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हर मैरिड कपल को पता होना चाहिए गर्भनिरोधक और अबॉर्शन पिल्स के बारें में
हर शादीशुदा कपल को कुछ ऐसी बातें होती हैं जिनके बारें में पता होना चाहिए, लेकिन लापरवाही या कहें कि सेक्स एजुकेशन के बारें मे ज्यादा जागरूक ना होने कारण उनको वो सारी बातें नहीं पता होती जो जाननी जरूरी होती हैं। और ये आपके सेक्शुअल हेल्थ से रिलेटेड ऐसी बातें होती हैं, जो काफी अहम तब हो जाती है जब कुछ ऐसी सिचुएशन सामने आती है तब आप परेशान होकर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। डॉक्टर से परामशर्श लेना अच्छी बात है, लेकिन आपको सामान्य जानकारी भी रखनी चाहिए।

गर्भनिरोधक और गर्भपात
हम बात कर रहे हैं गर्भनिरोधक और गर्भपात के बारें में। आपको इस बारें में अपने सेक्शुअल और फर्टिलिटी हेल्थ के पार्ट के रूप में कौन से ऑप्शन मौजूद हैं। ये आपका अधिकार भी है, जिससे आप जान सकें कि अगर ऐसी कंडीशन अगर आ जाए तो आप डॉक्टर से परामर्श करके जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट कर सकते हैं।

बर्थ कंट्रोल पिल्स
बर्थ कंट्रोल (Birth Control) पिल्स शरीर को गर्भवती होने में सक्षम होने से रोकने के लिए गर्भनिरोधक के प्राइमरी तरीके के रूप में डेली ली जाने वाली एक हार्मोनल मेडिसिन है। वे फर्टिलाइजेशन को रोकने के लिए ओव्यूलेशन को रोककर, और या गर्भाशय ग्रीवा के म्यूकस को गाढ़ा और या गर्भाशय की परत को पतला करने का काम करती हैं। जब इसे सही तरीके से लिया जाता है, गर्भ निरोधक गोलियां गर्भावस्था को रोकने में बहुत अधिक प्रभावशाली होती हैं। लेकिन गर्भावस्था को खत्म करने के लिए बर्थ कंट्रोल यूज नहीं किया जा सकता है।

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन
इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन (Emergency Contraception) जिसे इंडिया में नॉर्मली लोग मॉर्निंग आफ्टर पिल कहते हैं। ये एक इमरजेंसी तरीका है जो तब मौजूद होती है जब गर्भनिरोधक का प्राइमरी तरीका आपके पास नहीं होता है। इसके प्रभावी होने के लिए इसे सेक्स (SEX) के बाद जितनी जल्दी हो सके लिया जाना चाहिए। (ये सेक्स के लगभग 120 घंटों के बाद प्रभावी नहीं है) ये ओवुलेशन में देरी करके और या स्पर्म मोमेंट करके काम करता है जिससे इसकी संभावना कम हो जाती है स्पर्म एक अंडे को फर्टेलाइज करेगा। ये कंडोम, जन्म नियंत्रण की गोलियाँ या आईयूडी जैसे गर्भनिरोधक के प्राइमरी रूप का यूज करने की तुलना में गर्भावस्था को रोकने में कम प्रभावी है। इसलिए इसका उपयोग जन्म नियंत्रण के नियमित रूप के रूप में नहीं बल्कि केवल आपात स्थितियों में किया जाना चाहिए। ये अबॉर्शन की गोली के समान नहीं है।
अबॉर्शन पिल्स
आप अबॉर्शन की गोलियों या मेडिकल अबॉर्शन को खत्म करने के रूप में सोच सकते हैं। ये गर्भावस्था के पहले से ही होने के बाद ही लिया जाता है, और वे गर्भधारण को बनाए रखने के लिए जरूरी हार्मोन को रोक करके और गर्भावस्था को बाहर निकालने के लिए यूट्रस को उत्तेजित करके काम करते हैं। ये जन्म नियंत्रण या आपातकालीन गर्भनिरोधक के समान नहीं है।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



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