Latest Updates
-
दिल्ली में फिर फटा AC: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी नहीं, ये 4 बड़ी गलतियां एयर कंडीशनर को बना रही हैं ‘बम'! -
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर
प्रेगनेंसी पिलो Vs रेगुलर पिलो: प्रेगनेंसी में कैसे कम्फर्टेबल होकर सोएं, ये है प्रेगनेंसी पिलों के फायदे
प्रेगनेंसी के दौरान मां बनने वाली महिलाओं को कम्फर्टेबल नींद इसके लिए प्रेगनेंसी पिलो अब एक प्रेगनेंसी पीरियड के दौरान एक आवश्यक सर्पोट सिस्टम बन गया हैं। प्रेगनेंसी पिलो पहली बार 2010 में चर्चा में आया था जब हॉलीवुड सिंगर जेनिपर लॉपेज ने बैक सर्पोट के लिए इसका इस्तेमाल करना शुरु किया था। तब पहली बार मालूम चला था कि ये बैक सर्पोट के अलावा प्रेगनेंसी में बहुत यूजफूल होता है।
गर्भावस्था में बढ़ते वजन के वजह से अक्सर आपकी पीठ, कूल्हों और प्यूबिक बोन, पैरों और पांव पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है। यह नींद के दौरान और बाद में भी महसूस होता है। प्रेग्नेंसी स्लीपिंग पिलो उन महिलाओं के लिए एक सुविधाजनक और उपयोगी एक्सेसरी है, जिन्हें शरीर में दर्द और पीठ दर्द होता है, जिसके कारण रात की अच्छी नींद लेना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। आइए जानते हैं इसे इस्तेमाल करने के फायदों के बारे में।

प्रेगनेंसी पिलो Vs रेगुलर पिलो
प्रेगनेंसी के दौरान पांव और घुटनों के दर्द से बचने के लिए प्रेगनेंट महिलाएं घुटनों के बीच एक नियमित तकिए को रखकर सोया करते थे। लेकिन प्रेगनेंसी पिलो रेगुलर से बिल्कुल अलग हैं। इसे विशेष रूप से एक प्रेगनेंट महिला के शरीर में बढ़ते वजन की वजह से आ रहे बदलाव को मद्देनजर रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। वे साधारण तकिए की तुलना में लंबे होते हैं, अक्सर शरीर की लंबाई के साथ ही ये शरीर के अलग-अलग हिस्सों को आराम देते है इसलिए इन्हें ऐसे डिज़ाइन किए जाते हैं, जिससे नींद बहुत आरामदायक आती है, यहां तक कि लंबे समय तक भी। गर्भावस्था के बाद के चरणों में यह विशेष रूप से सहायक होता है, जैसे बच्चों को ब्रेस्टफीड कराते हुए ये हाथों को खूब सर्पोट देत है।

कब से प्रेगनेंसी पिलो का इस्तेमाल शुरु करना चाहिए?
हालांकि यह तय करने का कोई नियम नहीं है कि प्रेगनेंसी पिलो का उपयोग कब से शुरू करना चाहिए, अधिकांश विशेषज्ञ इसे लगभग 20 सप्ताह में उपयोग करने का सुझाव देते हैं, क्योंकि इस दौरान मां का कुछ वजन बढ़ने और मिडसेक्शन के विस्तार का अनुभव होना शुरू हो जाता है जो लिंगामेंट्स पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने लगता है। गर्भावस्था के तकिए के साथ बढ़ते पेट को सहारा देना जितना आसान है, उतना ही पीछे की तरफ से भी कमर और पीठ को भी सर्पोट मिलता है, इसमें नींद आने के साथ ही निश्चित रूप से आखिरी तिमाही में काफी मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी पिलो कैसे मदद करता है
प्रेगनेंसी के दौरान अधिकांश महिलाओं को पीठ में दर्द, पैरों में ऐंठन, मध्य भाग में अधिक वजन के कारण श्रोणि में अकड़न और अंततः इन सभी समस्याओं से के कारण नींद न आने का समस्या होती है। अपर्याप्त नींद, की वजह से चिड़चिड़ाहट, उच्च रक्तचाप, अपच और एसिड रिफ्लक्स की दिक्कतें होने लगती हैं। प्रेगनेंसी पिलो का उपयोग करने से नींद की कमी के कारण होने वाली समस्याओं से राहत मिलती है।

प्रेग्नेंसी पिलो के फायदे
ये सोने की नई पॉजीशन में अडजस्ट करने में मदद करता है: जैसे-जैसे आपका शरीर नौ महीनों के दौरान शारीरिक परिवर्तनों से गुजरता है, वैसे ही उसी स्थिति में सोना मुश्किल हो जाता है जैसे प्रेगनेंसी से पहले स्लीपिंग पॉजीशन होती है, वैसे प्रेगनेंसी में काफी बदलाव आ जाते हैं।
- प्रेग्नेंसी पिलो के साथ सोने से आप एक आरामदायक पोजीशन पा सकते हैं और यह आपके रीढ़ की अलाइनमेंट को भी सही रखने में मदद करती हैं। इसें अलावा इससे गर्दन, पीठ और कूल्हों का अलाइनमेंट सही रहता है।
- इसके इस्तेमाल से आप कम्फर्टेबल होकर सोते हैं (गर्भावस्था में आपकी पीठ के बल सोना उचित नहीं है) जो बेहतर रक्त परिसंचरण में मदद करता है। इसके इस्तेमाल से आप बेहतर तरीके से कई देर तक सो सकते हैं।

कितने प्रकार के होते है बॉडी प्रेगनेंसी पिलो
वैसे तो मेटरनिटी या प्रेगनेंसी पिलो के नाम पर कई प्रकार के पिलो मार्केट में मिलते हैं। लेकिन बॉडी प्रेगनेंसी पिलो के नाम पर सी-शेप और यू शेप पिलो मिलते हैं, जो ज्यादा सर्पोटिव होते हैं।
सी के आकार का तकिया: जैसा कि नाम से संकेत मिलता है, तकिया सी अक्षर के आकार का होता है और सिर, पेट, पैरों और पीठ को सहारा देता है।
इसका इस्तेमाल कैसे करें: यह तकिया उन लोगों के लिए उपयोगी है जो घुड़सवारी की स्थिति में सोना पसंद करते हैं। आप अपने सिर को तकिए के ऊपर रख सकते हैं और अपनी पीठ को कर्व में स्लाइड कर सकते हैं।
यू-आकार का तकिया उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो अपनी पीठ के बल सोना पसंद करते हैं, लेकिन अपने पेट के आकार में वृद्धि के कारण इस स्थिति में नहीं सो सकते हैं। यह पेट और पीठ सहित पूरे शरीर को सहारा देता है।
इसका उपयोग कैसे करें: सी आकार के तकिए के समान, यू आकार के तकिए के शीर्ष का उपयोग सिर को आराम करने और अपने शरीर को तकिए में स्लाइड करने के लिए किया जा सकता है। आप अपने पैरों को एक तरफ लपेट कर सो सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications