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टॉक्सिक पेरेंट्स की गलतियां जो बच्चों की सेहत पर डालती है बुरा असर
हर पेरेंट्स अपने बच्चों का अच्छा ही चाहते हैं, कोई ये नहीं चाहता था कि उनके बच्चों को किसी तरह की परेशानी हो। लेकिन वो इसी अच्छे के चक्कर में कई बार कुछ ऐसा कर देते हैं, जिससे बच्चे का फायदा होने की जगह नुकसान होने लगता है। एक रिसर्च में भी ये साबित है कि जब बच्चे सेल्फ कॉन्फिडेंस से भरें होते हैं तो हर काम आसानी से कर लेते हैं। लोगों से जल्दी घुलमिल पाते हैं। लेकिन इस पर माता-पिता के बिहेवियर पर बच्चों पर काफी असर होता है। अगर पेरेंट्स बच्चों पर ज्यादा बंदिश लगाते हैं या फिर पेरेंट्स खुद एक टॉक्सिक रिलेशन में रह रहे होतें हैं तो इसका असर बच्चों पर साफतौर पर पड़ता है।

बच्चे के इमोशन को ना समझना
जब माता-पिता बच्चे को इमोशनली रूप से इग्नोर करने लगते है, ऐसा वो जानबूझ कर नहीं करते, लेकिन जानें अनजाने में वो ऐसा कर जाते हैं। जो बच्चों को काफी हर्ट करता है। अगर बच्चा इमोशनली कमजोर है तो पेरेंट्स उसे हर तरह से सपोर्ट करें।

बच्चे को विक्टम बनाकर पेश करना
कई पेरेंट्स अपने बच्चों से इस तरह से ट्रीट करते हैं, जिससे वो जिद ना करें या फिर किसी चीज के लिए उनसे ना बोले लेकिन ये बच्चों के विकास के लिए सही नहीं है। कई पेरेंट्स बच्चों से झूठ बोलकर काम करवा लेते हैं। या फिर माता-पिता बच्चों के सामने इस तरह से रिएक्ट करते हैं जिससे बच्चे अपनी फेमली को उसी तरह से देखने लगते हैं, लेकिन वास्तविकता उससे काफी अलग होती है।
मोटिवेशन की जगह दूसरों से कंपेयर करना
कई बार ऐसा भी होता है कि पेरेंट्स अपने बच्चों को मोटिवेट करते-करते इतने आगे बढ़ जाते हैं कि उनको मोटिवेट ना कर दूसरे के साथ कंपैरिजन कर लग जाते हैं। आपके बच्चे अपने आपको कमतर समझने लग जाएंगे, इसलिए उतना ही उनको समझाएं जितना कि वो समझ सकें और उस पर अमल कर सकें।

बच्चों को पीटना
कई माता-पिता ऐसे भी होते हैं, जो बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। उनको समझाते नहीं हैं,सीधे हाथ उठाते हैं। जिससे आपके बच्चे में एक डर समा जाता है, वो चाहकर भी सही काम नहीं कर पाता है। वो अपनी गलतियों को छुपाने लगता है, क्योंकि उसे डर है कि आप उसे मारेंगे। इसलिए आप अपने मारने के बजाए समझाएं।



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