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बच्चे के लिए सुपरफूड है रागी, जानें कब से सॉलिड में खिलाना शुरु करें और ये है रेसिपीज
जब बच्चों को सॉलिड देना शुरु किया जाता है तो अक्सर मांओं के मन में सवाल आता है कि बच्चों को ऐसा क्या खिलाएं जो आसानी से पच भी जाएं और बच्चों को भरपूर पोषण मिलें। बच्चों के लिए रागी बहुत ही फायदेमंद होती है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व होने के साथ ही शरीर को
इंस्टेंट एनर्जी देने में सहायता मिलती है। रागी आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है तो चलिए आपको बताते हैं रागी खिलाने से बच्चों को क्या फायदे होते हैं और आप किस उम्र में उन्हें रागी खिलाना शुरु कर सकते हैं और कुछ ऐसी रेसिपीज, जिन्हें खाने से बच्चा ना-नुकुर नहीं करेगा। इस सुपर अनाज से आपके बच्चे को मिलने वाले कुछ स्वास्थ्य लाभ यहां दिए गए हैं:

100 ग्राम रागी में मौजूद होता है इतना न्यूट्रिशियन
* ऊर्जा 328 कैलोरी
* प्रोटीन 7.3 ग्राम
* कार्बोहाइड्रेट 72 ग्राम
* वसा 1.3 ग्राम
* आहार फाइबर 11.5 ग्राम
* लोहा 3.9 मिलीग्राम
* कैल्शियम 344 मिलीग्राम
* पोटेशियम 408 मिलीग्राम
* सोडियम 11 मिलीग्राम
कैल्शियम से भरपूर
रागी में कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, और इसलिए यह आपके बच्चे की विकासशील हड्डियों के लिए फायदेमंद है। यह हड्डी के फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने के साथ कैल्शियम का स्तर बढ़ाता है। इसके अलावा रागी मानव शरीर में रक्त के उत्पादन में भी सुधार करता है।
फाइबर का स्त्रोत
रागी में मौजूद फाइबर की मात्रा पाचन को बढ़ावा देती है और आपके बच्चे को लंबे समय तक पेट भरा रहने में मदद करती है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड लिवर के आसपास की अतिरिक्त चर्बी को दूर करता है और बच्चे के शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जो मोटापे की समस्या होने नहीं देता है।

खूब सारा होता है आयरन
रागी में मौजूद प्राकृतिक आयरन बच्चों में एनीमिया को रोकने में मदद करता है। अंकुरित रागी में अच्छी मात्रा में विटामिन सी होता है, जो आयरन के बेहतर अवशोषण में सहायक होता है। रागी, में मौजूद भारी मात्रा में न्यूट्रिशियन शिशुओं को कुपोषण से दूर रखता है।
नेचुरल रिलैक्सेंट है
रागी में महत्वपूर्ण मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी शरीर को आराम देने और बच्चों में अनिद्रा, चिंता और सिरदर्द जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करती है।
त्वचा और बालों में सुधार करता है
रागी में मौजूद अमीनो एसिड मेथिओनाइन की उपस्थिति आपके बच्चे में स्वस्थ त्वचा और बालों को बढ़ावा देने में मदद करती है।
ग्लूटेन फ्री होता है
रागी ऐसे बच्चों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है, जिन्हें गेंहू से किसी भी तरह की एलर्जी है। ये ग्लूटेन फ्री होती है। उन्हें रागी की खिचड़ी या दलिया भी बनाकर दे सकते हैं।
कब से खिलाएं बच्चों को रागी
बच्चों को उन 6 महीने के बाद रागी खाने में दे सकते हैं। इसका सेवन बच्चों को करवाने से पहले एक बार विशेषज्ञ की सलाह जरुर ले लें। यहां कुछ रागी रेसिपीज बता रहें हैं जो बच्चों को आसानी से पच जाएंगे।

1. रेसिपी: रागी कांजी
सामग्री :
* दो चम्मच रागी पाउडर
* एक कप पानी
* एक चम्मच घी
* आधा कप दूध
* थोड़ा-सा गुड़
कैसे बनाएं: सबसे पहले एक पैन में पानी और रागी पाउडर को डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।अब इसे मध्यम आंच पर पकने दें। अब इसमें घी मिक्स कर दें और कुछ देर मध्यम आंच पर पकने दें। जब यह हल्का गाढ़ा हो जाए, तो इसमें हल्की मिठास के लिए थोड़ा गुड़ मिक्स कर दें और ठंडा होने पर शिशु को खिलाएं।
2. रेसिपी: रागी की दालिया
सामग्री :
* दो से तीन चम्मच रागी आटा
* एक कप पानी
* एक चम्मच घी
* आधा कप दूध
* एक से दो चम्मच चीनी या थोड़ा गुड़
बनाने की विधि :घी को कड़ाही में डालकर गरम करें। इसमें रागी आटा डालकर लगभग एक मिनट तक भूनें। अब ऊपर से पानी और आधा कप दूध मिलाएं। इसे चलाते रहें, ताकि इसमें गांठ न पड़े। अब इसमें चीनी या गुड़ मिलाएं और अच्छे से चलाते रहें। जब तक ये गाढ़ा न हो जाएं। ठंडा करके अपने बच्चे को खिलाएं
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



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