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world breastfeeding week पब्लिकली ब्रेस्टफीडिंग की जिद करता है बच्चा, तो ऐसे ब्रेस्टफीडिंग छुड़ाए
बच्चे के लिए मां का दूध सबसे ज्यादा जरूरी होता है। मां का दूध बच्चे की पहली खुराक होता है, जो बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरुरी होता है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं उन्हें मां के दूध की आदत पड़ने लगती है, ये समय मां के लिए बेहद परेशानी वाला हो सकता है। कुछ बच्चे तो ऐसे होते हैं, जो स्कूल जाने वाले हो जाते है लेकिन मां की छाती से चिपके रहते हैं।
जन्म से एक साल तक बच्चे को मां का दूध पिलाना जरुरी होता है। लेकिन कई मामलों में बच्चे 3 से 4 साल के होने के बावजूद भी मां का दूध पीना नहीं छोड़ते हैं, जिसकी वजह से पब्लिक प्लेस में मांओं को परेशानी के साथ शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ती है।
अगर आपका भी बच्चा उनमें से एक है, जिसकी आदत आप छुड़ाना चाहती हैं, तो हम आपको यहां कुछ टिप्स दे रहे हैं। अगर आपका बच्चा 12 महीने का हो चुका है, तो यही वो समय होता है जब मां को धीरे-धीरे अपना दूध छुड़ाना शुरू कर देना चाहिए। इसके लिए आपको स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया को फॉलो करना होगा।

कब बंद करवाना चाहिए?
स्तनपान करवाने से मां और बच्चे दोनों के बीच का रिश्ता मजबूत होता है। इसके अलावा शिशु को पोषण भी मिलता है। इसलिए बच्चे को मां का दूध छुड़ाने से पहले आपको ये जान लेना चाहिए कि इसके लिए सही समय क्या है। शिशु के एक साल के होने के बाद आप उसे स्तनपान करवाना बंद कर सकती हैं।
ठोस आहार शुरू करवाएं
आप एक दम से बच्चे को दूध पिलाना बंद न करें बल्कि इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे आगे बढ़ाएं। ठोस आहार शुरू करने के तुरंत बाद ही बच्चे को दूध पिलाना बंद करना आपके और आपके बच्चे के लिए सही नहीं है। ठोस आहार शुरू करने के बाद बच्चा खुद ही दूध पीने की डिमांड कम करने लगता है।
एक फीडिंग सेशन कम करें
अगर आप अपने बच्चे को अपने दूध की आदत छुड़ाना चाहती हैं, तो हर रोज आप जितनी बार उन्हें दूध पिलाती हैं उसका एक बार कम कर दें। अर्थात् अगर आपने कल 4 बार दूध पिलाया था, तो आज 3 बार ही पिलाएं और ऐसा ही हर हफ्ते या हर दिन करती रहें। धीरे-धीरे आपके बच्चे को भी इस चीज की आदत पड़ जाएगी। और वह इस बदलाव को अधिक नोटिस भी नहीं कर पाएगा।
ध्यान हटाने की कोशिश करें
अगर आप बच्चे का ब्रेस्ट फीडिंग से ध्यान हटा देना चाहती हैं, तो आप उन्हें ब्रेस्ट फीडिंग के समय किसी दूसरी चीज के द्वारा आकर्षित कर सकती हैं। ताकि उनका दूध से ध्यान हट सके और वह बार-बार दूध पीने की मांग न करे। इसके लिए आप उन्हें नए-नए खिलौने दे सकते हैं या उनको झूला झूलना या पालने में खिलाने जैसी अलग-अलग गतिविधियों में शामिल कर सकती हैं।
बाहर जाएं तो दूसरी एक्टिविटीज में इंगेज करें
अगर बच्चा पब्लिकली भी दूध पीने की डिमांड करता है, तो अक्सर वो इसे लेकर जिद भी पकड़ सकता है। इसलिए जरुरी है कि जब भी बच्चे को बाहर ले जाएं तो उसे दूसरी एक्टिविटीज जैसे गेम्स और टॉय एक्टिविटीज में इंगेज कर दें और बीच-बीच में उसे कुछ न कुछ सॉलिड फूड खिलाती रहें। इससे बच्चा मां के दूध की ज्यादा डिमांड भी नहीं करेगा।
केवल तब दूध पिलाएं जब वह मांग करें
अगर आपको हर उस समय दूध पिलाने की आदत है जैसे आप पहले पिलाती थी, तो ऐसा न करें। बढ़ती उम्र के साथ बच्चे को डिमांड के अनुसार ही दूध पिलाएं।



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