Latest Updates
-
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी
Hair Cut on Diwali: दिवाली के दिन बाल और नाख़ून कटवाना चाहिए या नहीं? जानें क्या है इससे जुड़ी मान्यता
Diwali Par Hair Cut Kar Sakte Hain Ya Nahi: दिवाली का पर्व भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे "रोशनी का त्योहार" कहा जाता है, जो बुराई पर अच्छाई, अज्ञान पर ज्ञान और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, दिवाली उस दिन की याद में मनाई जाती है जब भगवान श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण 14 वर्ष का वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीप जलाए थे, और इसी परंपरा को आज भी दीपों की रोशनी से पूरा देश सजीव कर देता है।

दिवाली पर घरों और मंदिरों में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जो धन, सौभाग्य और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। इस दिन का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है, क्योंकि लोग आपस में मिठाइयाँ बाँटते हैं, नए वस्त्र पहनते हैं और परिवार एवं मित्रों के साथ खुशियाँ मनाते हैं। इस प्रकार, दिवाली हर्ष, उल्लास, और भाईचारे का प्रतीक है। दिवाली के मौके पर विशेष नियमों का पालन भी किया जाता है ताकि माता लक्ष्मी और भगवान गणेश का विशेष आशीर्वाद मिले।
दिवाली पर्व में बाल नाख़ून काटना सही या गलत
दिवाली के दिन बाल और नाखून न काटने की परंपरा प्राचीन भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी है, जिसमें इसका विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। दिवाली के दिन माता लक्ष्मी का स्वागत करने और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए साफ-सफाई का बहुत महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि दिवाली पर लक्ष्मी जी रात के समय घर में प्रवेश करती हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन का वास होता है। इस दिन बाल और नाखून काटने को अपशकुन माना जाता है, क्योंकि इससे घर की पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है।
दिवाली पर पूजा-पाठ और विशेष कर्मकांडों का आयोजन किया जाता है, और इन्हें शुद्ध मन और शरीर के साथ करना शुभ माना जाता है। बाल और नाखून काटने से जुड़ी एक धारण यह भी है कि इसे अपवित्रता का संकेत माना जाता है, और यह अशुद्ध कार्य माने जाते हैं जो लक्ष्मी पूजन की पवित्रता को प्रभावित कर सकते हैं। इससे घर में अशुभता और दरिद्रता आने की आशंका रहती है।
आधुनिक संदर्भ में भी दिवाली पर बाल और नाखून न काटने की परंपरा, घर और खुद की सफाई और शुद्धि का प्रतीक मानी जाती है। यह हमें याद दिलाता है कि त्योहारों पर अपने शरीर, घर और मन को शुद्ध रखें, जिससे जीवन में समृद्धि, सुख और शांति बनी रहे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications