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गर्भावस्था में मधुमेह पीड़ित महिलाओं को अधिक खतरा
(आईएएनएस)| गर्भावस्था के दौरान मधुमेह पीड़ित गर्भवती महिलाओं में निद्रा संबंधित विकार 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया' (ओएसए) होने की संभावना अधिक रहती है। नए शोध में यह जानकारी सामने आई है। थाईलैंड के बैंकॉक में महिडोल विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय में सहायक प्रोफेसर और अध्ययन कर्ता सीरिमॉन रीट्राकुल के मुताबिक, "गर्भावस्था में मधुमेह पीड़ित महिलाओं में अस्वस्थता के लिए ओएसए एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है।"
हॉर्मोन संबधी स्वास्थ्य जानकारी के एक अग्रणी सूत्र, 'हॉर्मोन हेल्थ नेटवर्क' के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान शरीर में शर्करा (ग्लूकोज) की मात्रा कम होने से जच्चा-बच्चा दोनों के लिए समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिसमें शिशु का समय से पूर्व जन्म या गर्भ में ही भ्रूण की मौत होने की अधिक संभावना रहती है।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया है कि आहार नियंत्रित गर्भकालिक मधुमेह वाली 25 महिलाओं में ओएसए के प्रसार की 56 प्रतिशत संभावना होती है।गौरतलब है कि ओएसए एक निद्रा विकार है, जिसमें व्यक्ति नींद के दौरान थोड़े-थोड़े समय के लिए सांस लेना बंद कर देता है।
'यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन' के मुताबिक, 9.2 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान मधुमेह होने की संभावना रहती है। इस दौरान जोखिम का एक बड़ा कारक मोटापा होता है।
यह अध्ययन 24 से 35 सप्ताह की गर्भवती महिलाओं पर किया गया। इन सभी महिलाओं में आहार नियंत्रित गर्भकालिक मधुमेह था।ओएसए का निदान रात के समय भागीदारों की कलाई पर घरेलू निगरानी उपकरण (घड़ी-पीएटी200, इतामर मेडिकल) के द्वारा किया गया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, अध्ययन में शामिल 14 महिलाओं में ओएसए की पुष्टि हुई। इनमें 12 महिलाओं में हल्के निद्रा विकार की समस्या थी, जबकि दो महिलाओं में गंभीर निद्रा विकार था।
यह शोध सैन डियाएगो में 'एन्डॉक्रिन सोसाइटी' की 97वीं सालाना बैठक में पेश किया गया।



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