Latest Updates
-
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती
मैंने अपने Cousin से शादी कर ली और जो हुआ मेरी सुहागरात पर वह कुछ ऐसा था...
मैंने हमेशा से ही ये बात सोंची थी कि अरेंज मैरिज आखिर काम कैसे करती है। आप किसी अनजाने आदमी से शादी कर लेते हैं और अपनी वेडिंग नाइट पर किसी अजनबी के साथ बेड़ पर लेट जाते हैं और वह आपको दिल भर कर छूने की कोशिश करता है। यह जिंदगी का सबसे भयानक पल होता है या फिर ये केवल मुझे ही लग रहा है? मैं रोती रही... लेकिन बार बार वह करता रहा यह गंदा काम
मैं अपनी फ्रेंड नंदनी जितनी लकी नहीं हूं। क्योंकि अभी हाल ही में उसकी शादी हुई है और उसके साथ वह सब कुछ हुआ जिसके बारे में मैंने सिर्फ ख्वाब देखे थे। कॉलेज में मैंने एक लड़के को चाहा था पर मेरी शादी मेरे कज़न भाई से कर दी गई। वह मेरी मां के भाई का बेटा था।
मैं एक साउथ इंडियन और काफी फन लविंग लड़की थी। मैंने अपने घर से दूर एक कॉलेज में एडमिशन लिया था। वहां मेरी मुलाकात अपने एक सीनियर, दीपक से हुई। मैं जैसी भी थी, वह मुझे वैसे ही सम्मान देता था। हम दोंनो को एक दूसरे से प्यार हो गया।

कॉलेज खतम हुआ और मैंने अपनी लव स्टोरी मां को बताई
लेनिक मेरी मां के अपने अलग ही सपने देख रखे थे। मैंने जैसे ही कॉलेज खतम किया, उन्होनें मुझे शादी के लिये फोर्स करना शुरु कर दिया। मैंने शादी के लिये मना किया और अपने प्यार के बारे में उन्हें बताया। इतना बोलते ही, मेरी मां रोने लगी और बोली कि, "वह हमारी कास्ट का नहीं है। मैं अपना चेहरा अब अपने भाई को कैसे दिखाउंगी।"

मां ने की खुद को मारने की जिद
मैं और मेरी मां के बीच में कई दिनों तक कहा सुनी चलती रही। एक दिन अचानक से मेरी मां ले चाकू ले कर अपनी कलाई काटने की जिद कर ली। मैं यह देख कर पागल हो गई और उन्हें मानने लगी। फिर कई दिनों तक मुझसे घर में किसी ने बात नहीं की। मैंने सोंच लिया कि अब मेरे पास कोई आप्शन नहीं बचा है, सिवाए अपने कजन के साथ शादी करने के।

आखिर में क्या हुआ
मेरी मां ने मुझे बताया कि शादी की सारी तैयारियां हो गई हैं और मुझे इस बात को एक्सेप्ट कर लेना चाहिये। मैंने अपने भाई से शादी कर ली। मुझे अब भी यकीन नहीं हो पा रहा था कि मेरा भाई अब मेरा पति बन चुका है।

पति के पहले शब्द थे.... मुझे दिखाओ
यह सुनते ही मुझे शॉक लगा। "मुझे चिल्लाने पर मजबूर मत करो उसने मुझे धमकाया"। मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या बोलूं। उसने मेरे कान में बोला, "मुझे तुम्हारे पास्ट के बारे में सब कुछ अच्छी तरह से पता है। तुम्हारे की कारण मेरे माता पिता ने मेरी शादी इतनी जल्दी में करवाई"। फिर उसने मुझे अपनी पत्नी बनने को बोला। वह रात मेरे लिये सबसे भयानक थी। मुझे आज भी उस रात के बारे में सोच कर घबराहट होने लगती है, कि खुद को मेरा पति बताने के लिये, मेरे कज़न ने किस तरह से उस कमरे में बर्ताव किया।

मेरी रातों की नींद उड़ चुकी थी
मुझे कई महीनों तक उस दुरुपयोग का सामना करना पड़ा। मेरी रातों की नींद उड़ चुकी थी, लेकिन जब भी मुझे पीरियड्स आते, तब जा कर मेरे मन में खुशी भरती क्योंकि उस दौरान मेरा पति मेरे पास नहीं आता। इनके घर वाले मेरे से बुरा बर्ताव करते थे। लेकिन मैं उन्हें कुछ नहीं बोलती बल्कि उल्टा सब कुछ सुन लेती थी।

मैं घर से भाग गई
पांच महीने बाद, मुझे मौका मिला जिसका मैं काफी समय से इंतजार कर रही थी। मैं अपनी मां के घर कुछ दिनों के लिये गई हुई थी और वहां जा कर मैंने बिल्कुल ऐसा व्यावहार किया मानों मेरे साथ कुछ हुआ ही ना हो। मौका देख कर मैंने वहां से दूर भागने का प्लान बना लिया। मैंने एक दिन अपने कपड़े पैक किये और थोड़े से पैसों के साथ घर से भाग गई। मैं वह शहर छोड़ आई जहां मैं पली बड़ी हुई।

आज के दिन तक किसी को नहीं पता कि मैं कहां हूं
इस अंजान शहर में पहुंच कर मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा था, मानों में आजाद हूं। मैंने अपनी मां को भी बता दिया और वह कुछ नहीं बोल पाईं। दीपक ने मुझसे कहा था कि मेरे अंदर काफी हिम्मत है और मैं अपनी नॉलेज के बल सब जीत सकती हूं। मुझे दीपक की बहुत याद आती है लेकिन अब दो साल बीत चुके हैं, अब तक तो उसने शादी भी कर ली होगी।

क्या हर किसी की अरेंज मैरिज इतनी बुरी होती है
तब से ले कर आज मुझे यहां आए दो साल बीत चुके हैं। तब से लेकर आज तक मैंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। मैं जब भी अपनी सहेली नंदनी और उसके पति को देखती हूं, तब मुझे खुद की लाइफ सोंच कर बड़ा बुरा सा लगता है। नंदनी एक खुशहाल महिला है। उसे देख कर लगता नहीं कि अरेंज मैरिज इतनी भी बुरी होती है जितनी की मेरी थी कभी।



Click it and Unblock the Notifications