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प्रेमानंद महाराज ने दी वर्किंग पेरेंट्स को सलाह, वरना ये एक गलती औलाद को कर देगी दूर
Premanand Maharaj Parenting Advice : बच्चों की परवरिश को लेकर आजकल का दौर काफी बदल चुका है। पहले जहां पिता परिवार के लिए कमाने का जिम्मा उठाते थे और मां घर में रहकर बच्चों की देखभाल करती थीं, वहीं अब दोनों माता-पिता मिलकर काम करते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि अक्सर पेरेंट्स अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जिससे उनके मन में गिल्ट की भावना उत्पन्न होती है।
प्रेमानंद महाराज के पास एक माता-पिता ने इस समस्या को साझा किया। उनका कहना था कि वे दोनों काम के कारण घर से बाहर रहते हैं, और इस वजह से वे अपने ढाई साल के बच्चे को समय नहीं दे पा रहे हैं। यह स्थिति उन्हें मानसिक रूप से परेशान करती है और उनका दिल दुख से भर जाता है। महाराज जी ने इस पर ध्यान दिलाया कि बच्चों को समय देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह उनके मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए आवश्यक है।

बच्चों के लिए मां-बाप का प्यार सबसे जरूरी
प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि बच्चों के लिए मां-बाप का स्नेह सबसे महत्वपूर्ण होता है, जो उन्हें शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त बनाता है। उनका संदेश स्पष्ट है कि माता-पिता को अपने बच्चों को समय और प्यार देना चाहिए, क्योंकि अगर वे यह नहीं करते, तो भविष्य में बच्चे उस प्यार को वापस नहीं कर पाएंगे, जिससे रिश्तों में दूरी और खटास आ सकती है।
बच्चों की खुद करें परवरिश
प्रेमानंद महाराज जी का कहना है कि बच्चों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज उनकी मां का स्नेह है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चे को मां का प्यार चाहिए, न कि नौकरानी की सेवा। बच्चे को जो संस्कार और प्यार माता-पिता दे सकते हैं, वह किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं मिल सकता। महाराज जी ने यह भी कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों को दूसरों के भरोसे छोड़ते हैं, उनका बच्चा हमेशा प्यार की कमी महसूस करता है और रिश्तों में दूरी आ सकती है।
बच्चों को दे क्वॉलिटी टाइम
आगे उन्होंने कहा कि अगर माता-पिता कामकाजी हैं तो भी उन्हें अपने बच्चों के लिए समय निकालना चाहिए और उनके साथ गुणवत्ता समय बिताना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माता-पिता आज अपने बच्चों को पर्याप्त प्यार और ध्यान नहीं देंगे, तो भविष्य में बच्चे उस प्यार को वापस नहीं कर पाएंगे, जिससे उनके बीच एक मजबूत और सशक्त संबंध का निर्माण नहीं हो पाएगा।



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