Latest Updates
-
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
प्रोलैक्टिनोमा क्या है? जिससे समीरा रेड्डी को आई कंसीव करने में दिक्कत, बांझपन से जुड़ी है ये बीमारी
बॉलीवुड एक्ट्रेस समीरा रेड्डी इन दिनों फिल्मों से दूर अपनी फैमिली के साथ काफी एंजॉय कर रही हैं। इसके अलावा वो सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव हैं। हाल ही में समीरा रेड्डी ने देबिना बनर्जी के पॉडकास्ट में अपनी प्रेग्नेंसी और पोस्टपार्टम जर्नी के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि पहली प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ी। प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें कई शारीरिक बदलावों से भी गुजरना पड़ा।
एक्ट्रेस ने बताया कि बेटे हंस को जन्म देने के बाद उनका वजन 35 किलो बढ़ गया था। जिस वजह से वह 105 किलो की हो गई थी। उनके वजन को देख लोग उनका खूब मजाक बनाते थे। जिस वजह से एक्ट्रेस डिप्रेशन का शिकार हो गई। इस वजह से वो एक साल तक घर से बाहर नहीं निकली।

समीरा ने कंसीव होने से जुडी समस्याओं को भी शेयर किया, एक्ट्रेस ने बताया कि वह प्रोलेक्टीनोमा नामक बीमारी से जूझ रहीं थीं। जिसकी वजह से उन्हें कंसीव करने में काफी प्रॉब्लम आई। आइए जानते हैं कि ये क्या बीमारी हैं?
प्रोलेक्टीनोमा क्या हैं?
प्रोलेक्टीनोमा बांझपन से जुड़ी बीमारी हैं। यह पिट्यूटरी ग्रंथि (पीयूष ग्रंथि) में बनने वाला गैर-हानिकारक (बेनाइन) ट्यूमर होता है, जो प्रोलैक्टिन हार्मोन के अत्यधिक मात्रा में उत्पादन की वजह से होता है। प्रोलैक्टिन हार्मोन मुख्य रूप से स्तनपान के दौरान दूध उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करता है, लेकिन जब इस हार्मोन का उत्पादन जरुरत से ज्यादा होता हैं, तो इससे शरीर में विभिन्न समस्याएं होने लगती हैं।
प्रोलैक्टीनोमा के लक्षण
महिलाओं में
- अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म का बंद होना।
- कंसीव करने में समस्या आना
-- स्तनों से बिना गर्भधारण या स्तनपान के दूध का निकलना (गैलेक्टोरिया)।
पुरुषों में भी इसके लक्षण कुछ इस तरह नजर आते हैं
- यौन रुचि में कमी।
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन (नपुंसकता)।
- बांझपन।
सामान्य लक्षण
- सिरदर्द
- दृष्टि संबंधी समस्याएँ (विशेषकर दृष्टि में धुंधलापन)।
प्रोलैक्टीनोमा की वजह
प्रोलैक्टीनोमा का मुख्य कारण पिट्यूटरी ग्रंथि में प्रोलैक्टिन-उत्पादक कोशिकाओं का ट्यूमर है। इसकी वजह आमतौर पर ज्ञात नहीं होती, लेकिन कई बार इसे निम्नलिखित कारणों से जोड़ा जा सकता है:
आनुवंशिकी (Genetics): कुछ मामलों में, यह अनुवांशिक विकारों के कारण हो सकता है, जैसे कि मल्टीपल एंडोक्राइन नेोप्लासिया टाइप 1 (MEN1)।
हार्मोनल असंतुलन: शरीर में हार्मोनल असंतुलन भी इसका कारण हो सकता है। इसके अलावा गर्भपात या हैवी डोज की दवाओं की वजह से भी यह समस्या हो सकती हैं।
इलाज
प्रोलैक्टीनोमा का इलाज दवाओं, सर्जरी, या रेडियोथेरेपी से किया जा सकता है। इसका इलाज इस पर निर्भर करता है कि ट्यूमर कितना बड़ा है और इससे लक्षण क्या-क्या नजर आ रहे हैं।



Click it and Unblock the Notifications
