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स्तनपान कराने वाली मांओं को मालूम होनी चाहिए ये काम की बातें
अगर आप अपनी शिशु को ब्रेस्टफीड कराती है तो आपको ब्रेस्टफीडिंग कराने के बारे में कुछ बातें मालूम होनी चाहिए। क्योंकि ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है वरना छोटी सी छोटी लापरवाही भी आपके शिशु के लिए घातक साबित हो सकती है।
ब्रेस्टफीड की सही जानकारी नहीं होने से कहीं आपका शिशु किसी इंफेक्शन की चपेट में न आ जाएं। और कहीं ऐसा न हो आप भी कुछ चीजों को नजरअंदाज करके अपनी सेहत को भी नुकसान पहुंचा दे। आज इस आर्टिकल में आपको छोटी लेकिन काम की बातें बताएंगे जिन्हें पढ़कर ब्रेस्ट फीड कराने वाली माएं छोटी छोटी गलतियां करने से बचकर शिशु को स्वस्थ रख सकती है। आइए जानते है ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी कुछ बातों

टाइट ब्रा भूलकर भी न पहनें
ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को कभी भी टाइट ब्रा नहीं पहनना चाहिए। क्योंकि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्तनपहले की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होते हैं जिसके कारण थोड़ी देर टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट में रेशेज हो सकते हैं। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए नर्सरी ब्रा आती है। जिसमें वो आगे की तरफ से बटन खोलकर अपने शिशु को फीड करा सकती है।

साफ कर लें निप्पल
कई महिलाएं अपने शिशु को कहीं भी और कैसे भी दूध पिलाना शुरू कर देती हैं। जबकि दूध पिलाने से पहले निप्पल को अच्छी तरह से गुनगुने पानी, कॉटन या टिश्यू से जरूर साफ कर लेना चाहिए। हाथों की तरह निप्पल और ब्रेस्ट भी गंदे होते हैं। तो जैसे कि आप खाने से पहले हाथ धोती हैं वैसे ही शिशु को आप जब भी दूसरी बार दूध पिलाएं तो एक बार निप्पल जरूर साफ कर लें।

गांठ न बनने के लिए मालिश करें
ब्रेस्टफीडिंग के बाद अक्सर महिलाओं को सैगिंग की शिकायत होती है। इसके लिए रोजाना ब्रेस्ट की मसाज करें। इससे ब्रेस्ट में ब्लड सर्कुलेशन तेज होगा जिससे दूध की गांठे भी ब्रेस्ट में नहीं बनेंगी और सैगिंग की भी समस्या नहीं होगी।

निप्पल पर लगाएं घी
कई बार ब्रेस्टफीडिंग कराने से निप्पल में दर्द देने लगता है। इससे बचने के लिए निप्पल में घी लगाएं। ये निपप्ल को मॉश्चराइज करता है और ड्राई नहीं होने देता। जिससे बच्चे के अधिक दूध पीने से भी निप्पल में किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। ब्रेस्टफीडिंग कराने के बाद बच्चे के थूक को निप्पल में लगे रहने दें। इससे किसी तरह का नुकसान नहीं होता। अगर आपके ब्रेस्ट पर बाल है तो ब्रेस्टफीडिंग करना से पहले किसी ये बाल किसी तरह हटा लें।

ब्रेस्ट पर साबुन न लगाएं
ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मांओं को नहाते समय ब्रेस्ट पर साबुन नहीं लगाना चाहिए क्योंकि साबुन में मौजूद केमिकल आपके निप्पल को कठोर और ड्राय बना सकते है। इसलिए नहाते समय सिर्फ गर्म पानी से ही उस जगह को साफ कर लें।

ये हैं ब्रेस्ट में गांठ की वजह
कई बार ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ब्रेस्ट में गांठ बनने लगती है। दरअसल कई बार ब्रेस्ट की किसी डक्ट में फीड रुकने से दूध इकट्ठा होने लगता है जिसके कारण ब्रेस्ट में गांठ-सी बन जाती हैं, जो दर्द का कारण बनती है। कई बार इसमें इन्फेक्शन होता है तो मवाद भी भर जाता है जो आगे चलकर बड़ी समस्या का कारण बन जाता है। इसलिए इसकी ठीक से जांच करवा लें।

500 कैलोरी की होती है खपत
शायद बहुत सारी मांओं को नई मालूम होगा कि ब्रेस्टफीड कराते समय जो ऊर्जा की खपत होती है उसमें रोजाना एक बार में 500 कैलोरी की खपत हो जाती है। मतलब ब्रेस्टफीड कराते हुए मांए आसानी से कैलोरी कम कर लेती है।

हेल्दी खाएं
ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को हेल्दी फूड पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना चाहिए। क्योंकि आप क्या खाते हो वो दूध बनकर आपके बेबी तक पहुंचता है। इसलिए जहां तक हो सकें। आप ज्यादा से ज्यादा हेल्दी चीजें खाएं।

मां और शिशु दोनों के लिए जरूरी है ब्रेस्टफीडिंग
जो माएं अपने ऑफिस के वजह से बच्चें को दूध नहीं पिला पाती है वो चाहे तो किसी बोतल में अपने बच्चें के लिए दूध स्टोर कर सकती है। मां का दूध 6 से 7 घंटे तक खराब नहीं होता है। मां का दूध बच्चें के लिए अति आवश्यक है। मां का दूध पीने से शिशु की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मां और बच्चे के बीच की बॉडिंग स्ट्रॉन्ग बनती है। शुरुआती 6 महीने की ब्रेस्टफीडिंग गर्भनिरोधक का भी काम करती है। साथ ही स्तन कैंसर व अन्य बीमारियों से भी बचाती है।



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