Latest Updates
-
Steel Vs Glass Container: स्टील या ग्लास कंटेनर, किसमें खाना स्टोर करना है ज्यादा सुरक्षित? जानें एक्सपर्ट से -
सावन में जन्मे बेटे को दें भगवान शिव से जुड़े ये यूनिक नाम, यहां देखें अर्थ सहित 100+ मॉर्डन नामों की लिस्ट -
Lock Upp 2 Winner: 'लॉक अप 2' की विनर बनीं श्रेया कालरा, जानें रोडीज से ट्रॉफी तक का सफर और कितनी है नेट वर्थ -
Gujarat Chandipura Virus: गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत, जानें इसके लक्षण और बचाव -
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूर नियम -
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
डायबिटीज होने से पहले शरीर में दिखने लगते हैं Pre-diabetes के ये लक्षण, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ
नई मां की इन आदतों का स्तनपान पर पड़ता है असर
नई मांओं को हमेशा ये उलझन रहती है कि वो जो भी करेंगी उसका सीधा असर ब्रेस्ट फीडिंग पर पड़ेगा। ऐसा जरूरी नहीं है कि आपके द्वारा किए गए हर काम का असर स्तनपान पर पड़ता हो लेकिन हां, कुछ चीजें ऐसी जरूर हैं जो इसे प्रभावित करती हैं। अगर आप भी पहली बार मां बनी हैं तो जान लीजिए कि वो क्या चीजें हैं तो ब्रेस्ट फीडिंग को प्रभावित कर सकती हैं।

स्वस्थ आहार या भोजन न करना
गर्भावस्था के बाद स्तनपान के दौरान भी महिलाओं को पोषक तत्वों की बहुत जरूरत होती है। स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए महिलाओं को संतुलित आहार और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।
डॉक्टर से पूछे बिना दवा लेना
किसी जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक दवा या होम्योपैथिक दवा के साथ साथ डॉक्टर से बिना पूछे कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसी दवाओं का असर स्तनों में दूध बनने की क्षमता पर पड़ सकता है।
धूम्रपान और शराब पीना
मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए धूम्रपान और शराब का सेवन नुकसानदायक होता है। महिलाओं को ऐसा करने से बचना चाहिए।
स्तनपान के दौरान गलत पॉस्चर
स्तनपान करवाने के दौरान मां और शिशु दोनों ही सहज स्थिति में होने चाहिए। मां को किसी सहारे से बैठकर शिशु को ध्यान से पकड़कर दूध पिलाना चाहिए। स्तनपान के दौरान सही पॉस्चर में बैठना मां और बच्चे, दोनों के लिए ही जरूरी है।
कैफीन का सेवन
स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को अत्यधिक मात्रा में कैफीन के सेवन से बचना चाहिए। आप दिनभर में एक कप कॉफी या चाय पी सकती हैं।
स्तनपान के दौरान साफ-सफाई
स्तनपान के दौरान महिलाओं को साफ-सफाई को लेकर ज्यादा सावधान रहना चाहिए। शिशु को छूने से पहले हाथ जरूर धोएं। कोई भी संक्रमण या मामूली सा भी बदलाव दिखने पर लापरवाही ना बरतें।
दूध पिलाने का समय
हर शिशु का दूध पीने का समय अलग होता है। जब बच्चे को भूख लगती है तो वो इसके संकेत देता है। मां को अपने बच्चे के संकेतों को समझना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications