आप किसी तलाकशुदा को डेट कर रहे हैं तो ज़रूर क्लियर कर लें ये बातें

क्या आप तलाक ले चुके पुरुष या महिला से शादी करने जा रहे हैं? ऐसी कौन सी बात है जो आपको ऐसा करने से रोक रही है? क्या आपके परिवार के सदस्य और दोस्त आपको ऐसा करने से मना कर रहे हैं क्योंकि उनके मुताबिक ये फैसला गलत है? वो आपसे ये पूछ सकते हैं कि तलाक ले चुके शख्स से शादी करने की क्या ज़रूरत है जब आपको कोई सिंगल रिश्ता मिल सकता है?

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ऐसी स्थिति में सिर्फ आप दोनों के बीच की कम्पेटिबिलिटी, प्यार और केमिस्ट्री ही सही फैसला लेने में मदद कर सकती है। अगर सही ढंग से चीज़ें आगे बढ़े और आप दोनों एक दूसरे को समझें तो बीते हुए कल को पीछे छोड़ा जा सकता है।

अगर आप पूर्व से चली आ रही धारणाओं और अफवाहों की बेड़ियों में खुद को जकड़ता हुआ महसूस कर रहे हैं तो ये लेख पढ़ें और तलाकशुदा व्यक्ति से शादी करने के फैसले पर विचार करें।

पहली धारणा: वो अपने रिश्ते में असफल थे!

पहली धारणा: वो अपने रिश्ते में असफल थे!

आप किसी एक स्थिति को अलग अलग नज़रिए से देख सकते हैं। आप ये भी मान सकते हैं कि उस महिला या पुरुष में इतनी हिम्मत थी कि उसने असफल शादी से बाहर निकलने का फैसला किया। ये गर्व करने वाली बात है क्योंकि खराब रिश्ते में ज़्यादा समय तक बने रहना किसी भी व्यक्ति के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए अगर आपका होने वाला लाइफ पार्टनर तलाकशुदा है तो ये उनकी असफलता नहीं है। वो एक सही रिश्ते की तलाश कर रहे हैं ताकि अपना बेस्ट दे सकें।

दूसरी धारणा: उनके बच्चे होंगे!

दूसरी धारणा: उनके बच्चे होंगे!

अगर आपके होने वाले पार्टनर के पिछली शादी से कोई संतान नहीं है तो ये मान्यता उन पर लागू ही नहीं होती है। लेकिन अगर उनकी संतान है भी तो आपको पीछे हटने की ज़रूरत नहीं है। आप उनके बच्चे से बात कर सकते हैं और उसके साथ ऐसा रिश्ता बना सकते हैं जिससे वो अपने मां या पिता के रूप में आपको स्वीकार कर ले।

तीसरी धारणा: वो दूसरी बार तलाक लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे!

तीसरी धारणा: वो दूसरी बार तलाक लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे!

ये एक ग़लतफहमी है। किसी व्यक्ति ने अपने जीवन में एक बार तलाक लेने का फैसला लिया तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि वो किसी भी छोटी बात के लिए कोर्ट पहुंच जाएंगे। आपको ये सोचना चाहिए कि उन्हें किस तरह की स्थिति से गुज़रना पड़ा। कल्पना कीजिए कि कितना कुछ झेलने के बाद उन्होंने ऐसा कदम उठाया। अगर शादी में प्यार बना हुआ है तो कोई भी महिला या पुरुष कोर्ट के चक्कर काटने में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहेगा।

चौथी धारणा: वो मतलबी होते हैं!

चौथी धारणा: वो मतलबी होते हैं!

शांति से रहने का फैसला लेना मतलबी कदम नहीं कहलाता है। अगर आप एक खराब रिश्ते में होते तो आप भी वहां से भागने के बारे में सोचते। क्या आप घर में सुकून के दो पल बिताने की चाह को मतलबी होना कहेंगे? यदि किसी व्यक्ति ने तलाक लिया है तो आप उसे जज करके मतलबी होने का टैग नहीं दे सकते हैं। उन्हें सेल्फिश कहने से पहले उनके बारे में पूरी तरह से जान लें।

पांचवी धारणा: वो झगड़े की शुरुआत करेंगे!

पांचवी धारणा: वो झगड़े की शुरुआत करेंगे!

कोई भी सामान्य इंसान रोज़ाना लड़ाई झगड़ा नहीं चाहता है। अगर आपके होने वाले पार्टनर की पूर्व शादी में झगड़ें होते थे तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि आपको भी ऐसा कुछ झेलना पड़ेगा। उसके बारे में कोई धारणा बनाने से पहले उसकी पर्सनालिटी के बारे में जानें।

छठी धारणा: समाज में होगी परेशानी!

छठी धारणा: समाज में होगी परेशानी!

वो दिन बीत चुके हैं। आप अगर ध्यान से देखेंगे तो पता चलेगा कि सोसाइटी का एक तबका और पढ़े लिखे लोग तलाकशुदा व्यक्ति से शादी करने के बारे में इतना नहीं सोचते हैं। इसलिए आपको भी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है कि डाइवोर्स लिए व्यक्ति से शादी करने के बाद आपके पड़ोसी और रिश्तेदार आपके बारे में क्या सोचेंगे।

सातवीं धारणा: प्यार होना नामुमकिन है!

सातवीं धारणा: प्यार होना नामुमकिन है!

क्या आप ऐसा सोचते हैं कि ये पहले ही किसी और से प्रेम करता या करती थी इसलिए वो आपसे बेइंतहा प्यार नहीं कर सकता है? अगर वो अपने पूर्व पार्टनर से इतना प्रेम करते तो उनका तलाक ही नहीं होता। इसलिए आप निश्चिन्त रहें। एक दूसरे को समय दें और दिल जीतने की कोशिश करें। आपको अपने हिस्से का प्रेम अपने आप मिल जाएगा।

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