Latest Updates
-
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित -
15 या 16 मार्च कब है पापमोचिनी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Women's Day 2026: चांद पर कदम, जमीन पर आज भी असुरक्षित है स्त्री; जानें कैसे बदलेगी नारी की किस्मत -
Women’s Day 2026: बचपन के हादसे ने बदली किस्मत, अपनी मेहनत के दम पर मिताली बनीं Supermodel -
Happy Women's Day 2026: महिला दिवस पर 'मां' जैसा प्यार देने वाली बुआ, मौसी और मामी को भेजें ये खास संदेश -
Rang Panchami 2026 Wishes: रंगों की फुहार हो…रंग पंचमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Women's Day 2026 Wishes for Mother: मेरी पहली 'सुपरवुमन' मेरी मां के नाम खास संदेश, जिसने दुनिया दिखाई -
Rang Panchami 2026 Wishes In Sanskrit: रंग पंचमी पर संस्कृत के इन पवित्र श्लोकों से दें देव होली की शुभकामनाएं
Vivah Panchami 2024: विवाह पंचमी पर हुआ था राम-सीता का मिलन, फिर क्यों इस दिन नहीं होते हैं शादी-ब्याह
Vivah Panchami 2024: विवाह पंचमी हिंदू धर्म का एक पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो मार्गशीर्ष (अगहन) माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।
यह दिन भगवान राम और माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन देवी सीता का स्वयंवर हुआ था। भगवान राम ने शिव के धनुष को तोड़कर इस स्वयंवर की शर्त पूरी की और माता सीता से विवाह किया।

मिथिला और नेपाल में विशेष उत्सव
यह पर्व मिथिला (वर्तमान बिहार) और नेपाल में विशेष उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। अयोध्या और जनकपुर में प्रभु राम की बारात निकाली जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा, रामायण पाठ, और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस दिन भगवान राम, देवी सीता, और शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है।
दान-पुण्य का महत्व
विवाह पंचमी के दिन दान-पुण्य करने का भी खास महत्व है। माना जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य व्यक्ति की विवाह संबंधी बाधाओं को दूर कर सकते हैं और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाते हैं। इस दिन सच्चे मन से भगवान की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
विवाह पंचमी पर विवाह न करने की परंपरा
हालांकि विवाह पंचमी धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती है, लेकिन इस दिन विवाह समारोह आयोजित करने से कई स्थानों पर परहेज किया जाता है। इसका कारण पौराणिक कथाओं में भगवान राम और माता सीता के वैवाहिक जीवन में आए दुखद प्रसंग हैं। वनवास के दौरान माता सीता को गर्भवती अवस्था में राम द्वारा त्याग दिया गया था। इस कठिन प्रसंग के कारण विवाह पंचमी के दिन विवाह करना अशुभ माना जाता है।
पर्व का संदेश
विवाह पंचमी भगवान राम और माता सीता के आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है। यह पर्व हमें न केवल उनके प्रेम और समर्पण की याद दिलाता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में आने वाली चुनौतियों और कर्तव्यों से भी अवगत कराता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान राम और माता सीता से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सुखमय बनाने का प्रयास करते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











