प्रेगनेंसी के दौरान योनी में खुजली

By Ajay Mohan

Pregnancy
गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं के शरीर में ढेर सारे भौतिक परिवर्तन होते हैं। वेगिनल इचिंग यानी योनी में खुजली भी आम है, जो प्रेगनेंसी के दौरान होती है। ऐसे समय में वेगिनल में द्रव्‍य का स्राव अधिक होता है, जिस वजह से योनी का पीएच स्‍तर काफी बढ़ जाता है और जो आगे चलकर संक्रमण पैदा कर देता है। गर्भावस्‍था के दौरान किसी भी प्रकार का संक्रमण होने वाले बच्‍चे पर प्रभाव डाल सकता है। इस संक्रमण के दौरान गंध भी आती है। तो इससे कैसे बचाव किया जाये, यह हम आपको यहां बतायेंगे।

1. प्रेगनेंसी के दौरान शरीर के साथ-साथ योनी को भी साफ रखें। यदि किसी भी प्रकार के द्रव्‍य का स्राव हुआ है, तो उसे ज्‍यादा देर तक छोड़ें मत। यदि द्रव्‍य से निकलने वाली गंध अधिक हो तो दिन में कम से कम दो से तीन बार कपड़े बदलें।

2. वेगिनल इचिंग गर्भावस्‍था के दौरान संभोग की वजह से भी पैदा होती है। इसलिए संभोग के पहले और तुरंत बाद वेगीना को अच्‍छी तरह से धोयें।

3. बार-बार यूरीन आने की वजह से भी यह संक्रमण हो सकता है। इसके लिए ज्‍यादा पानी का इस्‍तेमाल कर योनी को साफ रखें।

4. यदि संक्रमण बढ़ जाये तो पानी में बेकिंग सोडा डाल कर उससे वेगिना को साफ करें। क्‍योंकि बेकिंग सोडा पीएच स्‍तर को कम करता है।

5. बर्फ से सिकाई करने से काफी आराम मिलता है। इससे खुजली कम हो जाती है।

6. जरूरत पड़े तो वेगिनल पीएच परीक्षण करवायें। वो आप घर में भी कर सकती हैं। मेडिकल स्‍टोर में पीएच लेवल टेस्‍ट करने की किट उपलब्‍ध है। लेकिन यदि बहुत ज्‍यादा जलन हो तो डॉक्‍टर से जरूर सलाह लें।

7. यदि यूनीन के दौरान जलन होती है, तो उसका मतलब है कि संक्रमण बढ़ चुका है, लिहाजा ऐसे में डॉक्‍टर से सलाह लेने में देर मत करें।

8. कई महिलाएं सोचती हैं कि संभोग के बाद पुरुषों का सीमेन वेगिनल इचिंग में राहत पहुंचाता है। लेकिन यह भ्रम है।

इन टिप्‍स को आजमा कर आप इस समस्‍या से निजाद पा सकती हैं। लेकिन हां सबसे अहम बात यह है कि आप गर्भावस्‍था के दौरान

Story first published: Friday, November 25, 2011, 18:04 [IST]
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