Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम
ठंड में कितना होना चाहिए शिशु के कमरे का तापमान, ज्यादा गर्म करना भी घातक, इन बातों का रखें ध्यान
सर्दियों में शिशु की देखभाल करते समय कमरे का तापमान 20-22°C के बीच बनाए रखना चाहिए। रूम हीटर का उपयोग करते समय कमरे में नमी बनाए रखने के लिए पानी का कटोरा रखें। बच्चे को बहुत अधिक गर्म कपड़ों में न लपेटें; लेयरिंग का इस्तेमाल करें ताकि जरूरत पड़ने पर कपड़े कम किए जा सकें।
बच्चे को प्राकृतिक कपड़े जैसे सूती या ऊनी कपड़े पहनाएं, जो त्वचा के अनुकूल हों। शिशु को नियमित रूप से गर्माहट देने के लिए हल्के कंबल का उपयोग करें और कमरे को अच्छी तरह हवादार रखें। सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) से बचने के लिए शिशु को सीधा सुलाएं और सिर को ढकने से बचें।

बच्चों को ठंड से कैसे बचाएं?
सर्दियों में बच्चों को ठंड से बचाने के लिए उन्हें ठीक से कवर करना आवश्यक है। शिशुओं को एक से अधिक लेयर में हल्के और गर्म कपड़े पहनाएं, जिससे जरूरत पड़ने पर लेयर हटाई जा सके। रात में कमरे का तापमान 20-22°C के बीच रखें और बच्चों को हल्के वजन वाले कंबल ओढ़ाएं। बहुत अधिक गर्म कपड़ों या मोटे कंबल का उपयोग न करें, क्योंकि इससे बच्चे को असहजता हो सकती है। ध्यान दें कि उनकी त्वचा सांस ले सके और वे आराम से सो पाएं।
इतना होना चाहिए कमरे का तापमान
सर्दियों में बच्चों के कमरे का तापमान 16 से 20 डिग्री सेल्सियस (68° और 72°F) के बीच होना चाहिए। बहुत गर्म कमरे में शिशु को सुलाने से उनका शरीर अधिक गर्म हो सकता है, जिससे नींद में खलल और असुविधा हो सकती है। रूम हीटर का इस्तेमाल करते वक्त कमरे का तापमान नियंत्रित रखें और बच्चे को हल्के गर्म कपड़े पहनाएं, न कि मोटे कंबल या बहुत गर्म कपड़े। इस तापमान में शिशु को आरामदायक नींद मिलती है और उनकी सुरक्षा भी बनी रहती है।
ज्यादा गर्म भी न करें कमरा गर्म
एक्सपर्ट की मानें तो बहुत गर्म कमरे का तापमान शिशु के लिए खतरे का कारण बन सकता है, खासकर सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) के रूप में। इसलिए, शिशु के कमरे का तापमान संतुलित रखना जरूरी है। अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए बच्चे को हल्के और आरामदायक कपड़े पहनाएं, लेकिन ध्यान रखें कि बच्चे को बाहर ले जाते समय भी उसे ज्यादा गर्मी से बचाना आवश्यक है। अत्यधिक ठंड या गर्मी से शिशु को हाइपोथर्मिया और हाइपरथर्मिया जैसी स्थितियों का खतरा हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications
