Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
Janmashtami 2024: 26 या 27 अगस्त जानें किस दिन मनाया जाएगा जन्माष्टमी उत्सव, गृहस्थ किस दिन रखेंगे व्रत?
Janmashtami 2024 Kab Hai: इस साल श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उत्सव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, इस बात पर अलग-अलग राय है कि इसे 26 अगस्त को मनाया जाना चाहिए या 27 अगस्त को। यह विसंगति विभिन्न पंचांगों में अलग-अलग जानकारी के कारण उत्पन्न होती है। हालांकि, ज्योतिषियों का सुझाव है कि 26 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना विशेष रूप से शुभ रहेगा क्योंकि ज्योतिषीय स्थिति अलग-अलग है।
देश भर में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं को दर्शाती झांकियां सजाई जाएंगी, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र बनती हैं। इसके अलावा, विभिन्न स्थानों पर दही हांडी और मटकी फोड़ने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि साल 2024 में किस दिन जन्माष्टमी का व्रत रखा जाएगा।

जन्माष्टमी 2024 पर बन रहे हैं शुभ योग
इस साल जन्माष्टमी पर कई महत्वपूर्ण योग बन रहे हैं। इनमें भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि का चंद्रमा शामिल हैं। इन योगों के संयोग से जयंती नामक एक दुर्लभ योग बनता है। माना जाता है कि इस दिन व्रत और अनुष्ठान करने से कई यज्ञों का फल मिलता है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
कृष्ण जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होकर 27 अगस्त को 12:44 बजे तक रहेगा। ज्योतिषियों का कहना है कि रोहिणी नक्षत्र 26 अगस्त को दोपहर 3:55 बजे शुरू होगा और 27 अगस्त को दोपहर 3:38 बजे समाप्त होगा। यह संरेखण रोहिणी नक्षत्र के तहत अष्टमी तिथि के दौरान भगवान कृष्ण के जन्म की स्थितियों को दर्शाता है।
किस दिन गृहस्थ और वैष्णव रखेंगे जन्माष्टमी का व्रत
गृहस्थों को 26 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि उस दिन रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि दोनों ही मौजूद हैं। वहीं, सूर्योदय के आधार पर नक्षत्र और तिथि का पालन करने वाले वैष्णव 27 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे।
मंदिरों में भव्य समारोहों की तैयारियां जोरों पर हैं, जिनमें उपवास और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं। निष्कर्ष के तौर पर, इस साल जन्माष्टमी की सही तिथि को लेकर कुछ भ्रम है, लेकिन ज्योतिषी इसके शुभ ज्योतिषीय महत्व के कारण इसे 26 अगस्त को मनाने की सलाह देते हैं। गृहस्थ और वैष्णव दोनों ही पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर अपनी-अपनी तिथियां रखते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications