Latest Updates
-
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट
Grahan in 2025: नए साल में लगेंगे कुल चार ग्रहण, यहां देखें तिथि और सूतक काल का समय
Grahan in 2025: हिंदू धर्म में ग्रहण का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण और निषेधात्मक माना जाता है। चाहे वह चंद्र ग्रहण हो या सूर्य ग्रहण, दोनों ही स्थितियों में ग्रहण काल को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
इस समय को नकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला समय माना जाता है, इसलिए इस अवधि में किसी भी तरह के धार्मिक या शास्त्र सम्मत कार्यों को रोक दिया जाता है। विशेष रूप से, ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, ताकि पूजा-पाठ में कोई विघ्न न आए।

इसके अतिरिक्त, ग्रहण के समय रसोईघर के सारे काम भी रोक दिए जाते हैं। खाना पकाने, भोजन बनाने या अन्य किसी रसोई कार्य को ग्रहणकाल में वर्जित माना जाता है, क्योंकि यह विश्वास किया जाता है कि ग्रहण के दौरान पकाया गया भोजन अपवित्र हो जाता है।
इतना ही नहीं, ग्रहण के समय शरीर में कोई भी शारीरिक क्रिया, जैसे भोजन करना, पानी पीना या कोई अन्य आवश्यक कार्य करना भी प्रतिबंधित होता है। यह माना जाता है कि ग्रहण के दौरान किए गए कार्यों से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं, जो व्यक्ति की सेहत और मानसिक स्थिति पर असर डाल सकते हैं। इसके बावजूद, इस समय में कुछ विशेष धार्मिक क्रियाएँ की जाती हैं, जैसे मंत्रों का उच्चारण करना। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के दौरान मंत्रोच्चारण करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है और व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
अब बात करते हैं साल 2025 में होने वाले ग्रहणों की, ताकि हम जान सकें कि ये ग्रहण कब होंगे और उनका समय क्या रहेगा। यह जानकारी ग्रहण के समय धार्मिक क्रियाएँ और सावधानियाँ निभाने के लिए महत्वपूर्ण होती है। 2025 में कुल चार ग्रहण होंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। इन ग्रहण का समय और तिथि निम्नलिखित हैं-
साल 2025 में सूर्य ग्रहण कब-कब लगेगा? (Surya Grahan in 2025)
पहला सूर्य ग्रहण- 29 मार्च 2025, दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 13 मिनट तक। यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
दूसरा सूर्य ग्रहण- 21 सितंबर 2025, भारतीय समयानुसार 22:59 बजे शुरू होगा और अगले दिन 22 सितंबर को सुबह 03:23 बजे तक चलेगा दूसरा सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। इस वजह से सूतक काल भी नहीं लगेगा।
साल 2025 में चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan in 2025)
पहला चंद्र ग्रहण- 14 मार्च 2025, भारतीय समयानुसार सुबह 10:41 बजे से शुरू होगा और दोपहर 2:18 बजे समाप्त। पहला चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
दूसरा चंद्र ग्रहण - 7 सितंबर 2025, ये चंद्र ग्रहण रात 9:57 बजे शुरू होकर रात 1:26 बजे तक चलेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में भी नजर आएगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। 7 सितम्बर को दोपहर को 12.57 मिनट से सूतक काल आरंभ हो जाएगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











