बैडमिंटन कोर्ट से शुरू हुई Saina और Kashyap की Love Story, शादी के 7 साल बाद टूटा र‍िश्‍ता

Saina Nehwal separation : भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल और उनके पति पारुपल्ली कश्यप ने करीब 7 साल की शादी के बाद आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया है। साइना ने इस खबर की पुष्टि सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी कर की। इस अचानक आए फैसले ने न सिर्फ उनके फैंस को चौंका दिया है, बल्कि खेल जगत में भी हलचल मचा दी है।

जहां इस तलाक ने सबको हैरान किया है, वहीं इनकी प्रेम कहानी भी कम दिलचस्प नहीं रही। साइना और कश्यप की मुलाकात बैडमिंटन कोर्ट पर हुई थी। दोनों ने 1999 से साथ में प्रैक्टिस शुरू की थी। शुरुआत में उनके बीच प्रतिस्पर्धा थी, लेकिन धीरे-धीरे दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया। लगभग एक दशक तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने 14 दिसंबर 2018 को शादी कर ली।

Saina Nehwal separation

कपिल शर्मा शो में सुनाई थी प्रेम कहानी

साइना ने एक शो में बताया था कि शुरुआत में कश्यप उन्हें लड़कों से प्रतिस्पर्धा करने वाली लड़की के तौर पर देखते थे। धीरे-धीरे दोनों की बॉन्डिंग बढ़ी और वे एक-दूसरे के मैचों में दिलचस्पी लेने लगे। साइना ने कहा, "जब यह हारते थे तो मुझे दुख होता था और जब मैं हारती थी तो इन्हें बुरा लगता था। यही भावना हमें करीब लाई।"

परिवार को भी चल गया था पता

साइना के मुताबिक उनके माता-पिता को उनकी और कश्यप की नजदीकियों का अंदाजा था, लेकिन वे कभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करते थे। क्योंकि उस समय दोनों अपने खेल करियर में व्यस्त थे।

साइना ने की थी शादी की पहल

शादी की बात करते हुए साइना ने बताया था कि एशियन गेम्स 2018 के बाद उनके मन में अचानक शादी का ख्याल आया। वहीं, कश्यप ने खुलासा किया कि उन्होंने कई बार शादी की बात की थी लेकिन साइना हर बार इसे किसी टूर्नामेंट के बाद टाल देती थीं। आखिरकार, 2018 में साइना ने खुद कहा कि दिसंबर में शादी कर लेते हैं।

खेल में था आपसी कॉम्पिट‍िशन

दोनों के रिश्ते में गहराई के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा की भावना भी थी। कश्यप ने बताया कि एक बार जब उन्होंने टूर्नामेंट जीत लिया और साइना हार गईं, तो वे उनसे नाराज हो गईं। यहां तक कि उन्होंने कई दिनों तक बात नहीं की। इससे यह साफ होता है कि दोनों ही अपने खेल को लेकर कितने जुनूनी थे।

कश्‍यप जीत चुके हैं कॉमनवेल्‍थ 2014 में गोल्‍ड

जहां साइना नेहवाल ने वर्ल्ड नंबर वन का खिताब और लंदन ओलंपिक 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीता, वहीं कश्यप 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। 2012 ओलंपिक में वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बने थे। हालांकि, चोटों की वजह से उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया।

साइना ने दो दर्जन से ज्यादा खिताब अपने नाम किए हैं और उन्हें खेल रत्न व पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है। उनकी मां उषा रानी भी स्टेट लेवल की बैडमिंटन खिलाड़ी रही हैं और उनके पिता डॉ. हरवीर सिंह नेहवाल लंबे समय तक हैदराबाद में कार्यरत रहे।

हाल के वर्षों में लगातार चोटों की वजह से साइना की अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में उपस्थिति कम हो गई है, जिससे उनकी रैंकिंग पर असर पड़ा है। अब जब यह जोड़ी अपनी राहें जुदा कर रही है, तो उनके फैंस इस बात से दुखी हैं, लेकिन साथ ही उनके व्यक्तिगत जीवन के इस फैसले का सम्मान भी कर रहे हैं।

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