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Anant Sutra: अनंत चतुर्दशी पर जरूर बांधा जाता है अनंत सूत्र, जानें मंत्र और इसे बांधने का समय
Anant Sutra Kab Bandhna Chahiye: भाद्रपद माह की चतुर्दशी तिथि को भक्त भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु के 14 लोकों का प्रतीक चौदह गांठों वाला धागा बांधा जाता है। अनंत पूजा के दौरान भगवान विष्णु के सहस्रनाम का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है।
अनंत धागे पर लगी चौदह गांठें 14 लोकों का प्रतिनिधित्व करती हैं: तल, अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भू, भुवः, स्वाहा, जन, तप, सत्य और महा। प्रत्येक गांठ इनमें से किसी एक लोक का प्रतिनिधित्व करती है।

अनंत चतुर्दशी 2024 शुभ मुहूर्त
अनन्त चतुर्दशी मंगलवार, सितम्बर 17, 2024 को
अनन्त चतुर्दशी पूजा मुहूर्त - 06:07 ए एम से 11:44 ए एम
अवधि - 05 घण्टे 37 मिनट्स
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 16, 2024 को 03:10 पी एम बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त - सितम्बर 17, 2024 को 11:44 ए एम बजे
अनंत सूत्र बांधने का मंत्र
पूजा करने के बाद अनंत सूत्र का मंत्र पढ़कर पुरुष अपने दाहिने हाथ पर और स्त्री बाएं हाथ पर बांध लें। अनंत सागर महासमुद्रेमग्नान्समभ्युद्धर वासुदेव। अनंत रूपे विनियोजितात्माह्यनन्त रूपाय नमोनमस्ते॥
अनंत चतुर्दशी अनुष्ठान
अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह स्नान करके व्रत रखने का संकल्प लेकर पूजा शुरू की जाती है। पूजा स्थल पर कलश स्थापित किया जाता है। चौदह गांठों वाला पवित्र धागा बांधने और पहनने से पहले भगवान अनंत नारायण की कथा सुनाई जाती है।
इस दिन भगवान विष्णु के चौदह नामों का भी जाप किया जाता है: अनंत, ऋषिकेष, पद्मनाभ, माधव, वैकुंठ, श्रीधर, त्रिविक्रम, मधुसूदन, वामन, केशव, नारायण, दामोदर, गोविंद और श्रीहरि। ये नाम महत्वपूर्ण आध्यात्मिक महत्व रखते हैं।
अनंत सूत्र का महत्व
माना जाता है कि चौदह गांठों वाला पवित्र धागा हाथ पर बांधने से जीवन में भय और बाधाएं दूर होती हैं। ऐसा कहा जाता है कि जब भक्त इस धागे को प्रसाद के रूप में पहनते हैं तो भगवान विष्णु हर तरह से उनकी रक्षा करते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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