Latest Updates
-
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा
जानें, गर्भावस्था के दूसरे महीने में क्या खाएं और क्या नहीं?
प्रेग्नेंसी के दूसरे सप्ताह में डाइट खास मायने रखती है। आगे पढ़ें और जानें कि इस समय क्या खाना चाहिए और क्या नहीं...
प्रेग्नेंसी के पांचवे सप्ताह से दूसरा महिना शुरू होता है। बहुत सी महिलाओं में पहले महीने में तो प्रेग्नेंसी के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। इस समय आपका खान-पान बहुत महत्वपूर्ण है क्यों कि इससे आपका बच्चा सामान्य और स्वस्थ होगा।
गर्भावस्था के दूसरे महीने में, आपको सुबह बीमार सी फीलिंग रह सकती है जिससे आपको खाना खाने की इच्छा नहीं होती है। लेकिन फिर भी इस समय आपको अच्छा खाना खाना होगा, क्यों
कि इस समय खाने का बहुत महत्व है, इस समय न्यूरल ट्यूब, विकसित होना शुरू होती है और बाद में बच्चे का दिमाग, रीड की हड्डी और तंत्रिकाओं का विकास होने लगता है।
इसके साथ ही इस समय बच्चे का संचार तंत्र और हार्ट बीट भी विकसित होना शुरू होती हैं। इसलिए, प्रेग्नेंसी के दूसरे सप्ताह में डाइट खास मायने रखती है। आगे पढ़ें और जानें कि इस समय क्या खाना चाहिए और क्या नहीं...

1 फोलिक एसिड
फोलिक एसिड या फोलेट एक विटामिन बी है, जो कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती कुछ सप्ताहों में लेना ज़रूरी है, यह न्यूरल ट्यूब को सामान्य रूप से विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आप फोलिक एसिड नहीं लेती हैं तो न्यूरल ट्यूब सही तरह विकसित नहीं हो पाती है या बच्चा समय पूर्व होता है।

2 आयरन
इस समय, आपकी ब्लड सप्लाई बच्चे तक भी रक्त का संचार करती है। यदि आप आयरन ठीक तरह नहीं लेंगी तो आपको थकान महसूस होगी और एनीमिया भी हो सकता है। जब भी आपको पता चले कि आप प्रेग्नेंट हैं तभी से रोजाना 27 एमजी आयरन का सेवन ज़रूर करें। केवल खाने से ही आयरन की पूर्ति नहीं होती है। इसले अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह कर आयरन सप्लिमेंट्स भी लें।

3 कैल्शियम
प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने से बच्चे की हड्डियाँ बनना शुरू होती हैं। इसलिए कैल्शियम आवश्यक है। आपको रोजाना 1000 एमजी कैल्शियम लेना चाहिए। इसके लिए आप डेयरी फूड और हरी पत्तेदार सब्जियाँ खा सकती हैं। यदि आप कैल्शियम का सेवन नहीं करेंगी तो आपका शरीर आपकी हड्डियों से कैल्शियम लेना शुरू करता है जिससे वो कमजोर हो सकती हैं।

4 प्रोटीन
जब आपको पता चले की आप प्रेग्नेंट हैं तो आप प्रोटीन का अधिक सेवन शुरू कर दें। इससे आपके बच्चे को आवश्यक ब्लड सप्लाई होती है और बच्चे की मांसपेशियाँ विकसित होती हैं। आपको कम फैट वाले पनीर में और मछली में अधिक प्रोटीन मिलेगा। लेकिन ध्यान रहे कि मछली में पारा कम रहे। आपको रोजाना 75 से 100 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।

ये चीजें ना खाएं
कुछ महिलाएं खाने पर ध्यान ज़रूर देती हैं लेकिन वे भूल जाती हैं कि कुछ खादय पदार्थ गर्भवस्था में नहीं खाने चाहिए। हम आपको बताते हैं ऐसे खादय पदार्थ जो प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने में नहीं खाने चाहिए।

1 मीट स्प्रेड
लिस्टीरिया जैसे मीट स्प्रेड को इस समय नहीं खाना चाहिए, इससे बच्चे की ग्रोथ पर विपरीत असर पड़ता है।

2 सॉफ्ट चीज़
ब्री, रुक्फोर्ट और कंम्बर्ट जैसे चीज का सेवन इस समय नहीं करना चाहिए, इनमें ई कोली बैक्टीरिया होता है। सॉफ्ट चीस के सेवन से इन्फ़ैक्शन या अन्य जटिलता हो सकती है।

3. लिवर
चूंकि इस समय आप आयरन की कमी को पूरा करने के लिए इसका सेवन कर सकती हैं। लेकिन फिर भी इसका अधिक सेवन ना करें क्यों कि इसमें रेटिनल होता है जिससे गर्भपात का खतरा हो सकता है।

4 अपाश्चुरीकृत दूध
यदि दूध पाश्चुरीकृत नहीं है तो इसका सेवन ना करें। इसमें सूक्ष्म जीव और रोगाणु होते हैं जिनसे स्वास्थ्य को खतरा रहता है। अपाश्चुरीकृत दूध में सलमोनेला और अन्य हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं।

5 एल्कोहल
ये तो आप जानती ही हैं कि एल्कोहल का सेवन प्रेग्नेंसी के समय खतरनाक है। इसलिए इससे दूर ही रहें।

6 कच्चे अंडे
कच्चे और अधपके अंडे प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने में नहीं खाने चाहिए क्यों कि इनसे सालमोनेला इन्फेक्शन का खतरा रहता है। यह आपके और आपके बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications