Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
जानिए किन कारणों से प्रसव के दौरान हो जाती है मां की मृत्यु
जब बच्चे को जन्म देते समय मां की मृत्यु होती है तो इसे मातृक मृत्यु कहा जाता है। मातृक मृत्यु परिवार के लिए एक दुखदायी घटना होती है।
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे क्षण आते हैं जो आपकी खुशियों को गम में बदल देते है। जिसकी वजह से नकरात्मक भावनात्मक उतार चढ़ाव आने लगते हैं। एक ऐसी ही स्थिति होती है जब बच्चे को जन्म देते समय मां की मुत्यु हो जाती है।
यह स्थिति बहुत दिल दहलाने वाली होती है क्योंकि एक दूसरे को देखने से पहले ही नवजात बच्चा अपनी मां को खो चुका होता है और बच्चे को बिना मां के बड़ा होना पड़ता है।
जब बच्चे को जन्म देते समय मां की मृत्यु होती है तो इसे मातृक मृत्यु कहा जाता है। मातृक मृत्यु परिवार के लिए एक दुखदायी घटना होती है।
मातृक मृत्यु के कुछ मामलों में यदि स्वास्थ्य से संबंधित बहुत अधिक समस्याएं हैं तो नवजात बच्चे की मृत्यु की संभावना भी होती है।
अन्य मेडिकल प्रक्रियाओं की तरह बच्चे के जन्म की प्रक्रिया में भी जटिलताएं आ सकती हैं अत: सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है। आइए मातृक मृत्यु के कुछ आम कारणों के बारे में जानें।

1. हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप)
मातृक मृत्यु का सबसे आम कारण हाइपरटेंशन या हाई ब्लडप्रेशर है। यदि बच्चे के जन्म के पहले से ही मां को हाई ब्लडप्रेशर की समस्या है तो प्रसव पीड़ा के दौरान यह और अधिक बढ़ सकती है जिसके कारण गर्भाशय में संकुचन के कारण बहुत अधिक ब्लीडिंग या हृदयाघात से मां की मृत्यु हो सकती है। तो यदि बच्चे को जन्म देने वाली मां को यदि हाइपरटेंशन की समस्या है तो बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

2. अब्स्टेट्रिकल हीमरेज़ (प्रसूति के समय रक्त स्त्राव)
अब्स्टेट्रिकल हीमरेज़ एक आपातकालीन चिकित्सा स्थिति है जिसके कारण बच्चे को जन्म देते समय मां की मृत्यु भी हो सकती है। इस स्थिति में प्रसव के बाद महिला को आंतरिक रूप से बहुत अधिक रक्तस्त्राव होता है। तो यदि डॉक्टर ब्लीडिंग को रोक नहीं पाते या तुरंत मेडिकल चिकित्सा नहीं मिलती तो अत्यधिक रक्त स्त्राव के कारण ऑर्गन फेल होने लगते हैं जिसके कारण मां की मृत्यु हो जाती है।

3. गर्भाशय का फूटना
मातृक मृत्यु का एक अन्य आम कारण गर्भाशय का फूटना है। प्रसव पीड़ा के समय योनि से बच्चे को बाहर निकालने के लिए महिला के गर्भाशय में तीव्र संकुचन होते हैं। कुछ मामलों में ये संकुचन इतने तीव्र होते हैं कि गर्भाशय फट जाता है जिसके कारण बहुत अधिक ब्लीडिंग होने से मृत्यु हो जाती है।



Click it and Unblock the Notifications
