Monsoon Safty Tips: बारिश में बच्चों को भिगाने से कैसे बचाएं, भीगने पर जानें क्‍या करें और क्‍या नहीं

Precautions Tips To Protect School going Children From Rain: मानसून एक ऐसा समय है जब हमें गर्मियों के दौरान चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलती है और प्रकृति का भरपूर आनंद मिलता है। हालांक‍ि ये मौसम अपने साथ ढेर बारिश की फुहारों के साथ बेहद सारी मौज-मस्ती और सैर-सपाटा लेकर आता है।

चूंकि तकरीबन हर जगह मानसून ने दस्‍तक दे दी है, इसलिए यह बहुत जरूरी है कि हम इसके साथ-साथ होने वाली बीमारियों जैसे कि वायरल संक्रमण, सर्दी, बुखार, खांसी आदि को भी ध्यान में रखें। इस सीजन में बच्चे आसानी से सीज़नल फ्लू की चपेट में आ जाते हैं, क्योंकि मानसून के साथ ही बच्‍चों के स्‍कूल भी शुरु हो जाते हैं।

मिट्टी और कीचड़ में खेलते हुए और बारिश में भीगने की वजह से वह अपने साथ बैक्टीरिया घर ले आते हैं, जो इस सीज़न में बीमारियों का कारण बन सकते हैं। आइए जानते हैं ब‍ारिश में बच्‍चों को भीगने से बचाने के प्रोटेक्‍शन टिप्‍स और बच्‍चों को फलू से बचाने के ल‍िए क‍िन बातों का ध्‍यान रखना जरुरी है।

Schools Reopen

स्‍कूल जाते हुए बारिश से प्रोटेक्‍शन के टिप्‍स

छाता - बच्चों को स्कूल जाने के लिए अपना छाता ले जाना बहुत जरूरी है, जो उन्हें मानसून से बचाने में मदद करता है।

रेनकोट्स - अगर आपका बच्‍चा पैदल या टू व्‍हीलर से स्‍कूल जाता है, तो रेनकोट्स से वो खुद को भीगने से बचा सकता है।

रेन बूट्स - रेन बूट्स बारिश में पैरों की रक्षा करते हैं। जूतों में गंदा पानी नहीं भरता है। रेनबूट्स गंदगी से बचाने के साथ ही पांव को गर्म भी रखते हैं और फंगल इंफेक्‍शन से भी बचाव होता है।

वाटरप्रूफ स्कूल बैग - बच्चे अपने साथ स्कूल में कई तरह का सामान ले जाते हैं, इसलिए वाटरप्रूफ स्कूल बैग का उपयोग करके उनकी सुरक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वरना कॉपी-क‍िताब भिगाने का ज्‍यादा डर रहता है।

हुड वाली रेन जैकेट - हुड वाली जैकेट निश्चित रूप से सामान्य टोपी या टोपी की तुलना में उनके सिर को अधिक सुरक्षित रखेगी।

 Children From Monsoon


बच्‍चें भीग जाएं तो ये उपाय करें

जब बच्‍चें बाहर से आएं तुरंत नहलाएं - अगर आप बारिश में भीग गए हैं या बाहर खेल कर आए हैं तो अपने आप को अच्छी तरह साफ करें। गंदे पानी में बच्चों को खेलना अच्छा लगता है। गंदगी की वजह से बारिश में फोड़े- फुंसी की भी समस्‍या होने लगती है। बच्चों को बाहर से आकर हमेशा नहलाना चाहिए जिससे जर्म्स और धूल-मिट्टी साफ हो जाए। नहाने के पानी में एंटीसेप्टिक सॉल्‍यूशन या नीम ऑयल भी मिला सकते हैं जो जर्म्स को नष्ट कर देता है।

कपड़े सोच समझकर पहनाएं- इस मौसम में ढीली फिटिंग के हल्के कॉटन के कपड़े पहनाएं, इससे त्वचा सूखी रहती है। इसके अलावा बच्‍चे के साथ जैकेट रखें क्योंकि बारिश में कई बार मौसम ठंडा हो जाता है। बच्‍चों को ठंड लगने की संभावना रहती है।

एयर कंडीशनर रखें बंद- जब बच्‍चे गीले कपड़ों में बाहर से आएं, तो एयर कंडीशनर चालू न करें, इससे गंभीर बीमारी हो सकती है। इसके अलावा सिर के बाल जल्‍दी सुखाएं वरना ठंड लग सकती हैं।

एंटी मॉस्किटो लोशन लगाएं-
इस मौसम में मच्‍छर की समस्‍या आम होती है, बारिश के पानी की वजह से जगह-जगह मच्‍छर पनपने लगते हैं। इसल‍िए बच्‍चा जब भी स्‍कूल जाएं या दूसरे बच्‍चों के साथ बाहर खेलने जाएं तो उसे मच्‍छरों के हमले से बचाने के ल‍िए एंटी-मॉस्किटो लोशन जरुर लगाएं।

बाहर का खुला खाना खाने से टोंके-भारी बारिश के कारण शहरों में जल जमाव के कारण नालियों का पानी ओवरफ्लो हो जाता है और पीने के पानी में मिल जाता है। इससे गैस्ट्रोएंटेराइटिस, हैजा, टाइफाइड और पीलिया महामारी के मामले अक्‍सर बढ़ जाते है। इसल‍िए बच्‍चों को इन बीमारियों से बचाने के ल‍िए बाहर का खुला खाना खाने से रोकें।

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