Latest Updates
-
Divyanka Tripathi के घर से आई डबल गुडन्यूज, Vivek Dahiya ने शेयर की जुड़वां बेटों के जन्म की खुशखबरी -
क्या कोरोना जैसा लॉकडाउन फिर लगेगा? इबोला पर देश में हाई अलर्ट, सरकार और DGCA की सख्त एडवाइजरी जारी -
Dhaba Style Without Gravy Aloo Gobi Recipe: घर पर बनाएं चटपटी और खिली-खिली सब्जी -
Lauki Vs Tori: लौकी या तोरी, गर्मियों में सेहत के लिए कौन-सी सब्जी है ज्यादा फायदेमंद? जानें -
Ekadashi Udyapan Rules: क्या एकादशी व्रत का उद्यापन करना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहता है शास्त्र? -
Bank Holidays in June: जून में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, प्लान बनाने से पहले चेक कर लें छुट्टियों की लिस्ट -
Bada Mangal 2026: आज चौथे बड़े मंगल पर जरूर पढ़ें बाबा नीम करौली के ये अनमोल विचार, बदल जाएगी किस्मत -
UP Dhaba Style Poori Aloo Recipe: घर पर बनाएं यूपी के मशहूर ढाबे जैसा स्वाद -
Bada Mangal 2026 Wishes: पवनपुत्र का आशीर्वाद...आज चौथे बड़े मंगल पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: मेष और सिंह राशि वालों को मिलेगा भाग्य का साथ, जानें अपनी किस्मत के सितारे
Mokshada Ekadashi 2024: साल की सबसे बड़ी एकादशी में से एक है मोक्षदा एकादशी, नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त
Mokshada Ekadashi 2024: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के दौरान अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था, और इसे गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।
मोक्षदा एकादशी पर व्रत रखने और नियमों का पालन करने से भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं इस वर्ष मोक्षदा एकादशी की तारीख, पूजा का समय, व्रत के नियम और इसके लाभ।

मोक्षदा एकादशी की तारीख 2024
एकादशी तिथि प्रारंभ: 11 दिसंबर 2024, सुबह 3:42 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 12 दिसंबर 2024, सुबह 1:09 बजे
व्रत रखने का दिन: 11 दिसंबर 2024, बुधवार
मोक्षदा एकादशी पूजन का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:14 बजे से शाम 6:09 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:57 बजे से 2:39 बजे तक
अमृत काल: सुबह 9:34 बजे से 11:03 बजे तक
रवि योग: सुबह 7:03 बजे से 11:48 बजे तक
भद्रा का साया
मोक्षदा एकादशी के दिन भद्रा काल दोपहर 2:27 बजे से शुरू होगा और 12 दिसंबर 2024, सुबह 1:09 बजे समाप्त होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भद्रा काल में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
व्रत पारण का समय
पारण तिथि: 12 दिसंबर 2024
पारण का समय: सुबह 7:04 बजे से 9:08 बजे तक
द्वादशी समाप्ति का समय: रात 10:26 बजे
मोक्षदा एकादशी व्रत के लाभ
1. व्रत रखने से मनुष्य को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
2. जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है।
3. भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की कृपा से मोक्ष प्राप्त होता है।
4. व्रत के माध्यम से मन पवित्र और शरीर स्वस्थ रहता है।
व्रत के नियम
1. गीता पाठ: पूजा के बाद श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ अवश्य करें।
2. ब्रह्मचर्य का पालन: व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें।
3. स्नान और पूजा: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।
4. भोजन संबंधी परहेज:
- चावल और चावल से बनी चीजों का सेवन न करें।
- मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज और मसालेदार भोजन का त्याग करें।
मोक्षदा एकादशी व्रत का पालन व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष प्रदान करता है। भगवान विष्णु की पूजा और व्रत से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है। इस दिन नियमों का पालन करते हुए भगवान का ध्यान और गीता पाठ करना बहुत शुभ माना गया है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications