Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
Mother's Day 2023: बच्चें की पहली स्कूल होती है उसकी मां, सही सीख है सही परवरिश की निशानी
हर साल मई महीने का दूसरा रविवार दुनिया की सभी मांओं के लिए समर्पित है। इस दिन सभी बच्चें अपनी मां के लिए समय निकालते हैं, उनके लिए कुछ स्पेशल करते हैं ताकि उनका आभार व्यक्त कर सकें।
अगर इस धरती पर निस्वार्थ कोई प्यार कर सकता है तो वो एक मां हैं जो अपने बच्चों से बिना किसी लाभ-हानि के बहुत प्यार करती हैं। मां के प्यार को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है। हर बच्चे के जीवन में उनकी मां सबसे पहली दोस्त, शिक्षक होती हैं जो उन्हें बोलना, चलना सिखाती हैं। बच्चा चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो मां के सामने वो कभी अपनी समस्याएं छुपा नहीं सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि एक बच्चे के जीवन में मां का क्या महत्व होता है।

बच्चे के जीवन में मां का महत्व
1. बच्चे की पहली दोस्त होती हैं मां
गर्भधारण के समय से ही बच्चा अपनी मां को पहचानने लगता है। फिजिकल, इमोशनल और संज्ञानात्मक रूप से गर्भनाल शिशु को मां से जोड़ने का काम करती है। इसलिए बच्चा अपने मां के आस-पास खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
2. एक स्ट्रांग बॉन्ड करते हैं शेयर
प्रेग्नेंसी के समय से ही बच्चे के साथ मां का एक गहरा जुड़ाव हो जाता है। दुनिया में कदम रखने के बाद भी बच्चा सबसे ज्यादा समय अपनी मां के साथ ही गुजारता है। जिस कारण मां और बच्चा एक दूसरे के साथ एक स्ट्रांग बॉन्ड शेयर करने लगते हैं। इसीलिए एक बच्चे की दुनिया अधिकतर उसकी मां के ईर्द-गिर्द ही घूमती है।

3. बच्चें को सबसे ज्यादा समझती है मां
हर बच्चा ये मानता है कि उसकी मां उन कुछ व्यक्तियों में से एक है जो उन्हें सबसे ज्यादा समझ सकती है। जब बच्चा रोता है, तो यह पता लगाना मां का काम होता है कि वो क्यों रो रहा है। बच्चे के रोने से मां हमेशा परेशान रहती है और आसानी से बच्चे की तकलीफ समझ सकती हैं।
4. किसी पर भरोसा करना मां से सीखता है बच्चा
जन्म से ही बच्चा अपनी मां पर भरोसा करना सीख जाता है। अपनी इसी रिश्ते के कारण कोई भी व्यक्ति दूसरों पर भरोसा करना सीखता है। इसलिए हर मां को अपने बच्चे के लिए एक सकारात्मक उदाहरण पेश करें।
5. बच्चे के लिए सबसे अच्छी रोल मॉडल होती है मां
किसी भी बच्चे के लिए उसकी मां से बड़ा गुरु और रोल मॉडल कोई और हो ही नहीं सकता है। मां-बच्चे का बंधन नाजुक होता है। एक मां अपने बच्चे को प्यार और देखभाल के मूल्य सिखाती है। वह अपने बच्चे को सिखाती है कि अच्छा कैसे खाना चाहिए, अच्छा कैसे बोलना चाहिए, किसी व्यक्ति के साथ किस तरह का बर्ताव करना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications