Latest Updates
-
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर
शादी से पहले ही मेरे हसबैंड ने मेरी वर्जिनिटी का कर दिया था सौदा
मैं बहुत ही मध्यमवर्गीय परिवार से घर ताल्लुक रखने वाली बहुत ही सामान्य सी लड़की हूं। एक बहुत ही मुश्किल से मेरे पिता ने मुझे 12 वीं कक्षा से पढ़ाई कराई और मेडिकल एंट्रेस एग्जाम दिलाया।
लेकिन दो साल की मेहनत के बाद भी जब कोई सफलता हासिल नहीं हुई तो मैं समझ गई अब मुझे शायद कुछ और करना चाहिए इसलिए मैंने बीएसी की पढ़ाई शुरु कर दी। बीएससी करते हुए मेरे परिवार वालों ने मेरी शादी की बात करना शुरु कर दी और मेरे लिए रिश्ते तलाशने लगे।

उससे मिली
ग्रेजुएशन के बाद मेरे परिवार चाहते थे कि मेरी शादी एक अच्छे घर में हो जाएं। इसलिए मैंने हामी भर दी। चीजें बहुत ही सामान्य सी चल रही थी। मेरे लिए रिश्ते आने शुरु हो गए, कई लड़को से मिली और कई लड़को को देखा। उसके बाद में उससे मिली जो मेरा जीवनसाथी बनने वाला था।

पहली बार स्काइप पर मिले
हमारे परिवार के एक रिश्तेदार ने हमें एक लड़के की फेमिली से मिलाया। वो बैंगलुरु में एक आईटी कम्पनी में साफ्टवेयर इंजिनियर था। स्काइप के जरिए हमारी बात हुई। बस कुछ ही घंटों की बातचीत में मैंने उसे जीवन साथी बनाना का फैसला ले लिया। मुझे लगने लगा शायद इसलिए मेरा मेडिकल एग्जाम में सेलेक्शन नहीं हुआ क्योंकि उससे अच्छा मेरे लिया भगवान कुछ और प्लान कर रखा था।

शादी की डेट हुई तय
हमारी हां कहते ही एक महीने बाद सगाई की तारीख तय हुई। इस समय के दौरान हमारे बातचीत का सिलसिला बढ़ता ही चल गया। हम दोनों एक दूसरे के करीब होते चले गए। आखिर वो दिन आ ही गया जब हम दोनों एक दूसरे से मिले। हमारी सगाई वाले दिन हम दोनों ने एक दूसरे को देखा मैंने जैसे सोचा था वो उससे भी बेहतर निकला। बहुत ही अच्छी कठ कादी के साथ वो किसी फिल्म स्टार से कम नहीं लग रहा था। हमारी चार महीनें बाद शादी की डेट तय हुई।

वो शराबी निकला
इस दौरान मुझे उसके बारे में बहुत कुछ नया मालूम चला। जैसे उसके सुबह की कॉफी ब्लैक ही होती है, वो हफ्तें में दो से तीन बार नॉनवेज खाना पसंद करता है। वो वीकेंड के अलावा वीक नाइट्स में भी पी लेता है कभी कभार उस समय समझ नहीं आ रहा था कि मैं उससे कैसे बात करुं। लेकिन एक दिन उसने ये बात भी मान ली कि वो बहुत दारु पीता है लेकिन वो उसे कंट्रोल में लाने की पूरी कोशिश करेगा।

मैं नहीं चाहती थी कि सब खराब हो जाएं
उसने बताया कि ये सब कुछ इसलिए हो रहा है क्योंकि वो अभी कुंवारा है, शादी होते ही चीजें कंट्रोल में आ जाएगी। मैंने भी उस पर बिना वजह के कंट्रोल बनाना शुरु नहीं किया। क्योंकि मैं उसके बैचलर लाइफ के बचे कुचे दिन को खराब नहीं करना चाहती थी। इधर मेरे परिवार वाले भी अपने हैसियत से ज्यादा मेरी शादी में पैसा लगा रहे थे। लेकिन ये चीजें ज्यादा होने लगी। वो बहुत ज्यादा शराब पीने लगा। उसकी इस आदत की वजह से मैं डर गई और मेरा उस पर से विश्वास उठता जा रहा था।

बात करनी कर दी बंद
शादी में सिर्फ एक ही महीना बचा था कि अचानक से उसने मुझसे बात करना बंद कर दी। मैंने उसे बहुत फोन लगाने की कोशिश की लेकिन मेरी उससे बात नहीं हो पा रही थी। मैं बहुत घबरा गई थी। मैं सोचने लगी मैंने ऐसा क्या कर दिया कि उसने मुझसे बात करना बंद कर दी। तरह तरह के ख्याल मेरे दिमाग में घूमने लगे थे। फिर क्या था एक दिन उसने मुझे फोन किया।

उसने मुझसे पूछा "क्या मैं वर्जिन हूं "
एक रात मुझे रात के डेढ़ बजे उसका मैसेज आया कि क्या मैं वर्जिन हूं या नहीं" मैं उससे बात करना चाहती थी इसलिए मैंने कहा उसे चिंता करने की बात नहीं हैं। मैं वर्जिन हूं। लेकिन मैंने उससे यह भी जानने की कोशिश की वो यह सवाल क्यूं कर रहा है। उसने बात घुमा दी और मैंने उससे यह सवाल दोबारा नहीं पूछने के लिए कहा।

समझा रही थी खुद को
जैसे जैसे दिन गुजर रहे थे वो मुझसे उतना ही दूर जा रहा था और मुझे लेकर थोड़ा बदला बदला लगा। उसकी बातों में थोड़ी घबराहट थी। मैं खुद को समझा रही थी कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। जैसे जैसे शादी का दिन पास आ रहा था मैं बस यही सोच रही थी कि मैं कैसे भी करके सब कुछ फिर से ठीक कर दूंगी।

शादी का दिन
आखिर वो घड़ी आ ही गई जिसका मुझे ब्रेसब्री से इंतजार था। शादी वाले दिन वो बिल्कुल भी खुश नहीं था। ऐसा लग रहा था जैसे उसके ऊपर से कोई बोझ हो। जब अग्नि के फेरे लेने के लिए मैंने उसका हाथ थामा तो मैं उसे बताना चाहती थी कि मैं हमेशा उसके साथ रहूंगी। चाहे उसे कोई भी तकलीफ हो। हम हम दोनों की एक ही जिंदगी हम साथ रहकर इसे बेहतर बना सकते है।

सुहागरात थी ऐसी
मैं कभी नहीं भूलूंगी हमारी फर्स्ट नाइट के बारे में। मैं कमरे में आई और वो पूरी तरह कैंडल और फूलों से सजा हुआ था जैसे फिल्मों में होता है। हमारी कुछ बातचीत शुरु हुई वो मुझे थोड़ा थोड़ा छू रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे के हाथ पकड़ रखे थे। लेकिन उससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ।

एक हफ्ते बाद
शादी के हफ्ते के बाद जब मेहमानों का आना जाना कम हुआ तो हम बैंगलोर चले गए। मैं बहुत खुश थी कि अब हमारी लाइफ शुरु होने वाली थी। जिसके बारे में मैं सपने बुना करती थी। हम जिस रात बैंगलौर पहुंचे उसने बहुत ही बुरी तरह अल्कोहल पी ली थी। उसके बाद उसने मेरे ऊपर बोम्ब फोड़ा।
उसने मुझे बताया शादी से पहले वो शराब पी रहा था वो उसे एक चिंता की वजह से पीए जा रहा था। उसने बताया कि उसे जुएं की लत है। जिसकी वजह से वो 35 लाख रुपए का कर्जा ले चुका है। जिन लोगों से उसने कर्जा लिया है वो ऐसे वैसे लोग नहीं है। वो लोग अंडरवर्ल्ड से जुड़े हुए है। ये सुनकर तो मेरे होश उड़ गए। इसके बाद मैंने उसे दिलासा दिलाया कि हम दोनों जॉब करके उनके पैसे उतार देंगे। लेकिन अभी तो एक बॉम्ब फटना बाकी था।

2 लाख रुपए में बेच दी मेरी वर्जिनिटी
वो कहना नहीं चाहता था लेकिन उसने कह दिया कि उसने जुए में मेरी वर्जिनिटी दांव में लगा ली और वो अब दो लाख रुपए में मेरी वर्जिनिटी हार चुका है। यह सुनकर तो मेरे पैरो तले जमीन ही खिसक गई। अब मुझे समझ में आया कि उसने मुझे क्यूं नहीं छुआ था। ये सुनकर पूरी रात मैं रोती रही। रोते रोते ही सो गई।

जब अगली सुबह उठी
जब मैं अगली सुबह उठी, यह सुबह तो मेरे लिए रात से भी ज्यादा भयानक थी। मैंने देखा मेरे पलंग के दूसरी तरफ एक अनजान आदमी खड़ा था। मैंने उसे देखकर शौर मचाना शुरु कर दिया। डरकर वो आदमी बाहर भाग गया। बाहर जाकर वो मेरे पति से बहस करने लगा। कि उसने उससे वादा किया था कि उसे कोई तकलीफ नहीं होगी। मैंने उनकी बातें सुनकर दरवाजा बंद कर दिया।

मैंने घर वालों को सब सच बता दिया
इसके बाद मैंने खुद को एक कमरे में बंद करके अपने परिवार को फोन करके सबकुछ बता दिया। इसके बाद मेरे परिवार वालों ने हमारे एक रिश्तेदार को फोन किया। वो चेन्नई से मुझे लेने बैंगलुरु पहुंचे और मैं उनके साथ अपनी जान और इज्जत बचाकर चली गई। मैं अपने रिश्तेदारों के साथ तब तक रही, जब तक कि मेरे परिवार वाले मुझे लेने नहीं आ गए।

पुलिस में कराई शिकायत
इसके बाद हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और तलाक के लिए अर्जी दायर की। लेकिन आज तक मैं उस डर से बाहर नहीं निकल पाई हूं। वो दर्द मुझे बार बार डराता है।



Click it and Unblock the Notifications











