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World Hearing Day 2025 : नवजात शिशु का जरूर करवाएं हियरिंग स्क्रीनिंग टेस्ट, जानें क्यों है ये जरूरी
नवजात शिशु का स्वास्थ्य जांचने के लिए जन्म के तुरंत बाद कई तरह के परीक्षण किए जाते हैं। जिस तरह शिशु का रोना यह दर्शाता है कि वह ठीक है, उसी तरह कुछ स्क्रीनिंग टेस्ट यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक होते हैं कि उसके विकास में कोई समस्या न हो।
हियरिंग स्क्रीनिंग टेस्ट (Hearing Screening Test) भी ऐसे ही एक महत्वपूर्ण परीक्षणों में से एक है, जिससे नवजात की सुनने की क्षमता का आकलन किया जाता है।

हियरिंग स्क्रीनिंग टेस्ट का महत्व
कई बार नवजात शिशु जन्मजात श्रवण दोष या बहरेपन से ग्रसित होते हैं, लेकिन माता-पिता को इसका पता देर से चलता है। अगर बच्चे को सही समय पर सुनने की समस्या का पता नहीं चलता, तो इससे उसके संपूर्ण विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सुनने की क्षमता न होने से बच्चा भाषा सीखने में कठिनाई महसूस कर सकता है, जिससे उसकी बोलने की क्षमता भी प्रभावित होती है। इसीलिए जन्म के तुरंत बाद या पहले तीन महीनों के भीतर हियरिंग स्क्रीनिंग टेस्ट कराना बहुत जरूरी है।
कब किया जाता है यह टेस्ट?
आमतौर पर, हियरिंग टेस्ट बच्चे के जन्म के कुछ दिनों के भीतर, अस्पताल में ही किया जाता है। भारत में यह जांच नवजात स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत की जाती है और इसे जन्म के एक महीने के भीतर पूरा करने की सलाह दी जाती है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि जन्म के एक महीने बाद यह टेस्ट अधिक प्रभावी होता है। यह परीक्षण अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले या फिर तीन महीने के भीतर करवाया जा सकता है।
कैसे किया जाता है हियरिंग टेस्ट?
इस परीक्षण में मुख्य रूप से दो तरह की तकनीकों का उपयोग किया जाता है:
ओटाकॉस्टिक एमिशन टेस्ट (OAE) - इस टेस्ट में कान में एक छोटा उपकरण लगाया जाता है, जो ध्वनि तरंगें भेजता है और कान से प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करता है।
ऑटोमेटेड ऑडिटरी ब्रेनस्टेम रिस्पॉन्स (AABR) टेस्ट - इसमें ध्वनि संकेत भेजकर मस्तिष्क की प्रतिक्रिया मापी जाती है।
सभी नवजात के लिए यह टेस्ट जरूरी क्यों है?
अगर जन्म के समय बच्चे में कोई श्रवण दोष मौजूद है, तो शुरुआती उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है। बिना जांच के, यह समस्या बाद में गंभीर हो सकती है और बच्चे के मानसिक, सामाजिक और भाषाई विकास पर असर डाल सकती है। इसलिए सभी नवजात शिशुओं का हियरिंग स्क्रीनिंग टेस्ट कराना अत्यंत आवश्यक है।



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