Latest Updates
-
कमशीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा -
World Heritage Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व धरोहर दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Aaj Ka Rashifal 18 April 2026: मिथुन, तुला और कुंभ के लिए आज बड़ा दिन, जानें मेष से मीन तक का हाल -
Akshaya Tritiya 2026 Daan: अक्षय तृतीया पर इन 5 चीजों का करें दान, कभी नहीं होगी अन्न और धन की कमी -
World Hemophilia Day 2026: हीमोफीलिया क्या है? जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और इलाज -
Shukra Gochar 2026: अक्षय तृतीया पर शुक्र का गोचर बदलेगा इन 4 राशियों का भाग्य, बाकी के लिए जानें उपाय -
Akshaya Tritiya Wishes In Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों के जरिए अपनो को दें अक्षय तृतीया की बधाई -
गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से से बचने के लिए पिएं ये 5 समर ड्रिंक्स, चिलचिलाती गर्मी में भी रहेंगे कूल-कूल -
2026 में टूटेगा गर्मी का हर रिकॉर्ड? बाबा वेंगा की ये भविष्यवाणी हुई सच तो फेल हो जाएंगे AC-कूलर
गर्भावस्था के दौरान हाई फैट डाइट लेने से रूक सकता है बच्चे का मानसिक विकास
एक अध्ययन में सामने आया है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान उच्च मात्रा में वसायुक्त आहार लेती हैं उनके बच्चों में मानिसक विकार जैसे बेचैनी, डिप्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है।
पशु आधारित अध्ययन के परिणामों के अनुसार असंतुलित आहार के कारण गर्भवती स्त्री को तो सेहत संबंधी नुकसान होते ही हैं साथ ही इसका असर बच्चे के मानसिक विकास और उसके एंडोक्राइन सिस्टम पर भी पड़ता है। इसकी वजह से कोई गंभीर मानसिक विकार हो सकता है।
यूएस के ऑरेगन हैल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इलिनोर सलिवन का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान उच्च मात्रा में वयायुक्त भोजन लेने से और मां के मोटापे की वजह से बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ता है।

इसके अलावा गर्भावस्था में हाई फैट डाइट लेने से सेरोटोनिन युक्त न्यूरॉन्स के विकास पर बुरा असर पड़ता है। ये न्यूरोट्रांस्मिटर दिमाग के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
वहीं दूसरी ओर कम उम्र में भी बच्चे को संतुलित आहार देने से भी इस नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है।

इसमें गर्भवती महिला का कोई दोष नहीं होता है लेकिन एक गर्भवती स्त्री को हाई फैट डाइट के बारे में पता होना जरूरी है ताकि वो अपनी और अपने बच्चे की सेहत की सही तरह से देखभाल कर सके।

ये रिसर्च एंडोक्राइनोलॉजी के फ्रंटियर्स जरनल में प्रकाशित हो चुकी है। फिलहाल शोधकर्ता मनुष्य पर भी इस हाई फैट डाइट के परिणामों को लेकर रिसर्च कर रहे हैं।
शोकर्ताओं ने 65 जापानी महिलाओं को दो भागों में विभाजित कर दिया। एक ग्रुप को हाई फैट डाइट दी गई तो दूसरे ग्रुप की महिलाओं की डाइट को संतुलित रखा गया। इन महिलाओं के व्यवहार और इनकी सेहत का खास ध्यान और विश्लेषण किया गया। हाई फैट डाइट लेने वाली महिलाओं में संतुलित आहार लेनी वाली स्त्रियों की तुलना में तनाव का स्तर कई ज्यादा रहा।



Click it and Unblock the Notifications











