कभी सोचा है डॉक्‍टर क्‍यों पूछती है आपसे लास्‍ट पीरियड डेट, इसके पीछे है ये चार वजह

जब भी आप कभी बीमार होती हैं और डॉक्टर के पास जाती हैं तो अमूमन डॉक्टर आपसे आपकी लास्ट पीरियड डेट के बारे में अवश्य पूछती है। हम सभी बिना झिझक के गायनेकालॉजिस्ट को अपनी पीरियड डेट के बारे में बता देते हैं।

लेकिन क्या आपके मन में कभी यह ख्याल आया है कि वास्तव में डॉक्टर ऐसा क्यों करती हैं। उनका इस सवाल को पूछने के पीछे कई कारण होते हैं। एक गायनेकालॉजिस्ट जब आपके लास्ट पीरियड डेट के बारे में पूछती हैं तो इससे वे आपकी हेल्थ के बारे में काफी कुछ जान पाती हैं।

know-why-gynae-ask-about-last-period-date-in-hindi

इतना ही नहीं, इस एक सवाल के कारण उन्हें अपने पेंशेट को बेहतर ट्रीटमेंट देने में भी मदद मिलती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी वजह से एक डॉक्टर अपनी पेशेंट से उसकी लास्ट पीरियड डेट के बारे में पूछते हैं-

पीरियड्स की रेग्युलेरिटी के बारे में जानना

किसी भी लड़की या महिला के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए यह जरूरी है कि उसका पीरियड साइकल सही हो। अगर किसी महिला के पीरियड्स का साइकल सही नहीं होता है तो यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत होता है। ऐसे में जब एक गायनेकालॉजिस्ट आपसे लास्ट पीरियड डेट के बारे में पूछती है तो इससे वह आपकी स्वास्थ्य समस्या को समझने की कोशिश करती है। कई बार समय पर पीरियड्स ना आना हार्मोनल असंतुलन, तनाव और पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर (पीसीओडी) का भी एक संकेत हो सकता है।

प्रेग्नेंसी को कंफर्म करना

कभी-कभी पीरियड्स ना आने की एक वजह प्रेग्नेंसी भी हो सकती है। यदि एक महिला यौन रूप से सक्रिय है या गर्भवती होने की कोशिश कर रही है, तो ऐसे में डॉक्टर उसकी प्रेग्नेंसी कंफर्म करने के लिए भी उससे लास्ट पीरियड डेट के बारे में पूछ सकते हैं। अगर पीरियड मिस होते हैं तो ऐसे में प्रेग्नेंसी कंफर्म करने के लिए वह बाद में प्रेग्नेंसी टेस्ट करवा सकती हैं।

कंसीव करने में मिलती है मदद

एक महिला का पीरियड साइकल 28-30 दिन का हो सकता है। ऐसे में अगर कोई कपल पैरेंट बनना चाहता है और महिला कंसीव करने की कोशिश कर रही है तो ऐसे में उसकी लास्ट पीरियड डेट के आधार पर डॉक्टर उन्हें बता सकती है कि उनका ओव्यूलेशन पीरियड कब से कब तक हो सकता है। ऐसे में लास्ट पीरियड डेट को जानकर डॉक्टर कपल को कंसीव करने में हेल्प कर सकती है। साथ ही, अगर महिला ने कंसीव कर लिया है तो लास्ट पीरियड डेट से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि महिला को कंसीव किए हुए कितना समय हो चुका है। इसी के आधार पर उसकी अनुमानित डिलीवरी डेट के बारे में भी पता चल जाता है।

टेस्ट करवाने में आसानी

जब डॉक्टर को लास्ट पीरियड डेट के बारे में पता चलता है तो इससे उसे अपने पेशेंट को डायग्नोस करने में मदद मिलती है। उसके आधार पर वह यह तय करती है कि पेशेंट के लिए किन टेस्ट को करवाना सही रहेगा। यूं तो आजकल कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन लास्ट पीरियड डेट जानने में बाद कई तरह की संभावनाएं खुद ब खुद खत्म हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर आपके केवल जरूरी टेस्ट ही करवाती है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद वह अपने पेशेंट का बेहतर इलाज कर पाती हैं। मसलन, अगर किसी महिला को पीरियड खत्म होने के बाद भी दूसरे साइकल से पहले हल्का स्पॉट आता है तो यह प्रेग्नेंसी और ओव्यूलेशन से अलग है। यह गर्भाशय फाइब्रॉएड या अन्य स्थिति के कारण हो सकता है। इस तरह पीरियड लास्ट डेट और पीरियड फ्लो के बारे में जानना डॉक्टर के लिए बेहद जरूरी है।

Story first published: Sunday, May 14, 2023, 15:00 [IST]
Desktop Bottom Promotion