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जब नहीं हुई थी भाषा की खोज तब इंटिमेट रिलेशन के लिए क्या सिग्नल देते थे हमारे पूर्वज?
मौजूदा समय में कम्युनिकेशन के कई जरिए आ चुके हैं लेकिन क्या कभी आपने सोचा है पुराने समय में लोग एकदूसरे से कैसे बातचीत करते थे? उस वक्त में जब भाषा का विकास भी नहीं हुआ था तब वो अपने मन की बात कैसे पहुंचाते थे? वो अपने पार्टनर के साथ प्यार का इजहार कैसे करते होंगे और सबसे महत्वपूर्ण सवाल ये कि जब उनका शारीरिक संबंध बनाने का मन होता होगा तब वो क्या करते होंगे। इस शोध में इसका जवाब मिलता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

प्यार के मामले में स्मार्ट थे पूर्वज
आपके लिए यकीन करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन हमारे पूर्वज प्यार हासिल करने के मामले में मौजूदा समय के लोगों से ज्यादा स्मार्ट थे। एक नए अध्ययन के अनुसार निअंडरथल मानव जानते थे कि अपने पार्टनर को आकर्षित करने के लिए अपने चेहरे के हावभाव कैसे करने हैं। साथ ही वो इंटिमेट रिलेशन के लिए अपनी स्माइल का भी इस्तेमाल करते थे।

अपने लिए चुनते थे ऐसा साथी
मिलान यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने निएंडरथल मानवों के जेनेटिक सैंपल लिए। इन सैंपल की जांच करने पर ये बात सामने आई है कि जीन म्यूटेशन के कारण ये संभव है कि मानव अपने लिए कम आक्रामक साथी चुनने के लिए प्रेरित हुआ। इसके साथ ही हमारे पूर्वजों के घरेलू जीवन में ढलने की शुरुआत हुई।

खुद को घरेलू माहौल में ढाला
विज्ञान एडवांस में प्रकाशित हो चुके अध्ययन का हवाला देते हुए sciencemag.org में इस बात का जिक्र है कि विलुप्त हो चुके पूर्वज (निएंडरथल और डेनिसोवन्स) से अलग होने के बाद आधुनिक मनुष्यों ने घरेलू माहौल में जीने के लिए खुद को ढाला।
गौरतलब है कि इटली के मिलान यूनिवर्सिटी में molecular biologist Giuseppe Testa और उनके एक साथी ने BAZ1B नाम के जीन तंत्रिका शिखा कोशिकाओं पर अध्ययन किया और इसके बाद ही वो इस नतीजे पर पहुंच पाए। दरअसल वो ये बात जानते थे कि अधिकांश लोगों में इसी जीन की दो कॉपी पाई जाती है और ये इंसानों की सामान्य गतिविधि में खास रोल निभाता है।



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