Latest Updates
-
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम
Divorce : पति-पत्नी हैं राजी तो तुरंत हो जाएगा तलाक, नहीं करना होगा महीनों इंतजार
भारत में जितनी तेजी के साथ शादियां होती हैं उतनी ही तेजी से तलाक के मामले भी देखने और सुनने को मिल रहे हैं। जब कपल्स एक दूसरे को नहीं समझ पा रहे होते और ना ही बर्दाश्त कर पा रहे होते तो आखिरी रास्ता उनके पास तलाक का ही होता है, लेकिन इसके लिए उनको भारतीय कानून के अनुसार 6 महीने का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब तलाक भी उतनी ही तेजी से हो सकेगा जितनी तेजी के साथ उन्होंने अपनी शादी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने तलाक को लेकर अहम फैसला सुनाया है।

आर्टिकल 142 के तहत फौरन मिलेगा तलाक
तलाक को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अगर पति-पत्नी के रिश्ते में किसी तरह की कोई गुंजाइश बची ही नहीं है कि वो दोबारा साथ आ सकें तो ऐसे कपल्स भारत के संविधान के आर्टिकल 142 के तहत बिना फैमिली कोर्ट जाए तलाक ले सकते हैं।

अब तलाक लेने के लिए 6 महीने का नहीं करना होगा इंतजार
बता दें कि हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत, तलाक के पति-पत्नी की अनुमति होने के बाद भी कपल को फैमिली कोर्ट जाना पड़ता था। इसके अंतर्गत उनको अपने रिश्ते में सुधार की गुंजाइश के बारें में विचार करना होता था साथ ही तलाक के अपने फैसले लेने पर भी सोंचने को कहा जाता था, इसके लिए 6 महीने पति और पत्नी को दिये जाते थे। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसको बदलते हुए नई व्यवस्था शुरू कर दी है, जिसमें पति-पत्नी अगर तलाक लेना चाहते हैं तो उनको देर ना करते हुए तुरंत तलाक लेने का ऑप्शन दिया जा रहा है। पति और पत्नी को अब 6 से 18 महीने तक इंतजार नहीं करना होगा।

पांच न्याधीशों की पीठ का फैसला
जस्टिस एसके कौल की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि अनुच्छेद- 142 के तहत पूर्ण न्याय करने का अधिकार हैं। पांच न्याधीशों की पीठ ने इस संंबंध में कहा कि उन्होंने जो सार निकाला है उसके आधार पर नई व्यवस्था शुरू की है। ये बुनियादी सिद्धांतों का उल्लघंन नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 29 सितंबर 2022 को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि सोशल चेंज में थोड़ा वक्त लगता है और कई बार कानून बनाना आसान होता है लेकिन समाज को इसके साथ बदलाव को मनाना टफ हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications
