Latest Updates
-
April Fool's Day 2026: लंगोटिया यारों की 'बत्ती गुल' कर देंगे ये फनी मैसेजेस, हंसी रोकना होगा मुश्किल -
Lucky Signs: घर से निकलते समय इन 5 चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, समझ जाएं जल्द बदल सकती है किस्मत -
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल -
Today Bank Holiday: क्या आज बंद रहेंगे बैंक, स्कूल और शेयर बाजार; जानें आपके शहर का क्या है हाल -
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार
Raksha Bandhan 2024: रक्षाबंधन के बाद कब खोलनी चाहिए राखी? उतारी हुई राखी का क्या करना चाहिए?
Raksha Bandhan 2024: रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई और बहन के प्यार का प्रतीक है। रक्षाबंधन के पावन पर्व को पूरे देश में बड़े ही हर्ष उल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाते हैं। इस दिन शुभ मुहूर्त पर बहन अपने भाई की कलाई पर प्रेम का धागा राखी बांधती है। राखी बांधने के लिए भी शुभ समय का बेसब्री से इंतजार रहता है ताकि वह भाई के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और तरक्की में सहायक हो सके।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राहुकाल और भद्रा काल का त्याग किया जाता है। राहुकाल और भद्र दोनों ही बहुत अशुभ माने जाते हैं। राखी बांधने के लिए मुख्य रूप से उस समय का चयन किया जाता है जिस समय न भद्रा काल हो न राहुकाल। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बांधी गई राखी भाई अपनी कलाई पर बहुत दिनों तक रखता है कुछ लोग तो पूरे वर्ष भर बांधे रखते हैं। क्या पूरे वर्ष भर राखी बांधे रखनी चाहिए? रक्षाबंधन के पश्चात राखी कब खोल देनी चाहिए? आइए जानते हैं-

रक्षाबंधन 2024 पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष आचार्यों के मुताबिक इस वर्ष रक्षाबंधन के पावन पर्व 19 अगस्त दिन सोमवार को है। साथ ही रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:30 से रात्रि 9:08 तक है। रक्षाबंधन को प्रातः काल में राखी बांधने का मुहूर्त तो नहीं मिल रहा है क्योंकि प्रातः काल से ही भद्रा का साया है और यह भद्रा पाताल की है।
कब खोलने चाहिए राखी?
ज्योतिष आचार्य का कहना है कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को श्रावण पूर्णिमा पर मनाते हैं। उस दिन जब आपकी कलाई पर राखी बांध दी जाए तो उसे कम से कम 24 घंटे तक बांधे रखना चाहिए। 24 घंटे यानी पूरा एक दिन। दिन बीत जाने के पश्चात उस राखी को खोलकर उतार देना चाहिए। कई स्थानों पर लोग रक्षाबंधन से जन्माष्टमी तक राखी बांधते हैं उसके पश्चात खोल कर रख देते हैं।
राखी को खोलने को लेकर कोई मुख्य रूप से दिन, तिथि या समय नहीं है। शास्त्रों में भी इसका किसी भी प्रकार का उल्लेख देखने को नहीं मिलता है। इस कारण से लोग कई दिनों तक राखी बांधे रखते हैं। कई तो ऐसे होते हैं जो साल भर तक राखी बांधे रखते हैं। हालांकि ज्योतिष शास्त्रों में शुद्धता का बड़ा ही महत्व बताया गया है यदि आप कई दिनों तक अपनी कलाई पर राखी बांधे रखते हैं तो वह पूर्ण रूप से अशुद्ध हो जाती है जिससे आपको किसी भी प्रकार का दोष लग सकता है।
श्रावण पूर्णिमा के पश्चात भाद्र पद पूर्णिमा से पितृपक्ष प्रारंभ हो जाता है। उस दौरान भी आप राखी बांधे रखते हैं तो वह अशुद्ध हो जाती है। वास्तु शास्त्र में इसका उल्लेख तो देखने को नहीं मिलता है लेकिन अशुद्ध वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करती है। इस कारण से भी आप राखी को एक दिन के पश्चात उतार सकते हैं।
रक्षाबंधन के बाद राखी का क्या करें?
आपके मन में यह प्रश्न होगा कि राखी खोलने के बाद उसका क्या करें? रक्षाबंधन के पश्चात राखी को खोलकर किसी भी पवित्र जलाशय या नदी में विसर्जित करते हैं या फिर उस राखी को अपने पास किसी बॉक्स में पैक करके रख सकते हैं या देव वृक्ष पर भी बांध सकते हैं।
रक्षाबंधन के लिए कैसी हो राखी?
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों को अपने भाइयों के लिए ऐसी राखी को चुनना चाहिए जो देखने में सुंदर, कच्चे धागे, रेशम इत्यादि से बनी हो और प्लास्टिक से निर्मित राखी का प्रयोग भूलकर भी न करें। साथ ही भूरे और काले रंग की राखी भी अपने भाइयों को कभी न बांधे। इसके साथ ही आजकल प्रचलन में चाँदी और सोने की राखी भी है, उसे भी आप बांध सकते हैं। हालांकि यह सभी के लिए संभव नहीं है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











