Purnima Dates in 2025: साल 2025 में कब कब पड़ेगी पूर्णिमा तिथि, जनवरी से लेकर दिसंबर तक देखें लिस्ट

Purnima Dates in 2025: पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रदेव, भगवान शिव, विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

साथ ही, व्रत रखने और पूजा-पाठ करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि हर महीने शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन पड़ती है, जब चंद्रमा का प्रकाश पूर्ण रूप से दिखाई देता है। इसे फुल मून के नाम से भी जाना जाता है।

Purnima Dates in 2025 Check out the list of dates and timings of purnima tithi in 2025

धार्मिक मान्यता के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पूर्णिमा का महत्व है। इस दिन सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह अधिक होता है, जिससे पूजा-पाठ और अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है। यदि आप सच्चे मन से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की आराधना करते हैं, तो आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

2025 में पूर्णिमा तिथियां (Purnima Dates in 2025)

आइए जानते हैं साल 2025 में जनवरी से दिसंबर तक पूर्णिमा तिथियों की सूची:

| तारीख | दिन | महीना | पूर्णिमा का नाम |

| 13 जनवरी 2025 | सोमवार | पौष | पौष पूर्णिमा |
| 12 फरवरी 2025 | बुधवार | माघ | माघ पूर्णिमा |
| 14 मार्च 2025 | शुक्रवार | फाल्गुन | फाल्गुन पूर्णिमा |
| 12 अप्रैल 2025 | शनिवार | चैत्र | चैत्र पूर्णिमा |
| 12 मई 2025 | सोमवार | वैशाख | वैशाख पूर्णिमा |
| 11 जून 2025 | बुधवार | ज्येष्ठ | ज्येष्ठ पूर्णिमा |
| 10 जुलाई 2025 | गुरुवार | आषाढ़ | आषाढ़ पूर्णिमा |
| 9 अगस्त 2025 | शनिवार | श्रावण | श्रावण पूर्णिमा |
| 7 सितंबर 2025 | रविवार | भाद्रपद | भाद्रपद पूर्णिमा |
| 7 अक्टूबर 2025 | मंगलवार | आश्विन | आश्विन पूर्णिमा |
| 5 नवंबर 2025 | बुधवार | कार्तिक | कार्तिक पूर्णिमा |
| 4 दिसंबर 2025 | गुरुवार | मार्गशीर्ष | मार्गशीर्ष पूर्णिमा |

पूर्णिमा के दिन का महत्व और लाभ

1. धार्मिक कार्य:
- इस दिन चंद्रमा का पूजन और भगवान विष्णु व देवी लक्ष्मी की आराधना शुभ मानी जाती है।
- स्नान-दान का महत्व भी विशेष रूप से होता है।

2. सकारात्मक ऊर्जा:
- पूर्णिमा का दिन सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करता है।
- इस दिन की गई पूजा से नकारात्मकता दूर होती है।

3. फलदायी व्रत:
- पूर्णिमा का व्रत रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
- व्रत से आत्मिक शुद्धि और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

4. समृद्धि का प्रतीक:
- देवी लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
- जीवन में सुख और शांति का अनुभव होता है।

पूर्णिमा के दिन के विशेष कार्य

- पवित्र नदियों में स्नान करें।
- जरूरतमंदों को दान-पुण्य करें।
- भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करें।
- घर में साफ-सफाई रखें और घी का दीपक जलाएं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Sunday, December 1, 2024, 9:00 [IST]
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