Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
निप्पल पियर्सिंग के साथ शिशु को ब्रेस्टफीड करवाना सुरक्षित है या नहीं, जानें यहां
पियर्सिंग आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग को इफेक्ट नहीं करता हैं। निपल्स के पीछे स्तन के ऊतकों में स्थित स्तन ग्रंथि में दूध का उत्पादन होता है। लेकिन बच्चे को दूध पिलाते वक्त इससे बच्चे को जरुर परेशानी हो सकती हैं। निप्पल आपके शरीर के अधिकांश अन्य पियर्सिंग वाले क्षेत्रों की तुलना में ठीक होने में अधिक समय लेता है।
इसे पूरी तरह ठीक होने में 6 महीने तक का समय लग सकता है। यदि पियर्सिंग हाल ही में करवाई गई है या अभी पूरी तरह से वो एरिया हील नहीं हुआ है, तो संक्रमण, फोड़े या अन्य कॉम्प्लिकेशन भी हो सकता है। यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं तो अपने निप्पल पियर्सिंग कराने के लिए कुछ समय इंतजार कर लें। आइए जानते हैं कि जिन मांओं ने पियर्सिंग करवाई हैं, उन्हें ब्रेस्टफीडिंग के साथ क्या समस्याएं हो सकती हैं।

इंफेक्शन का खतरा
निप्पल संवेदनशील ऊतक होते हैं और दूध नलिकाओं से जुड़े होते हैं। कुछ अन्य प्रकार के पियर्सिंग की तुलना में एक निप्पल पियर्स के संक्रमित होने की संभावना अधिक रहती है। किसी भी गैर-कीटाणुरहित उपकरण से पियर्सिंग कराने से एचआईवी, हेपेटाइटिस बी या सी, या टिटनस जैसे रक्त-जनित रोगों के संक्रमण का खतरा रहता है। जिन बच्चों को वैक्सीन नहीं लगा गया हो, पियर्सिंग की वजह से बच्चें में हेपेटाइटिस सी जैसे रोग शिशु को प्रेषित हो सकते हैं।
स्तनों पर हो सकते हैं फोड़े
पियर्सिंग से स्तन फोड़े का विकास हो सकता है जो कभी-कभी विकसित होने और दूध उत्पादन में बाधा आ सकती है।

मुंह में जाने का खतरा
निप्पल रिंग और अन्य स्टड समय के साथ खराब हो जाते है या स्तनपान के साथ ढीले हो सकते हैं और बच्चे के मुंह से होते हुए गले में जाने का खतरा रहता है, जिससे बच्चे का दम घुट सकता है।
दूध आने में रुकावट
आपके निप्पल रिंग दूध नलिकाओं को अवरुद्ध कर सकते है। दूध को बाहर आने में भी रुकावट कर सकते है। इसके अलावा निप्पल के आसपास काफी गहरा निशान भी बन सकता है।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



Click it and Unblock the Notifications
