Latest Updates
-
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो
प्रोलैक्टिनोमा क्या है? जिससे समीरा रेड्डी को आई कंसीव करने में दिक्कत, बांझपन से जुड़ी है ये बीमारी
बॉलीवुड एक्ट्रेस समीरा रेड्डी इन दिनों फिल्मों से दूर अपनी फैमिली के साथ काफी एंजॉय कर रही हैं। इसके अलावा वो सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव हैं। हाल ही में समीरा रेड्डी ने देबिना बनर्जी के पॉडकास्ट में अपनी प्रेग्नेंसी और पोस्टपार्टम जर्नी के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि पहली प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ी। प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें कई शारीरिक बदलावों से भी गुजरना पड़ा।
एक्ट्रेस ने बताया कि बेटे हंस को जन्म देने के बाद उनका वजन 35 किलो बढ़ गया था। जिस वजह से वह 105 किलो की हो गई थी। उनके वजन को देख लोग उनका खूब मजाक बनाते थे। जिस वजह से एक्ट्रेस डिप्रेशन का शिकार हो गई। इस वजह से वो एक साल तक घर से बाहर नहीं निकली।

समीरा ने कंसीव होने से जुडी समस्याओं को भी शेयर किया, एक्ट्रेस ने बताया कि वह प्रोलेक्टीनोमा नामक बीमारी से जूझ रहीं थीं। जिसकी वजह से उन्हें कंसीव करने में काफी प्रॉब्लम आई। आइए जानते हैं कि ये क्या बीमारी हैं?
प्रोलेक्टीनोमा क्या हैं?
प्रोलेक्टीनोमा बांझपन से जुड़ी बीमारी हैं। यह पिट्यूटरी ग्रंथि (पीयूष ग्रंथि) में बनने वाला गैर-हानिकारक (बेनाइन) ट्यूमर होता है, जो प्रोलैक्टिन हार्मोन के अत्यधिक मात्रा में उत्पादन की वजह से होता है। प्रोलैक्टिन हार्मोन मुख्य रूप से स्तनपान के दौरान दूध उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करता है, लेकिन जब इस हार्मोन का उत्पादन जरुरत से ज्यादा होता हैं, तो इससे शरीर में विभिन्न समस्याएं होने लगती हैं।
प्रोलैक्टीनोमा के लक्षण
महिलाओं में
- अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म का बंद होना।
- कंसीव करने में समस्या आना
-- स्तनों से बिना गर्भधारण या स्तनपान के दूध का निकलना (गैलेक्टोरिया)।
पुरुषों में भी इसके लक्षण कुछ इस तरह नजर आते हैं
- यौन रुचि में कमी।
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन (नपुंसकता)।
- बांझपन।
सामान्य लक्षण
- सिरदर्द
- दृष्टि संबंधी समस्याएँ (विशेषकर दृष्टि में धुंधलापन)।
प्रोलैक्टीनोमा की वजह
प्रोलैक्टीनोमा का मुख्य कारण पिट्यूटरी ग्रंथि में प्रोलैक्टिन-उत्पादक कोशिकाओं का ट्यूमर है। इसकी वजह आमतौर पर ज्ञात नहीं होती, लेकिन कई बार इसे निम्नलिखित कारणों से जोड़ा जा सकता है:
आनुवंशिकी (Genetics): कुछ मामलों में, यह अनुवांशिक विकारों के कारण हो सकता है, जैसे कि मल्टीपल एंडोक्राइन नेोप्लासिया टाइप 1 (MEN1)।
हार्मोनल असंतुलन: शरीर में हार्मोनल असंतुलन भी इसका कारण हो सकता है। इसके अलावा गर्भपात या हैवी डोज की दवाओं की वजह से भी यह समस्या हो सकती हैं।
इलाज
प्रोलैक्टीनोमा का इलाज दवाओं, सर्जरी, या रेडियोथेरेपी से किया जा सकता है। इसका इलाज इस पर निर्भर करता है कि ट्यूमर कितना बड़ा है और इससे लक्षण क्या-क्या नजर आ रहे हैं।



Click it and Unblock the Notifications











