Latest Updates
-
Navratri Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती -
अष्टमी-नवमी पर कन्याओं के लिए 15 मिनट में तैयार करें भोग की थाली, नोट करें परफेक्ट हलवा-चना रेसिपी -
Durga Ashtami 2026 Wishes: मां दुर्गा का आशीर्वाद मिले...दुर्गा अष्टमी पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Durga Ashtami Sanskrit Wishes: दुर्गा अष्टमी के पावन मौके पर अपने प्रियजनों को भेजें ये संस्कृत संदेश -
Aaj Ka Rashifal 26 March 2026: आज दुर्गा अष्टमी और शुक्र गोचर का महासंयोग, जानें मेष से मीन तक का राशिफल -
Bank Holidays March 2026: अगले 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, राम नवमी पर कहां-कहां रहेगी छुट्टी? देखें पूरी लिस्ट -
कौन हैं अनन्या बिड़ला? RCB के बिकने के बाद सोशल मीडिया पर छाईं, जानिए उनकी नेट वर्थ -
गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या से रहते हैं परेशान तो करें ये 5 योगासन, पाचन तंत्र होगा मजबूत -
Chaitra Navratri 2026 Havan: अष्टमी या नवमी पर हवन कैसे करें? जानें हवन विधि, मंत्र, मुहूर्त और सामग्री -
काली कोहनी को गोरा करने के 2 आसान घरेलू उपाय, एक ही बार में दूर हो जाएगा जिद्दी कालापन
बच्चे को हैप्पी चाइल्ड बनाने के लिए पहले साल में ऐसे करें उसकी केयर
छोटे बच्चे की देखभाल करना यकीनन एक बेहद ही चैलेंजिंग टास्क होता है। पैरेंट्स को सिर्फ बच्चे की जरूरत का ही ख्याल नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें इस बात पर भी फोकस करने की आवश्यकता है कि वह बच्चे को उसके जीवन के पहले साल में बेहतर परवरिश दें। जिससे वह आगे चलकर एक हैप्पी चाइल्ड बन सके। अमूमन पैरेंट्स इस बात पर बहुत अधिक ध्यान नहीं देते हैं, जबकि यह वास्तव में बेहद आवश्यक है। आप हर एक आलिंगन या किस के साथ, हर पौष्टिक भोजन और खेल के साथ, अपने बच्चे के मस्तिष्क के निर्माण में मदद कर रहे हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही सुझावों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके बच्चे को जीवन में सबसे अच्छी शुरुआत देने में मदद कर सकते हैं-

एक से छह महीने की ऐसे करें परवरिश
• अपने बच्चे को देखने और उस तक पहुंचने के लिए उसके आसपान रंगीन चीज़ों को धीरे-धीरे घुमाएँ। एक साधारण घर के बने खिलौने की आवाज आपके बच्चे की उसकी ओर आकर्षित करेगी।
• अपने बच्चे के साथ मुस्कुराएं और हंसें। जब आप ऐसा करते हैं तो बच्चा भी जल्द ही बदले में मुस्कुराता हुआ नजर आता है।
• अपने बच्चे से बात करें और उसकी आवाज़ या इशारों को कॉपी करें। आपको उसे धीरे-धीरे अपने चेहरे पर ध्यान केंद्रित करते हुए देखना चाहिए और बदले में आपकी नकल करने की कोशिश करनी चाहिए।
• अपने बच्चे को किसी वस्तु का फॉलो करने में मदद करें। जब वह इसे देखे, तो इसे धीरे-धीरे एक तरफ से दूसरी तरफ और ऊपर और नीचे ले जाएं।
• परिचित चीजों, लोगों और जानवरों के साधारण चित्र काटें। कोशिश करें कि उसमें बहुत सारे अलग-अलग रंग, बनावट और चेहरे हो। जब आपका बच्चा आपको देखता है तो उन तस्वीरों के बारे में बात करें। आपको यह देखना चाहिए कि आपका शिशु आपकी बातों को कैसे सुनता है और अपने तरीके से भाग लेता है।
• अपने बच्चे के साथ एक खेल खेलें। उसे अपने पेट पर रखें और धीरे-धीरे अपनी उंगलियों को उसकी ओर ले जाएं। फिर उसे धीरे से हल्की गुदगुदी करें। इस तरह के खेल से बच्चा खुशी का अनुभव करता है। आप उसे खिलखिलाते हुए देखें।

छह से नौ महीने की ऐसे करें केयर
• आप बच्चे से कुछ छोटे-छोटे प्रश्न पूछ सकते हैं। साथ ही, उसे उत्तर के लिए बहुत समय दें। अपने मन में 10 तक गिनें। यदि कोई उत्तर नहीं आता है, तो प्रश्न का उत्तर स्वयं दें। अगली बार एक दूसरे आसान प्रश्न को पूछें।
• जितना हो सके अपने बच्चे का नाम बोलें। इससे वह देखेगा कि यह कौन कह रहा है और उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश करेगा।
• कभी भी ज्यादा जोर से न बोलें या गाएं, क्योंकि इससे बच्चे डर सकते हैं।
• जितना हो सके मुस्कुराएं और अपने बच्चे को आराम और विश्वास प्रदान करें।
• अपने बच्चे की जिज्ञासा को विकसित करने और उसे नई चीजें सीखने में मदद करने के लिए सरल चित्र वाली किताबें, पजल्स, हाथ की कठपुतली और गुड़िया दें। एक साधारण पहेली बनाने के लिए, बस कार्डबोर्ड या अन्य सामग्री के एक टुकड़े पर एक चित्र चिपकाएं और उसे सेक्शन में काट लें।

9-12 महीने के बेबी की ऐसे करें परवरिश
• अपने शिशु के साथ हाइड एंड सीक खेलें और देखें कि क्या वह आपके द्वारा छिपाई गई वस्तुओं को ढूंढ सकता है। आप कपड़े के नीचे इन्हें छिपा सकते हैं और कह सकते हैं कि यह कहां गया। इससे बच्चे में उन चीजों को ढूंढने की एक उत्सुकता पैदा होती है।
• अपने शिशु को चीजों और लोगों के नाम बताएं। उसे रुचि दिखानी चाहिए और जल्द ही शब्दों और वस्तुओं या लोगों के बीच संबंध बनाने की कोशिश करेगा।
• अपने बच्चे को दिखाएं कि हाथों से बातें कैसे कहें जैसे उसे नमस्ते या बाय कहना सिखाएं। जल्द ही आपके बच्चे को आपकी नकल करने की कोशिश करनी चाहिए। इससे बच्चा मूवमेंट और वोकल एक्सप्रेशन के बीच एक रिलेशन बना लेगा।
• शरीर के अंगों की पहचान करवाने के लिए आप एक गुड़िया की आंख, नाक और मुंह की ओर इशारा करें। गुड़िया पर शरीर का एक हिस्सा दिखाने के बाद, उसी हिस्से को अपने और अपने बच्चे पर स्पर्श करें। अब बच्चे को उसकी हाथों की मदद से पहले डॉल पर और फिर खुद पर आंखें, नाक और मुंह छुएं। धीरे-धीरे बच्चा इन विभिन्न अंगों को पहचानने व उन्हें याद रखने में सक्षम होगा।



Click it and Unblock the Notifications











