जानिए, प्रेगनेंसी के दौरान रोने से बच्‍चें पर क्‍या इफेक्‍ट पड़ता है?

जब आप मां बनने वाली होती है तो घर के सभी आपको खुश रहने की हिदायत देते है, डॉक्‍टर से लेकर बड़े बुर्जुग तक सब आपको हमेशा हेल्‍दी खाने के साथ खुश रहने पर जोर डालते हैं।

कभी आपने सोचा है कि प्रेगनेंसी ओर खुश रहना का आपस में क्‍या कनेक्‍शन है। हालांकि, इसके पीछे एक बड़ी वजह है, आपका खुश रहना आपके होने वाले बेबी के हेल्‍थ पर इफेक्‍ट डालता है। आइए जानते है कि तनाव में रहने से या रोने से गर्भस्‍थ शिशु पर क्‍या असर पड़ता है?

क्‍या आप लगातार स्‍ट्रेस में है

क्‍या आप लगातार स्‍ट्रेस में है

कुछ गर्भवती ऐसी होती है कि कभी-कभार किसी कारणवश चिंता करती है। उनके बच्चे इससे प्रभावित नहीं होते हैं। लेकिन, कुछ गर्भवती ऐसी होती है कि गर्भधारण करने के कुछ समय के बाद वो स्‍ट्रेस और डिप्रेशन के चपेट में आ जाती है। लगातार स्‍ट्रेस की वजह से यह आपके बच्चे को प्रभावित कर सकता है। एक शोध में यह बात सामने आई है कि जो मां गर्भावस्था के दौरान अधिक टेंशन और चिंता करती हैं, उनमें कोलिकी बेबी के जन्म देने की संभावना बढ़ जाती है। कोलिकी बच्चे वह होते हैं जो हमेशा और अधिक रोते हैं। हालाँकि, यह समस्या अधिक तनाव लेने से होती है, और ऐसे में आपके बॉडी से एक हार्मोन रिलीज करता है।

डिप्रेशन होना है गंभीर समस्‍या

डिप्रेशन होना है गंभीर समस्‍या

गर्भावस्था के दौरान और बाद में डिप्रेशन की समस्या बेहद आम बात है। हालाँकि, यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान अवसाद की समस्या से ग्रसित होती हैं तब यह आपके बच्चे के विकास के लिए घातक है।

ये है सामान्‍य समस्‍याएं

ये है सामान्‍य समस्‍याएं

प्रेगनेंसी में मॉर्निंग सिकनेस, मिडनाइट क्रेविंग या फिर मूड स्विंग इस तरह के लक्षण आम तौर पर देखे जाते हैं जो कि सामान्य माना जाता है। साथ ही यह आपके बच्चे को भी प्रभावित नहीं करता है।

दूसरी चीजों में मन लगाएं

दूसरी चीजों में मन लगाएं

यदि आप बहुत उदास हैं, तनाव ले रही हैं या अवसाद से ग्रस्त हैं तो ऐसी सिचुएशन में अपनी फैमिली से बात करें या फिर अपने मूड में बदलाव के लिए कुछ ऐसा करें जिसे आपको खुशी मिलती है। या फिर अपने पसंद की मूवी या बाहर घूमने जा सकती हैं, जिससे कि आपको काफी आराम मिलेगा।

Story first published: Monday, October 9, 2017, 12:00 [IST]
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