4 दिन की बेटी को मारना चाहती थी ये पाक‍िस्‍तानी एक्‍ट्रेस, Postpartum Depression में पति ने संभाला

Postpartum Depression Common Symptoms : पाक‍िस्‍तानी एक्‍ट्रेस सरवत गिलानी ने हाल ही में एक चौंकान्‍ने वाला खुलासा क‍िया है क‍ि उन्‍होंने बेटी को जन्‍म देने के बाद पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन से गुजरना पड़ा। एक इंटरव्‍यू के दौरान एक्‍ट्रेस ने बताया क‍ि मां बनने के बाद वो इस कदर परेशान हुई क‍ि अपनी 4 दिन की बेटी को मारना चाहती थी।

एक्‍ट्रेस ने इस दौरान बताया क‍ि मेरी डिलीवरी के दौरान सीरियस सर्जरी हुई थी। इस वजह से 4 दिन के बाद बेटी से म‍िली थी। जब मैं बेबी को फीड करा रही थी, तो वो स्‍ट्रगल कर रही थी। मैं भी स्‍ट्रगल कर रही थी। त‍भी मुझे फीलिंग आई क‍ि मैं इसे गिरा देती हूं। अगर ये गिरेगी तो सारी मुश्किल ही खत्‍म हो जाएगी। इसके बाद में बस रोती जा रही थी। मैंने अपने पति फ‍हाद से कहा कि मैं इसे मारना चाहती हूं।

मेरे पति ने मेरी सिचुएशन समझकर मुझे समझाया क‍ि ये पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन हैं। कोई बात नहीं, ये फीलिंग्‍स कुछ दिनों में सही हो जाएंगी। एक्‍ट्रेस ने कहा क‍ि लोगों को इस डिप्रेशन की अवेयरनेस के बारे में जानना जरूरी हैं। वैसे आपको बता दें क‍ि वुमेन हेल्थ ऑफिस की ओर से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर 9 में से 1 नई मां पोस्टपार्टम डिप्रेशन का शिकार होती है। इसे ठीक करने के ल‍िए एक मेडिकल हेल्‍प या थेरेपी की आवश्‍यकता होती है।

Pakistani Actor Sarwat Gilani Shared Postpartum Depression Experience

आइए जानते हैं क‍ि पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन के कॉमन लक्षण जिसे समझकर हर नई मां को पता चल जाएगा क‍ि वो पोस्‍ट पार्टम डिप्रेशन से गुजर रही हैं।

पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण

- अत्यधिक थकान
- चिड़चिड़ापन व बेचैनी रहना
- ज्‍यादा या कम नींद आना
- सिरदर्द और शरीर में दर्द
- सेक्स और अन्य गतिविधियों में रुचि घटना
- पैनिक अटैक
- भूख न लगना या अधिक खाना
- काम करने में कठिनाई
- बच्चे की देखभाल करने का मन न करना
- खुद या शिशु को नुकसान पहुंचने का डर रहना
- हल्लुसिनेशन
- कंफ्यूजन होना
- मूड स्विंग

पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन के वजह

हार्मोनल बदलाव : प्रेग्‍नेंसी में अचानक प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन दस गुना तक बढ़ जाते हैं। वहीं प्रसव के बाद हार्मोन का स्‍तर सामान्‍य हो जाता है। इस वजह से बिहेवियर इश्‍यूज हो सकते हैं।

शारीरिक बदलाव : डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर का वजन बढ़ जाता है, स्‍ट्रेच मार्क्‍स आ जाते हैं। शारीरिक बदलाव के वजह से भी मह‍िलाएं डिप्रेशन में आ जाती हैं।

इलाज

थेरेपी - पोस्टपार्टम डिप्रेशन का इलाज के ल‍िए साइकोलॉजिस्ट और साइकिएट्रिस्ट से म‍िलकर थेरेपी लेने से भी आराम म‍िलता है।

मैरिज काउंसलिंग - पोस्टपार्टम डिप्रेशन के वजह से कई बार शादीशुदा जीवन में भी समस्‍याएं आने लगती है। इस स्थिति से निपटने के लिए मैरिज काउंसलिंग जरूरी होती है।

दवाएं - पोस्टपार्टम डिप्रेशन के इलाज के लिए एंटीडिप्रेसेंट्स दवाएं और हार्मोन थेरेपी की दवाएं भी दी जा सकती हैं। एंटीडिप्रेसेंट्स दवाओं के साथ कई बार एस्ट्रोजन रिप्लेसमेंट थेरेपी भी दी जा सकती है।

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