सेलिब्रेटिज से सीखें.. ये 5 बड़े फायदे होते हैं प्रेग्‍नेंसी में एक्‍सरसाइज करने के..

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इन दिनों बॉलीवुड की कई दिवाज प्रेग्‍नेंट है और जल्‍द ही उनके घर नन्‍हें मेहमान की किलकारियां गूंजेगी। आए दिन ये सेलिब्रेटिज अपनी बेबी बम्‍प के साथ नए फोटोज अपलोड करते रहते है। सोशल मीडिया में सबसे ज्‍यादा सोहा अली खान छायी हुई रहती हैं। जिसकी वजह है इन्स्टाग्राम पर उनकी प्रेगनेंसी वर्कआउट वाली तस्वीरें, इसके अलावा सेलिना जेटली ने भी प्रेग्‍नेंसी में वर्कआउट सेशन के बाद जिम से अपनी फोटो शेयर की है।

इससे पहले लारा दत्‍ता भी प्रेग्‍नेंसी के दौरान योगा करते हुए कि फोटोज शेयर कर चुकी है।  अपनी इन तस्वीरों के ज़रिए सभी गर्भवती महिलाओं को फिट होने के लिए प्रेरित कर रही हैं। अब अगर आपको कसरत पसंद नहीं है, तो आप प्रेगनेंसी के दौरान भी इसे शुरु कर सकती हैं। क्योंकि एक्सरसाइज़ करने से आपको लेबर पेन से राहत मिल सकती है।

व्यायाम आपको गर्भावस्था और लेबर की आवश्कताओं से निपटने में मदद करता है, और यह बात काफी पहले से कही जा रही है जिसके पर्याप्त सबूत भी उपलब्ध हैं। तो चलिए हम बताते हैं कि एक्सरसाइज कैसे मदद करती है।

लेबर पेन सहन करने की क्षमता बढ़ती है

लेबर पेन सहन करने की क्षमता बढ़ती है

लेबर मानसिक और शारीरिक रूप से तकलीफदायक हो सकता है। यह कई घंटों तक महसूस हो सकता है और बहुत अधिक मुश्किलभरा भी लग सकता है। कार्डियोवैस्कुलर गतिविधियों से आपकी सहनशक्ति में सुधार हो सकता है और लेबर पेन को सहन करने की आपकी क्षमता भी बढ़ जाती है।

पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों में मज़बूती

पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों में मज़बूती

एक्‍सरसाइज करने से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सपोर्ट मिलता है, जो आपके वैजाइना, मूत्राशय या ब्लैडर, मलाशय या रेक्टम और मूत्रमार्ग या यूथ्रेरा को सपोर्ट करते हैं। जब आप लेबर में होती हैं, तो बर्थ कैनल से भ्रूण के आसानी से निकलने के लिए आपको अपने पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को आराम देना ज़रूरी होता है। इसलिए अपने पेल्विक फ्लोर फर्श की मांसपेशियों से जुड़ी एक्सरसाइज़ करने से आपको लेबर पेन कम करने में मदद मिल सकती है।

लेबर से जूझने के लिए जांघ की मांसपेशियों होती है मज़बूत

लेबर से जूझने के लिए जांघ की मांसपेशियों होती है मज़बूत

जी हां, यही वजह है कि आपको अपनी कीगल एक्सरसाइज़ अच्छी तरह करने की सलाह दी जाती है। अपने पेल्विक फर्श की मांसपेशियों के अलावा यह आपकी जांघों की मांसपेशियों को लेबर के तनाव का सामना करने के लिए मज़बूत बनाते हैं। अक्सर लेबर के दौरान जांघ की मांसपेशियां थक जाती हैं। और ऐसे में डॉक्टर अक्सर सी-सेक्शन का फैसला लेते हैं क्योंकि गर्भवती महिला भारी थकान महसूस करती है और डिलीवरी में समय लगता है।

गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक वजन बढ़ने से रोकता है

गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक वजन बढ़ने से रोकता है

आपकी उम्र और वजन जैसे कई कारक लेबर के पहले चरण को प्रभावित कर सकते हैं। नियमित व्यायाम से गर्भावस्था के दौरान वजन बहुत अधिक बढ़ने की संभावना को कम किया जा सकता है, और नतीजतन आपके लेबर के पहले स्टेज की तकलीफों को आसानी से कम किया जा सकता है।

Exercise during pregnancy is must for mother and baby, says Kareena Kapoor Khan |BoldSky
 लेबर के बाद तेज़ रिकवरी

लेबर के बाद तेज़ रिकवरी

गर्भावस्था के दौरान शारीरिक रुप से सक्रिय रहने से आपको डिलीवरी के बाद तेज़ी से रिकवर करने में मदद मिल सकती है। इसी तरह आप गर्भावस्था से पहले जैसा वजन भी प्राप्त कर सकती हैं।

English summary

Effects of Exercise on Pregnancy

Exercise helps you deal with the demands of pregnancy and labour better, and this has been stated for long with enough evidence.
Story first published: Tuesday, September 5, 2017, 14:12 [IST]
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