Latest Updates
-
UP Style Fish Machli Kadhi Recipe: घर पर बनाएं सरसों वाली चटपटी मछली कढ़ी -
Nirjala Ekadashi Vrat Katha: निर्जला एकादशी पर जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा सभी 24 एकादशियों का पूर्ण फल -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर इस विधि से पिएं पानी, नहीं टूटेगा आपका व्रत, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल -
Garhwali Sweet Rice Arsa Recipe: पारंपरिक तरीके से बनाएं उत्तराखंड की खास मिठाई -
Nirjala Ekadashi Vrat In Periods: क्या पीरियड्स में निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं? जानें क्या हैं नियम -
'तुम मुझे छोड़कर क्यों चले गए, वापस आ जाओ', केतन की हत्या के बाद सिया गोयल ने किया ये पोस्ट, अब हो रहा वायरल -
Grandma Comfort Food Vegetable Khichdi Recipe: घर पर बनाएं दादी के हाथों जैसा स्वाद -
Padma Awards 2026: अलका याग्निक-ममूटी को मिला पद्म भूषण, रोहित शर्मा और आर माधवन भी सम्मानित -
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता
Women's Day : घरेलू हिंसा की शिकार हो रही है आपकी दोस्त तो ऐसे करिए उसकी मदद
क्या आपने अपनी किसी फ्रेंड को पिछले कुछ वक्त से गुमसुम सा देख रही हैं, जिस फ्रेंड को आपसे बात करने में अच्छा लगता था लेकिन अब वो आपसे बात करने से कतरा रही है, साथ ही उसके शरीर पर भी चोट के निशान है तो आप इससे समझ सकती हैं कि मामला गड़बड़ है। क्योंकि कई बार आपकी दोस्त या परिचित घरेलू हिंसा का शिकार हो रही होती है लेकिन वो शर्म और डर के कारण किसी से बता नहीं पाती है। लेकिन ये आपकी भी जिम्मेदारी है कि अगर आपकी कोई दोस्त, रिश्तेदार या कोई परिचित महिला घरेलू हिंसा का शिकार है तो आप उसकी मदद करें।

हिंसा का सामना कई बार महिलाएं सिर्फ इस वजह से करती हैं कि उसके परिवार और पति का सम्मान समाज के सामने बना रहे। लेकिन भी उनका साथ देने के लिए कोई नहीं होता। लेकिन आपको उनका साथी बनकर ये बताना होगा कि हिंसा सहन करने वाला भी खुद का अपराधी होता है, दूसरी बात हिंसा का मतलब प्यार नहीं है, इसको तो वो अपने दिमाग से बिल्कुल निकाल दें। -आइये जानते हैं कि आप किसी महिला जो डोमेस्टिक वॉयलेंस की शिकार है उसकी हेल्प कैसे कर सकते हैं-

Domestic Violence: घरेलू हिंसा की शिकार महिला
अगर कोई महिला घरेलू हिंसा की शिकार है, तो आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि
1.उसके हाथ-पैरों में चोट के निशान है।
2.होठ भी कहीं से कटा हुआ लग रहा हो, साथ ही आंखों पर निशान पड़े हों।3.डरी, सहमी हुई सी लगे।4.उसके बर्ताव में चेंजेस होना5.मरने या आत्महत्या के बारें मे बातें करना6.अपने दोस्तों के साथ अलग होना7.बहुत ज्यादा प्राइवेट हो जाना8.घरेलू हिंसा की शिकार महिला से कैसे बात करें ?

Domestic Violence: घरेलू हिंसा की शिकार महिला से अकेले में बात करें
आपकी दोस्त घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है तो उसके पास जाकर उससे आराम से बात करें। उसे रिलैक्स करें और उससे उसकी परेशानी पूछें। घरेलू हिंसा का सामना कर रही महिला पहले तो डर की वजह से कुछ नहीं बताती, लेकिन जब उसे किसी का साथ मिलता है तो उसे थोड़ी सी हिम्मत बंधती है।

Domestic Violence: आप उसको भावनात्मक तरीके से पहले सपोर्ट करें-
आप अपनी दोस्त को सबसे पहले इमोशनली तरीके से सपोर्ट करें। उससे कहें कि आप उसके साथ खड़ी है, आप उसका साथ देंगी, जो तुम्हारे ऊपर बीत रहा है वो अब नहीं होगा। इन सारी बातों से उसे इस बात का अहसास होगा कि वो अब अकेले नहीं है, उसके साथ देने के लिए कोई है।

Domestic Violence: उसे हिम्मत बंधाएं
आपको अपनी दोस्त को इस बारें में ताकत का अहसास दिलाना होगा कि उसे अपने ऊपर पर हो रही हिंसा का सामना करना है।
अगर परिवार के लोग भी इससें शामिल हैं तो आप अपनी दोस्त के साथ पुलिस की सहायता लें, जो काफी जरूरी भी है। वहीं इससे पहले आप अपनी दोस्त के पति और परिवार जो उस पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं उन पर दबाव भी बनाना होगा।

Domestic Violence: पुलिस की मदद लें, हेल्प नंबर पर कॉल करें
हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें, जहां से महिला को तुरंत सहायता प्राप्त होती है।इसके साथ ही आप अपनी दोस्त को उसके पति और ससुराल वालों के पास हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर ले जा सकते हैं। जिसके बाद आप आगे की सारी प्रक्रियाएं शुरू कर सकते हैं, जिससे आपकी दोस्त के ऊपर की जा रही घरेलू हिंसा पर रोक लगाई जा सके, साथ ही हिंसा करने वालों पर कानून कार्यवाई हो सके।

Domestic Violence: घरेलू हिंसा की शिकायत यहां पर करें
1. 1091 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
2. NCW की वेबसाइट- ncwapps.nic.in पर ‘रजिस्टर ऑनलाइन कम्प्लेंट्स' पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।
3. राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को शिकायत करें।
4. [email protected] पर मेल के द्वारा भी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।
घरेलू हिंसा की शिकार महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 18 के तहत कोर्ट से मदद मांग सकती है।
6.पीड़ित महिला पति/ रिश्तेदारों के खिलाफ धारा 498A के अंतर्गत एफआईआर भी दर्ज करवा सकती है।



Click it and Unblock the Notifications