Magha Gupt Navratri 2025: कब से शुरू हो रही है माघ गुप्त नवरात्रि, दस महाविद्याओं की होगी गुप्त पूजा

Magh Gupt Navratri 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास साल का 11वां महीना होता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह महीना पुण्य कर्म, आत्मिक शुद्धि और स्नान-दान के लिए उत्तम माना गया है। इस दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।

वर्ष 2025 में माघ मास का आरंभ 21 जनवरी, मंगलवार से होगा और इसका समापन 19 फरवरी, बुधवार को होगा। इस महीने में गुप्त नवरात्रि का पर्व भी मनाया जाता है, जो साधना और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

Magha Gupt Navratri 2025 Kab Se Shuru Hai Ghatsthapana Date Shubh Muhurat Significance

गुप्त नवरात्रि की तिथियां और महत्व (Magha Gupt Navratri 2025)

गुप्त नवरात्रि का आरंभ 30 जनवरी, गुरुवार को होगा और इसका समापन 7 फरवरी, शुक्रवार को होगा। यह पर्व माघ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक चलता है। गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तंत्र साधना और गुप्त उपासना के लिए जानी जाती है। इस दौरान दस महाविद्याओं की विधिवत पूजा की जाती है।

यह नवरात्रि उन साधकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो तांत्रिक साधना और गुप्त विधाओं में रुचि रखते हैं। साथ ही, यह पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने और जीवन के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए बेहद शुभ माना गया है।

घट स्थापना का शुभ मुहूर्त (Magh Gupt Navratri 2025 Ghat Sthapana Ka Muhurat)

गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना का विशेष महत्व है। वर्ष 2025 में घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:
- प्रातःकाल: 9:25 से 10:46 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: 12:13 से 12:56 बजे तक

इन मुहूर्तों में घट स्थापना करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।

गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि

गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक देवी दुर्गा के 32 विशेष नामों का जाप करते हैं और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। यह जाप जीवन के रोग-दोष और कष्टों को दूर करने में सहायक होता है। साधक इस अवधि में देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करते हैं और विशेष मंत्रों का उच्चारण करते हैं।

माघ मास और गुप्त नवरात्रि का महत्व

माघ मास और गुप्त नवरात्रि का यह समय साधकों और भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी होता है। इस दौरान विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि का वास होता है।

गुप्त नवरात्रि न केवल भक्ति का पर्व है, बल्कि यह साधकों के लिए अपनी साधनाओं को सशक्त करने का अवसर भी है। यह आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का समय है।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, January 15, 2025, 18:00 [IST]
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