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छोटे बच्चों को गुड़ खिलाना उनकी सेहत के लिए अच्छा है या नहीं, जानें
यह तो हम सभी जानते हैं कि चीनी का सेवन बच्चों के लिए अच्छा नहीं होता है। इससे उनके मानसिक ग्रोथ पर नेगेटिव असर पड़ता है। ऐसे में चीनी के हेल्दी विकल्प के रूप में बच्चों को गुड़ देने की सलाह दी जाती है। गन्ने के रस से बनने वाला गुड़ बच्चों को कई लाभ पहुंचाता है।
गुड़ नेचुरल और अनरिफाइंड है, इसलिए उसे हेल्दी स्वीटनर के रूप में देखा जाता है। हालांकि, यह जरूरी है कि आप इसे सही उम्र में ही बच्चों को देना शुरू करें। जब इसे सही उम्र में बच्चों को दिया जाता है तो उन्हें बेहद लाभ मिलते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

क्या छोटे बच्चों को गुड़ दे सकते हैं?
गुड़ को यूं तो सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है, लेकिन बच्चों को इसे देना चाहिए या नहीं, इसे लेकर अक्सर पैरेंट्स दुविधा में रहते हैं। आप अपने बच्चे को बिना किसी झिझक के गुड़ खाने के लिए दे सकते हैं। चूंकि, गुड़ आयरन का एक अच्छा स्रोत है, इसलिए यह बच्चे को एनीमिया से लड़ने में मदद कर सकता है। लेकिन फिर भी यह सलाह दी जाती है कि बच्चे की डाइट में गुड़ शामिल करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
बच्चे को गुड़ कब देना शुरू करें?
बच्चों के लिए गुड़ काफी अच्छा माना जाता है, लेकिन इसे सही उम्र से ही देना शुरू करना चाहिए। छोटे बच्चों की डाइट में गुड़ तभी शामिल करना चाहिए, जब वे एक साल के ना हो जाएं। बाल रोग विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि जब तक बच्चे एक साल के नहीं हो जाते तब तक उन्हें किसी भी प्रकार की शुगर नहीं दी जानी चाहिए। अगर आप चाहें तो बच्चे को फलों का रस दे सकते हैं।
छोटे बच्चों को गुड़ देने के क्या फायदे हैं?
अगर आपका शिशु एक वर्ष से अधिक उम्र का है और आप उसकी डाइट में गुड़ शामिल करते हैं तो इससे उसे कई लाभ मिल सकते हैं। मसलन-
• चूंकि गुड़ आयरन का अच्छा स्रोत है, इसलिए यह शिशु को एनीमिक होने से बचाता है।
• गुड़ में मौजूद फॉस्फोरस और कैल्शियम बच्चे की हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में मदद करते हैं।
• गुड को एक अनरिफाइंड शुगर माना जाता है। जिसके कारण इसके सेवन से बच्चे का लिवर क्लीन और डिटॉक्स होता है।
• गुड़ के सेवन से बच्चों का इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। दरअसल, गुड़ में ना केवल एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। बल्कि यह कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, सेलेनियम, जिंक जैसे मिनरल्स और विटामिन का एक अच्छा स्त्रोत है।
• गुड़ के सेवन से बच्चे को मौसमी बीमारियों जैसे फ्लू, खांसी और जुकाम होने की संभावना काफी कम हो जाती है। साथ ही, यह समस्या होने पर गुड़ के पानी से उन्हें काफी राहत भी मिलती है।
• गुड़ पेट और आंत में पाचन एंजाइमों को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे पाचन में सहायता मिलती है। ऐसे में बच्चों को कब्ज की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है।
• बच्चों को अपेक्षाकृत अधिक एनर्जी की जरूरत होती है। ऐसे में गुड़ एक बेहतरीन ऊर्जा स्त्रोत के रूप में काम कर सकता है।
इसका रखें ध्यान
इस बात में कोई दोराय नहीं है कि गुड़ का सेवन शिशुओं के लिए विशेष रूप से लाभदायी है। लेकिन फिर भी आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। मसलन, जब तक बच्चा एक वर्ष का ना हो, तब तक उसकी डाइट में गुड़ शामिल ना करें। इसके अलावा, उसे हमेशा सीमित मात्रा में ही गुड़ खाने के लिए दें। अधिक गुड़ के सेवन से बच्चा बहुत अधिक कैलोरी ले लेता है, जिससे उसे आगे चलकर मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।



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