प्रेगनेंसी में वेज या नॉन-वेज, शिशु के लिए क्या है बेहतर?

अगर आप जल्द ही माँ बनने की प्लानिंग कर रही हैं तो हमारा यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा। जैसा कि हम सब जानते हैं कि प्रेगनेंसी का दौर महिलाओं के लिए बहुत ही नाज़ुक होता है क्योंकि इस दौरान वह जो भी करती हैं उसका सीधा असर होने वाले शिशु की सेहत पर पड़ता है।

अपनी मां के गर्भ में पल रहे बच्चे के पास किसी भी तरह का पोषण प्राप्त करने का केवल एक ही ज़रिया होता है और वह उसकी मां के ब्लड स्ट्रीम से गर्भनाल के द्वारा मिलता है इसलिए बच्चे की सेहत इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी मां को कितना अच्छा पौष्टिक आहार मिल रहा है।

vegetarian diet and premature baby

यदि होने वाली मां का खान पान सही होगा तो गर्भ में पल रहा बच्चा भी एकदम स्वस्थ और तंदुरुस्त रहेगा। साथ ही प्रेगनेंसी से जुड़ी समस्याओं के होने का खतरा भी कम रहता है।

कुछ औरतें मांसाहारी होती हैं और प्रेगनेंसी में भी लगातार नॉन-वेज खाती हैं। वहीं कुछ स्त्रियां ऐसी भी होती हैं जो शुद्ध-शाकाहारी होती हैं और नॉन-वेज का सेवन बिल्कुल भी नहीं करती। हालांकि शाकाहारी और मांसाहारी होने के अपने अलग अलग फायदे और नुकसान हैं।

आइए जानते हैं क्या प्रेगनेंसी में शाकाहारी भोजन का सेवन करने से प्रीटर्म बर्थ का खतरा होता है।

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वेजीटेरियन डाइट और प्रीमेचुअर बर्थ

कुछ समय पूर्व ही अकर्सस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल, ओस्लो के शोधकर्ताओं ने एक सर्वे किया जिसमें वेजीटेरियन और नॉन-वेजटेरियन गर्भवती महिलाएं दोनों शामिल थी। इस सर्वे से उन्होंने पाया कि वे प्रेगनेंट औरतें जो शुद्ध शाकाहारी होती हैं उनके बच्चों का जन्म ज़्यादातर मौकों पर समय से पहले ही हो जाता है यानी नौ महीने पूरे होने से पहले ही वे बच्चे को जन्म दे देती हैं। वहीं दूसरी ओर नॉन-वेजीटेरियन प्रेगनेंट महिलाओं में इस बात की संभावना कम होती है।

शोधकर्ताओं के अनुसार इसके पीछे का कारण है विटामिन बी 12 की कमी जो वेजीटेरियन महिलाओं को नहीं मिल पाती। विटामिन बी 12 के अभाव में स्त्री का गर्भाशय छोटा हो जाता है जिसकी वजह से समय से पूर्व ही बच्चे का जन्म हो जाता है।

यदि आप वेजीटेरियन हैं और मां बनने वाली हैं तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन बी 12 सप्लीमेंट्स ले सकती हैं।

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प्रेगनेंसी में इन चीज़ों से करें परहेज

1. ज्यादा चाय कॉफी का सेवन न करें। ज़्यादा कैफीन के सेवन से होने वाले शिशु के विकास में बाधा आती है।

2. मैदे से बनी चीज़ों से परहेज करें।

3. तला भुना न खाएं बल्कि प्रोटीन युक्त आहार ही लें।

4. आधा पका या कच्चे अंडे का सेवन भूलकर भी न करें। अंडे को अच्छी तरह से पका कर ही खाएं। अंडे में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है और गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन ज़रूर करना चाहिए क्योंकि बच्चे की हर कोशिका प्रोटीन से ही बनती है।

5. जंक फूड से बचें। इससे आपके शरीर को प्रोटीन और विटामिन नहीं मिल पाता। बच्चे की सेहत को ध्यान में रखते हुए इसका परहेज़ करें।

6. ज़रुरत से ज़्यादा मीठा, मिर्च और मसालेदार खाने से गर्भपात का खतरा होता है।

Story first published: Saturday, October 27, 2018, 9:00 [IST]
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