मां बनने के बाद ब्रेस्‍ट साइज की नहीं रहती चिंता

बॉडी इमेज जनरल में प्रकाशित हुई एक स्‍टडी के अनुसार प्रेगनेंसी और मां बनना एक औरत के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। प्रेगनेंसी और इसके बाद महिलाएं अपने शरीर का ज्‍यादा ध्‍यान रखने लगती हैं। डिलीवरी के बाद स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं को ब्रेस्‍ट को आकर्षक बनाने से ज्‍यादा उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर ध्‍यान देना होता है।

अध्ययन में आगे कहा गया है कि अपने शरीर के आकार के बारे में सही या जागरूक होने का विचार उन महिलाओं पर प्रमुखता से लागू होता है जो मां नहीं बनी हैं। ब्रेस्‍ट साइज को लेकर असंतुष्टि की शिकायत नई माओं में नहीं देखी गई।

Breast size dissatisfaction non-existant in new moms

स्टडी में शामिल हुई कितनी महिलाएं?

स्‍टडी में 484 इटली की महिलाओं को शामिल किया गया था। इनमें से 69 फीसदी महिलाओं ने अपनी ब्रेस्‍ट के साइज को लेकर असंतुष्टि की बात कही जबकि 44 फीसदी महिलाओं को बड़े स्‍तन की चाहत थी।

इस बात में कोई शक नहीं है कि मां बनने के बाद प्राकृतिक रूप से ही ब्रेस्‍ट में बदलाव आता ही है, खासतौर पर ब्रेस्‍ट के साइज में लेकिन मां बनने के बाद आपको ब्रेस्‍ट के साइज से ज्‍यादा उनकी कार्यक्षमता पर ध्‍यान देना होता है। उनका फोकस इस बात पर होता है कि शिशु को पूर्ण मात्रा में दूध मिल पा रहा है या नहीं।

इसके विपरीत 54 फीसदी महिलाएं इस तथ्‍य से असहमत पाई गईं। जिन महिलाओं के एक से अधिक बच्चे थे, वे भी इस बात से प्रभावित थीं।

प्रेगनेंसी के बाद शरीर की सुंदरता हो जाती है सेकेंडरी

इस स्‍टडी की मानें तो मां बनने के बाद महिलाओं को बाकी स्त्रियों की तरह अपनी सुंदरता और बॉडी शेप को लेकर शिकायत नहीं रहती है। दूसरों के सामने सुंदर और सुडौल दिखने का विचार बुरी आदतों को बढ़ावा दे सकता है और आपके लिए कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी पैदा कर सकता है।

मातृत्‍व महिलाओं को अपने ब्रेस्‍ट साइज को लेकर असंतुष्टि और सुंदर दिखने की चाहत को कम करने में मदद करती है।

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