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गर्भावस्था में मोबाइल के इस्तेमाल से बिगड़ते हैं बच्चे

'जर्नल ऑफ इपिडीमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ' के मुताबिक गर्भाशय में ही मोबाइल फोन के सम्पर्क में आने वाले बच्चों के सात वर्ष के होने तक उनमें व्यवहारगत परेशानियों का खतरा 30 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। पूर्व में हुए एक अध्ययन में भी यह खुलासा हुआ था।
कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय की लीका कीफेट्स कहती हैं कि अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बच्चे के सात वर्ष की उम्र तक पहुंचने पर उसमें व्यवहारगत परेशानियां हो सकती हैं। समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक जो बच्चे अपने जन्म से पहले और बचपन में मोबाइल फोन के सम्पर्क में आते हैं उनमें मोबाइल से दूर रहने वाले बच्चों की तुलना में व्यवहारगत परेशानियां होने का 50 प्रतिशत अधिक खतरा रहता है।
ऐसे बच्चे जो गर्भावस्था में तो मोबाइल के सम्पर्क में नहीं आए लेकिन जिन्होंने बचपन में इसका इस्तेमाल किया उनका व्यवहार असामान्य होने की संभावना 20 प्रतिशत तक होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।



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