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नई मां की इन आदतों का स्तनपान पर पड़ता है असर
नई मांओं को हमेशा ये उलझन रहती है कि वो जो भी करेंगी उसका सीधा असर ब्रेस्ट फीडिंग पर पड़ेगा। ऐसा जरूरी नहीं है कि आपके द्वारा किए गए हर काम का असर स्तनपान पर पड़ता हो लेकिन हां, कुछ चीजें ऐसी जरूर हैं जो इसे प्रभावित करती हैं। अगर आप भी पहली बार मां बनी हैं तो जान लीजिए कि वो क्या चीजें हैं तो ब्रेस्ट फीडिंग को प्रभावित कर सकती हैं।

स्वस्थ आहार या भोजन न करना
गर्भावस्था के बाद स्तनपान के दौरान भी महिलाओं को पोषक तत्वों की बहुत जरूरत होती है। स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए महिलाओं को संतुलित आहार और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।
डॉक्टर से पूछे बिना दवा लेना
किसी जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक दवा या होम्योपैथिक दवा के साथ साथ डॉक्टर से बिना पूछे कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसी दवाओं का असर स्तनों में दूध बनने की क्षमता पर पड़ सकता है।
धूम्रपान और शराब पीना
मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए धूम्रपान और शराब का सेवन नुकसानदायक होता है। महिलाओं को ऐसा करने से बचना चाहिए।
स्तनपान के दौरान गलत पॉस्चर
स्तनपान करवाने के दौरान मां और शिशु दोनों ही सहज स्थिति में होने चाहिए। मां को किसी सहारे से बैठकर शिशु को ध्यान से पकड़कर दूध पिलाना चाहिए। स्तनपान के दौरान सही पॉस्चर में बैठना मां और बच्चे, दोनों के लिए ही जरूरी है।
कैफीन का सेवन
स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को अत्यधिक मात्रा में कैफीन के सेवन से बचना चाहिए। आप दिनभर में एक कप कॉफी या चाय पी सकती हैं।
स्तनपान के दौरान साफ-सफाई
स्तनपान के दौरान महिलाओं को साफ-सफाई को लेकर ज्यादा सावधान रहना चाहिए। शिशु को छूने से पहले हाथ जरूर धोएं। कोई भी संक्रमण या मामूली सा भी बदलाव दिखने पर लापरवाही ना बरतें।
दूध पिलाने का समय
हर शिशु का दूध पीने का समय अलग होता है। जब बच्चे को भूख लगती है तो वो इसके संकेत देता है। मां को अपने बच्चे के संकेतों को समझना चाहिए।



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