Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व
स्तनपान कराते हुए ये छोटी-सी गलती शिशु की जान पर पड़ सकती है भारी, इन चीजों को लेकर सचेत रहें
बच्चे को जन्म देना और उसकी देखभाल करना हर नई मां के लिए काफी थका देने वाला टास्क होता है। इसके अलावा, शिशु के जीवन के शुरुआती कुछ हफ्तों या महीनों तक लगातार नींद की कमी के कारण, स्तनपान कराने के दौरान माताओं का सो जाना बहुत ही नॉर्मल बात है। स्तनपान के दौरान शरीर ऑक्सीटोसिन रिलीज करता है।
यह एक हार्मोन है जो स्तनपान के दौरान नींद लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह किसी को शांत और आराम महसूस करा सकता है। आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां को क्यों नींद आने लगती है और इस दौरान क्यों नहीं सोना चाहिए?

जब ब्रेस्टमिल्क बनने लगता है तो महिलाओं के शरीर में कुछ हार्मोन का निर्माण होता है, जो सुस्ती या नींद का कारण भी बनता है।
ऑक्सीटोसिन
यह हार्मोन ब्रेस्ट में दूध के स्राव को बढ़ावा देता है। यह हार्मोन शांत, रिलैक्स और नींद लाता है। इसकी वजह से भी ब्रेस्टफीडिंग मदर को दूध पिलाते समय नींद आ सकती है।
प्रोलैक्टिन
यह ब्रेस्टमिल्क के उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण हार्मोन है। यह मां को आराम का एहसास कराता है, जिससे रात में नींद अच्छी आती है।
क्या ब्रेस्टफीडिंग के समय सोने से क्या खतरा है?
बच्चे को स्तनपान कराते समय सो जाना सही नहीं है क्योंकि इससे शिशु को दूध पिलाने से संबंधित मृत्यु का खतरा होता है। यदि आप शिशु को गोद में लेकर सो रही हैं तो शिशु आपकी गोद से गिर सकता है। शिशु को छाती से छिपका कर रखने से उसे घुटन हो सकती है। सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम (sudden infant death syndrome) का खतरा भी रहता है।
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान क्यों रहती हैं सुस्ती?
नवजात शिशु को आमतौर पर हर दो से तीन घंटे में या 24 घंटे में 10 से 12 बार दूध पिलाना पड़ता है। इसकी वजह से मां की नींद पूरी नहीं हो पाती है। इस वजह से न्यू मदर्स में काफी सुस्ती रहती हैं।
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान खुद को सोने से कैसे रोकें?
स्तनपान के दौरान नींद आने से रोकने के लिए इन चीजों को फॉलो करें
* ऐसा शेड्यूल बनाएं कि आप भी आराम कर सकें। बच्चें की स्लीप साइकिल को फॉलो करें, जब बच्चा सो जाए तो साथ में सो जाएं। हो सकता है कि कई रातें आपकों जगना पड़े, इसलिए अपने सोने की आदत को बच्चे की नींद के अनुसार ढ़ालें।
* एक्टिव रहें और नींद न आने के लिए खुद को किसी न किसी गतिविधि में व्यस्त रखें जैसे किताब पढ़ना, संगीत सुनना, टीवी देखना या फोन पर कोई गेम खेलना।
* बच्चे के दूध मांगने और पिलाने के संकेतों को पहचानें और उन्हें समय पर खिलाएं। यह उन्हें चिड़चिड़े होने से रोकेगा और वो जल्दी सो जाएंगे।
* यदि आप सो जाते हैं तो अपने साथी या परिवार के किसी सदस्य को जगाने के लिए कहें। आपके आस-पास कोई है तो उन्हें ब्रेस्ट पंप या फार्मूला मिल्क पिलाने के लिए मदद लें।

स्तनपान के दौरान नींद आने से रोकने के लिए इन चीजों को फॉलो करें
* ऐसा शेड्यूल बनाएं कि आप भी आराम कर सकें। बच्चें की स्लीप साइकिल को फॉलो करें, जब बच्चा सो जाए तो साथ में सो जाएं। हो सकता है कि कई रातें आपकों जगना पड़े, इसलिए अपने सोने की आदत को बच्चे की नींद के अनुसार ढ़ालें।
* एक्टिव रहें और नींद न आने के लिए खुद को किसी न किसी गतिविधि में व्यस्त रखें जैसे किताब पढ़ना, संगीत सुनना, टीवी देखना या फोन पर कोई गेम खेलना।
* बच्चे के दूध मांगने और पिलाने के संकेतों को पहचानें और उन्हें समय पर खिलाएं। यह उन्हें चिड़चिड़े होने से रोकेगा और वो जल्दी सो जाएंगे।
* यदि आप सो जाते हैं तो अपने साथी या परिवार के किसी सदस्य को जगाने के लिए कहें। आपके आस-पास कोई है तो उन्हें ब्रेस्ट पंप या फार्मूला मिल्क पिलाने के लिए मदद लें।
रात को जागना पड़े तो ये काम करें
अपने आप को एक आरामदायक तकिए या आरामदायक कुर्सी का सहारा लें। इससे स्तनपान कराते समय रात को काफी आराम मिलेगा। किनारों वाली जगह पर बैठने से बचें। क्योंकि सोने या झपकी लेने से आप या आपका शिशु पलट सकते हैं। रात को फीड कराने के लिए ऐसे स्थान को ढूंढे जो कि सुरक्षित हो।



Click it and Unblock the Notifications
