‍ट्रक्‍टिव स्लीप एपनिया की वजह से भी रोज खर्राटे आते हैं। लगभग 3 फीसदी बच्‍चे इस बीमारी से ग्रस्‍त हैं।

रात में डर जाना

रात में डर जाना

बुरे सपने आना और रात में डर जाना दो अलग बातें हैं। कई बार बच्‍चे रात को अचानक नींद से उठकर चिल्‍लाने या रोने लगते हैं। इसमें सांस फूलने, पसीना आने, मांसपेशियों में खिंचाव आने की भी शिकायत हो सकती है। हालांकि, 5 में से एक बच्‍चा नाइट टेरर से ग्रस्‍त होता है।

बिस्‍तर गीला करना

बिस्‍तर गीला करना

5 साल से कम उम्र के बच्‍चे रात को बिस्‍तर गीला करते हैं और ये कोई गंभीर समस्‍या नहीं है। लेकिन अगर आपका बच्‍चा सप्‍ताह में 3 से 4 बार से ज्‍यादा बिस्‍तर गीला करता है तो ये नींद संबंधी विकार का संकेत हो सकता है।

नींद में चलना

नींद में चलना

अगर आपका बच्‍चा आधी रात को उठकर नींद में चलने लगता है तो ये परेशानी की बात हो सकती है। नींद में चलते समय बड़बड़ाना भी सही नहीं है। कभी-कभी ऐसा होना सही है लेकिन अगर बार-बार बच्‍चा ऐसा करता है तो बाल चिकित्‍सक को जरूर दिखाएं।

Story first published: Monday, August 19, 2019, 9:00 [IST]
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