Bihar Village Style Sattu Dal Recipe: पारंपरिक स्वाद और सेहत का सही मेल

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बिहार के गांवों की सोंधी मिट्टी की खुशबू और वहां का पारंपरिक खान-पान हमेशा से ही सेहत का खजाना रहा है। सत्तू को अक्सर हम शरबत, लिट्टी या पराठे के रूप में ही देखते और पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी पारंपरिक Sattu Dal का असली स्वाद चखा है? यह डिश न केवल स्वाद में बेमिसाल है, बल्कि गर्मियों के मौसम में शरीर को जरूरी पोषण और ठंडक भी देती है।

कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनकी सत्तू की दाल या तो बहुत ज्यादा गाढ़ी हो जाती है या फिर उसमें वह सोंधापन नहीं आता जो गांव की रसोई में मिलता है। इस Veg रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत इसका तड़का और सत्तू को घोलने का सही तरीका है। अगर आप भी वही पुराना स्वाद घर पर पाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए ही है।

Sattu Dal बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस पारंपरिक दाल को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं है। घर की रसोई में मौजूद बेसिक मसालों से ही यह तैयार हो जाती है। इसके लिए आपको चाहिए एक कप शुद्ध चने का सत्तू, जो इस डिश की जान है। साथ ही दो मध्यम आकार के बारीक कटे हुए प्याज और 5-6 कलियां लहसुन की लें।

तड़के के लिए आपको चाहिए एक छोटा चम्मच जीरा, दो हरी मिर्च और एक चुटकी हींग। मसालों में आधा चम्मच हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक का इस्तेमाल करें। इस रेसिपी का असली स्वाद सरसों के तेल में ही निखर कर आता है, इसलिए दो बड़े चम्मच सरसों तेल जरूर रखें। अंत में गार्निशिंग के लिए ताजा हरा धनिया और थोड़ा सा नींबू का रस तैयार रखें।

Veg स्टाइल में Sattu Dal बनाने की विधि

सबसे पहले एक गहरे बर्तन में सत्तू निकाल लें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी डालें और एक पतला घोल तैयार करें। ध्यान रहे कि घोल में एक भी गुठली न रहे, वरना दाल का टेक्सचर खराब हो जाएगा। इसे अच्छी तरह फेंट लें ताकि यह बिल्कुल स्मूथ हो जाए।

अब गैस पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें सरसों का तेल डालें। जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे, तब इसमें जीरा और हींग का तड़का लगाएं। इसके तुरंत बाद बारीक कटा हुआ लहसुन और हरी मिर्च डाल दें। लहसुन को तब तक भूनें जब तक कि उसकी सोंधी खुशबू न आने लगे और वह सुनहरा न हो जाए।

अब इसमें बारीक कटा प्याज डालें। प्याज को हमें बहुत ज्यादा ब्राउन नहीं करना है, बस इसे हल्का गुलाबी होने तक पकाएं। जब प्याज नरम हो जाए, तो इसमें हल्दी पाउडर और हल्का सा लाल मिर्च पाउडर डालें। अब तैयार किया हुआ सत्तू का घोल कड़ाही में धीरे-धीरे डालें और आंच धीमी कर दें।

दाल को लगातार चलाते रहें क्योंकि सत्तू बहुत जल्दी नीचे चिपकने लगता है। अगर आपको दाल ज्यादा गाढ़ी लग रही हो, तो इसमें थोड़ा गर्म पानी और मिला सकते हैं। अब स्वादानुसार नमक डालें और इसे 5 से 8 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। जब दाल में एक अच्छा उबाल आ जाए और मसालों की खुशबू सत्तू के साथ मिल जाए, तो गैस बंद कर दें।

आपकी गरमा-गरम सत्तू दाल तैयार है। परोसने से पहले इसमें ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और आधा नींबू का रस निचोड़ दें। नींबू का खट्टापन सत्तू के सोंधेपन को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। इसे आप सादे चावल या गरमा-गरम रोटियों के साथ लंच में सर्व कर सकते हैं।

अंत में

सत्तू की यह दाल न केवल बनाने में आसान है, बल्कि यह प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत भी है। जब भी आपका मन कुछ हल्का और पौष्टिक खाने का हो, तो इस बिहारी स्टाइल रेसिपी को जरूर ट्राई करें। यह सादगी और स्वाद का ऐसा मेल है जिसे आपके घर के बच्चे और बड़े सभी बड़े चाव से खाएंगे।

Story first published: Friday, May 22, 2026, 12:01 [IST]
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