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Hartalika Teej 2024 Mistakes: जाने अनजाने में हुई गलतियों से नहीं मिल पाता है व्रत का पूरा फल, न करें ये भूल
Hartalika Teej 2024 Mistakes to Avoid: विवाहित महिलाएं अपने पति की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह त्यौहार हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। माना जाता है कि इस व्रत की वजह से माता पार्वती को भगवान शिव की प्राप्ति हुई थी।
इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। इसके साथ ही वे कठोर व्रत भी रखती हैं। इस व्रत को पूर्ण करने और शुभ फल पाने के लिए महिलाओं को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए।

हरतालिका तीज व्रत कब है? (Hartalika Teej Vrat 2024)
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 5 सितंबर को दोपहर 12:21 बजे से शुरू होकर 6 सितंबर को दोपहर 3:21 बजे तक रहेगी। इसलिए इस साल हरतालिका तीज 6 सितंबर को मनाई जाएगी।
हरतालिका तीज के दिन न करें ये गलतियां
1. हरतालिका तीज व्रत रखने वाली महिलाओं को क्रोध नहीं करना चाहिए, क्योंकि क्रोध करने से व्रत अधूरा रह जाता है।
2. इसके अलावा व्रत रखने का संकल्प लेने के बाद व्रत तोड़ने से अशुभ परिणाम मिलते हैं।
3. रात भर जागना भी जरूरी है, महिलाओं को विशेष लाभ के लिए भगवान शिव की कथा और स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
4. इस व्रत के दौरान महिलाओं को अपने पति से झगड़ा करने से बचना चाहिए। पति को भगवान का रूप माना जाता है, जिसके लिए यह व्रत किया जाता है। झगड़ा करने से व्रत का शुभ फल नष्ट हो सकता है।
5. महिलाओं को इस दिन काली चूड़ियाँ और कपड़े पहनने से भी बचना चाहिए, क्योंकि हिंदू धर्म में काले रंग को अशुभ माना जाता है।
6. इस व्रत के दौरान बड़ों का अपमान करना वर्जित है, ऐसा करने से व्रत के विपरीत परिणाम मिल सकते हैं।
7. हरतालिका तीज के दिन विवाहित महिलाओं को देवी पार्वती, भगवान शिव और भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। इनमें से किसी भी देवता की पूजा न करने से व्रत अधूरा रह जाता है।
8. व्रत रखने से पहले पवित्रता बनाए रखना बहुत ज़रूरी है, व्रत का आधा पुण्य पवित्रता बनाए रखने से मिलता है क्योंकि पवित्रता में लक्ष्मी और भगवान का वास होता है।
9. हरतालिका तीज के दौरान दूध और फलों का सेवन सख्त वर्जित है। मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के दौरान दूध पीने से सांप के रूप में पुनर्जन्म होता है, जबकि फल खाने से बंदर के शरीर में पुनर्जन्म होता है।
10. हरतालिका तीज का व्रत कर रही महिलाएं इस दिन व्रत कथा का श्रवण अवश्य करें। तीज की कथा सुने बगैर यह व्रत अधूरा माना जाता है और इसका पूर्ण फल भी प्राप्त नहीं हो पाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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