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जानिए, मां बनने के एक साल में ब्रेस्ट मिल्क में क्या बदलाव होते हैं?
बच्चें के जन्म के एक वर्ष के अंतराल मां के स्तन दूध में काफी बदलाव आते हैं, आइए जानते है इस बारे में
नवजात बच्चे के लिए मां का दूध सबसे पोषक आहार होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी स्तनपान की सलाह देते हैं। वास्तव में स्तनपान से मां और बच्चे दोनों को कई लाभ होते हैं।
मां का शरीर यह सुनिश्चित करता है कि दूध में सभी आवश्यक पोषक तत्व और प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने वाले तत्व शामिल हों। अत: बच्चे के शुरुआती विकास के चरणों में उसे मां का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है।
बच्चें के जन्म के बाद पहले वर्ष के विभिन्न चरणों में दूध की आपूर्ति और उपभोग में कई परिवर्तन होते हैं ताकि बच्चे का स्वस्थ विकास हो सके। यहांकुछ परिवर्तन बताये गए हैं..

तथ्य #1
प्रसव के बाद कुछ दिनों तक स्तनों से कम दूध आता है। परन्तु यह बहुत अधिक पोषक होता है। इसमें कोलोस्ट्रम होता है। यह पीले रंग का होता है।

तथ्य #2
जन्म के 2-3 दिन बाद परिपक्व दूध आता है। जैसे जैसे स्तनपान की मात्रा बढ़ती है वैसे वैसे दूध अधिक गाढ़ा होता जाता है।

तथ्य #3
छटवें सप्ताह के बाद दूध में एंटीबॉडीज पाए जाते हैं जो बच्चे की रक्षा करते हैं।

तथ्य#4
3 महीनों बाद दूध में अधिक कैलोरीज़ आती हैं ताकि बच्चे का विकास अच्छी तरह हो।

तथ्य#5
6 महीने बाद दूध के साथ ओमेगा एसिड्स भी आते हैं। इससे बच्चे के दिमाग का विकास होता है।

तथ्य #6
12 महीनों के बाद दूध में उच्च मात्रा में ओमेगा एसिड्स और कैलोरीज़ पाए जाते हैं। यह वह स्थिति होती है जब बच्चे की मांसपेशियां और मस्तिष्क तेज़ी से बढ़ते हैं। इस प्रकार प्रकृति यह जानती है कि मां के दूध के माध्यम से बच्चे को कब और किन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।



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